Friday, September 3, 2021

नोएडा के डीएम सुहास ने तोक्यो में रचा इतिहास, पैरालिंपिक में लगाएंगे गोल्ड पर दांव

तोक्योभारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और गौतम बुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई ने तोक्यो पैरालिंपिक-2020 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों के LS4 वर्ग के एकल में इंडोनेशिया के सेतिवान फ्रेडी को सीधे गेम में 21-19 और 21-15 से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वह देश के पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने पैरालिंपिक में मेडल पक्का कर लिया है। एसएल4 क्लास में सुहास का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस के लुकास माजूर से होगा। सुहास के अलावा मौजूदा विश्व चैम्पियन प्रमोद भगत भी फाइनल में पहुंच गए, हालांकि मनोज सरकार और तरुण ढिल्लों को सेमीफाइनल में पराजय का सामना करना पड़ा। भगत से भी गोल्ड की उम्मीद दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और एशियाई चैम्पियन 33 वर्ष के भगत ने एसएल3 क्लास में जापान के दाइसुके फुजीहारा को 36 मिनट में 21-11, 21-16 से हराया। इस साल पैरालिंपिक में पहली बार बैडमिंटन खेला जा रहा है लिहाजा स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंचने वाले भगत पहले भारतीय हो गए। उनका सामना ब्रिटेन के डेनियल बेथेल से होगा। ढिल्लो कांस्य पदक के लिए उतरेंगी माजूर ने दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ढिल्लों को करीबी मुकाबले में 21-16, 16-21, 21-18 से हराया। हिसार के 27 वर्ष के ढिल्लों का सामना कांस्य पदक के लिए सेतियावान से होगा। वहीं मनोज को दूसरी वरीयता प्राप्त बेथेल ने 21-8, 21-10 से हराया। मनोज अब कांस्य पदक के लिए फुजीहारा से खेलेंगे। इस क्लासीफिकेशन में आधा कोर्ट की इस्तेमाल होता है तो भगत और फुजीहारा ने लंबी रेलियां लगाई। शुरुआत में भगत 2-4 से पीछे थे लेकिन ब्रेक तक 11-8 से बढ़त बना ली। उसके बाद इस लय को कायम रखते हुए लगातार छह अंक के साथ पहला गेम जीता। दूसरे गेम में उन्होंने विरोधी को कोई मौका ही नहीं दिया। भगत और पलक कोहली मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 सेमीफाइनल भी खेलेंगे। मैच के बाद भगत ने कहा, ‘यह शानदार मैच था। उसने मुझे कुछ अच्छे शॉट्स लगाने के लिए प्रेरित किया। मुझे फाइनल में पहुंचने की खुशी है लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है।’ पांच वर्ष की उम्र में पोलियो के कारण उनका बायां पैर विकृत हो गया था। उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में चार स्वर्ण समेत 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में पिछले आठ साल में उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत जीते। 2018 पैरा एशियाई खेलों में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य जीता। सहास के नाम हैं कई पदक वह देश के पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें पैरालिंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिला है। सुहास इससे पहले युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनैशनल टूर्नामेंट में कांस्य पदक और तुर्की इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुष सिंगल्स का खिताब जीत चुके हैं। वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे नंबर के शटलर सहुास कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक भी जीत चुके हैं। वह जकार्ता पैरा एशियन गेम्स-2018 में कांस्य पदक विजेता पुरुष टीम में शामिल थे। 2017 में टोक्यो में हुए जापान ओपन पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में उपविजेता रहे थे, जबकि युगल एसएल-4 वर्ग में कांस्य पदक जीता था।


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