Saturday, July 31, 2021

हारकर भी दिल जीत लिया भारत का यह 'जख्मी शेर', लोगों ने जज्बे को किया सलाम

नई दिल्ली भारतीय मुक्केबाज सतीश कुमार (Satish Kumar) बेशक अपना क्वॉर्टर फाइनल मुकाबला हार गए हों, बावजूद इसके उन्होंने दिल जीत लिया। चोट के बावजूद सतीश ने इस मुकाबले के लिए रिंग में उतरने का फैसला लिया और वर्ल्ड नंबर वन उज्बेकिस्तान के बाखोदिर जालोलोव (Bakhodir Jalolov) का डटकर सामना किया। ओलिंपिक में सुपर हैवीवेट कैटेगरी में उतरने वाले पहले भारतीय बने सतीश को तोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo 2020) प्री क्वॉर्टर फाइनल में जमैका के बॉक्सर रिकॉर्डो ब्राउन के खिलाफ मैच में ठुड्डी और दाईं आंख पर गहरा कट लगा था। इसके बाद उन्हें 7 टांके लगाने पड़े। सतीश का क्वॉर्टर फाइनल में उतरना तय नहीं था। ऐन मौके पर उन्हें मेडिकल टीम ने अंतिम 8 के मुकाबले में उतरने को हरी झंडी दी। सतीश ने जिस तरह का जज्बा दिखाया वह काबिलेतारीफ है। भारतीय मुक्केबाज की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है। लोग सतीश के जज्बे को सलाम कर रहे हैं जो सात टांके लगने के बावजूद भी देश के लिए रिंग में उतरने से पीछे नहीं हटे। ऐसा रहा सतीश का क्वॉर्टर फाइनल बाउट सतीश कुमार (प्लस 91) विश्व चैम्पियन बखोदिर जालोलोव के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बावजूद क्वॉर्टर फाइनल में हारकर बाहर तोक्यो ओलिंपिक से बाहर हो गए । सतीश 0-5 से हारे। सेना के 32 वर्षीय मुक्केबाज ने अपने दाहिने हाथ से पंच भी जड़े लेकिन जालोलोव पूरे मुकाबले में हावी रहे। तीसरे दौर में सतीश के माथे पर लगा घाव खुल गया लेकिन इसके बावजूद वह लड़ते रहे। फुटबॉलर से मुक्केबाज बने जालोलोव ने अपना पहला ओलिंपिक पदक सुनिश्चित करने के बाद सतीश की बहादुरी की तारीफ की। जालोलोव तीन बार के एशियाई चैम्पियन हैं। सतीश की हार के साथ पुरुष मुक्केबाजी में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।


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कोहली ने पत्नी अनुष्का संग शेयर की लंच डेट वाली सेल्फी, नहीं दिखीं बेटी वमिका

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के (Virat Kohli) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) इनदिनों इंग्लैंड में क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहे हैं। कोहली की अगुआई में टीम इंडिया को 4 अगस्त से मेजबान इंग्लैंड के साथ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। कोहली ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम स्टोरी में पत्नी अनुष्का के साथ खूबसूरत सेल्फी शेयर की। यह सेल्फी शायद लंच के दौरान की है। दोनों के सामने हेल्दी Chickpea Salad रखा हुआ है। हालांकि इस फोटो में बेटी वामिका नहीं दिखाई दे रही हैं। कोहली ने ग्रे कलर का स्वेटशर्ट पहन रखा है। उनके हाथ में गोल्डन महंगी घड़ी दिखाई दे रही है जबकि अनुष्का ने ब्लैक शर्ट और गले में ए लॉकेट वाला चेन पहन रखा है। विराट ने फोटो के साथ सलाद वाली प्लेट शेयर की है जिसमें उन्होंने ओके का इमोजी बनाया है। विराट और अनुष्का की सेल्फी पर फैंस खूब अलग अलग कॉमेंट कर रहे हैं। इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को अनुष्का ने अपने इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप फोटो शेयर किया था जिसमें केएल राहुल (KL Rahul), इशांत शर्मा (Ishant Sharm), उमेश यादव (Umesh Yadav), ऐक्ट्रेस अथिया शेट्टी (Athiya Shetty) और प्रतिमा सिंह (Pratima Singh) नजर आ रही थीं। इस फोटो में विराट की बेटी वामिका भी स्ट्रोलर में थी। हालांकि वामिका (Vaamika Kohli) का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। अनुष्का ने तस्वीर का कैप्शन लिखा था, ' डर हम' साथ साथ हैं।' उन्होंने उल्टा फेस और बटर फ्लाई इमोजी भी बनाया। केएल राहुल और उनकी कथित गर्लफ्रेंड अथिया इस समय दोनों इंग्लैंड में मौजूद हैं। दोनों अभी तक अपने रिश्तों के बारे में कुछ भी आधिकारिक रूप से नहीं कहा है।


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जानें कब और कहां देखें सतीश और बखोदिर के बीच क्वॉर्टर फाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग और टेलिकास्ट

नई दिल्ली भारत के पहले सुपर हैवीवेट (प्लस 91 किलो) मुक्केबाज सतीश कुमार तोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics) खेलों में आज यानी रविवार को क्वॉर्टर फाइनल में मौजूदा एशियाई और वर्ल्ड चैंपियन उज्बेकिस्तान के बॉक्सर बखोदिर जालोलोव ( Satish Kumar vs Bakhodir Jalolov) के खिलाफ रिंग में उतरेंगे। सतीश ओलिंपिक के सुपर हैवीवेट कैटेगरी में उतरने वाले भारत के पहले मुक्केबाज हैं। भारतीय मुक्केबाज ने राउंड ऑफ 16 मुकाबले में जमैका के रिकार्डो ब्राउन को 4-1 से हराकर अंतिम 8 में जगह बनाई है। यदि सतीश इस मुकाबले को जीतने में सफल रहते हैं तो उनका पदक पक्का हो जाएगा। दूसरी ओर जलालोलोव ने अजरबैजान के मोहम्मद अब्दुल्लायेव को 5-0 से हराकर क्वॉर्टर फाइनल का टिकट कटाया है। जलालोलोव ने 2021 एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता है। भारतीय सुपर हैवीवेट बॉक्सर सतीश कुमार और उज्बेकिस्तान के बखोदिर जालोलोव के बीच क्वॉर्टर फाइनल कब खेला जाएगा? सतीश कुमार और बखोदिर के बीच क्वॉर्टर फाइनल बाउट रविवार (1 अगस्त 2021) को खेला जाएगा। सतीश कुमार और बखोदिर तोक्यो ओलिंपिक खेलों के सुपर हैवीवेट अंतिम8 के मुकाबले में कहां भिड़ेंगे? सतीश कुमार और बखोदिर तोक्यो ओलिंपिक खेलों के सुपर हैवीवेट अंतिम 8 के मुकाबले में कोकुगिकन एरीना में आमने सामने होंगे। सतीश कुमार और बखोदिर के बीच अंतिम8 का मुकाबला कितने बजे से खेला जाएगा? सतीश कुमार और बखोदिर के बीच अंतिम8 का मुकाबला सुबह 9:36 बजे से खेला जाएगा। सतीश कुमार और बखोदिर के बीच क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण कहां देख सकते हैं? सतीश कुमार और बखोदिर के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण आप सोनी टेन 2, सोनी टेन 2 एचडी, सोनी सिक्स और सोनी सिक्स एचडी पर देख सकते हैं। सतीश कुमार और बखोदिर के बीच क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें ? बॉक्सर सतीश कुमार और बखोदिर के बीच अंतिम 8 मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग आप सोनी लिव एप्प पर देख सकते हैं।


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PAK v WI T20: पूरन की अर्धशतकीय पारी बेकार, रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने विंडीज को हराया

नई दिल्ली पाकिस्तान पहले टी20 मैच में वेस्टइंडीज (Pakistan v West Indies 1st T20) को 7 रन से हराकर 4 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मेहमान पाकिस्तान की ओर से रखे गए 158 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान विंडीज टीम 4 विकेट पर 150 रन ही बना सकी। पाकिस्तान की ओर से अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज (Mohammad Hafeez) ने अपने 4 ओवर के कोटे में सिर्फ 6 रन दिए और एक विकेट झटका। इससे पहले विंडीज के कप्तान कायरन पोलार्ड (Kieron Pollard) ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। पाकिस्तान ने (Babar Azam Half Century) के अर्धशतक और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान के 36 गेंदों पर खेली गई 46 रन की पारी के दम पर 8 विकेट पर 157 रन बनाए। बाबर ने 40 गेंदों पर 51 रन की पारी खेली जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। ओपनर शार्जील खान 16 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हुए वहीं फखर जमां (Fakhar Zaman) ने 11 गेंदों पर 15 रन बनाए। पाकिस्तान ने 8 विकेट पर 157 रन बनाए। विंडीज की ओर से अनुभवी जेसन होल्डर (Jason Holder) ने 26 रन देकर 4 विकेट झटके। ड्वेन ब्रावो ने दो विकेट निकाले। निकोलस पूरन ने सबसे अधिक नाबाद 62 रन बनाए लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज टीम की ओर से (Nicholas Pooran) ने सबसे अधिक नाबाद 62 रन बनाए। पूरन ने अपनी इस पारी में 33 गेंदों पर 4 चौके और 6 छक्के लगाए। 35 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए हेटमेयर ओपन इविन लुइस 33 गेंदों पर 35 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। शिमरोन हेटमेयर ने 18 गेंदों पर 17 जबकि क्रिस गेल ने 20 गेंदों पर 16 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से हफीज, शाहीन अफरीदी, हसन अली और मोहम्मद वसीम ने एक एक विकेट लिया।


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सिंधु को हिंदुस्तान से पिता का संदेश, बोले- हार को भुलाकर ब्रॉन्ज के लिए लड़ो बेटी

हैदराबादपीवी सिंधु के पिता पीवी रमन्ना ने शनिवार को कहा कि उनकी बेटी को सेमीफाइनल में विश्व की नंबर एक ताइ जु यिंग से मिली पीड़ादायक हार को भुलाकर तोक्यो ओलिंपिक के महिला एकल में रविवार को चीन की ही बिंग जियाओ के खिलाफ होने वाले कांस्य पदक मैच के लिए नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। मौजूदा विश्व चैंपियन सिंधु का सेमीफाइनल में हार से स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया, लेकिन उनके पास कांस्य पदक जीतने का मौका है जिसके लिए वह रविवार को बिंग जियाओ का सामना करेगी। भारत की 1986 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता वॉलीबॉल टीम के सदस्य रहे रमन्ना ने पत्रकारों से कहा, ‘कल हमें अधिक सतर्क रहना होगा और उसे देश के लिए पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘उसे हार भुलानी होगी हालांकि किसी भी खिलाड़ी के लिए तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेलना पीड़ादायक होता है, उसे रविवार के मैच को एक नए मैच के रूप में लेना चाहिए।’


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हार के बावजूद मेरी कॉम का जोश हाई, कहा- संन्यास का कोई इरादा नहीं, 40 साल तक खेलूंगी

नई दिल्ली छह बार की विश्व चैंपियन बॉक्सर एमसी मेरी कॉम फिलहाल संन्यास लेने के बारे में नहीं सोच रही। 29 जुलाई को प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर उनके दूसरे ओलिंपिक मेडल का सपना भी टूट गया। बावजूद इसके उनके जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। कई बार की एशियाई चैंपियन और 2012 लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता मेरी कॉम ने इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सकी। भारत लौटने पर 38 वर्षीय महान मुक्केबाज से जब उनके करियर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि वह 40 की उम्र तक खेल सकती हैं। जिस बाउट में मेरी कॉम हारी वह विवादों में थी। जब रैफरी ने मुकाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया तो मेरी कॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। जिस तरीके से वालेंसिया पहली घंटी बजने के बाद भागी थी, उससे लग रहा था कि यह मुकाबला कड़ा होने वाला है और ऐसा ही हुआ। शुरू से ही दोनों मुक्केबाज एक दूसरे पर मुक्के जड़ रही थीं, लेकिन वालेंसिया ने शुरूआती राउंड 4-1 से अपने नाम कर दबदबा बना लिया। मणिपुर की अनुभवी मुक्केबाज मेरी कॉम ने शानदार वापसी कर दूसरे और तीसरे राउंड को 3-2 से अपने नाम किया। पर शुरुआती राउंड की बढ़त से वालेसिंया इस मुकाबले को जीतने में सफल रहीं। भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे और तीसरे राउंड में दाहिने ‘हुक’ का बखूबी इस्तेमाल किया। मेरी कॉम 2019 विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में पहले वालेंसिया को हरा चुकी हैं। कोलंबियाई मुक्केबाज की यह मेरी कॉम पर पहली जीत है। 32 साल की वालेंसिया भी अपने देश के लिए मैरी कॉम की ही तरह काफी अहम खिलाड़ी हैं। वह पहली महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया।


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नोवाक जोकोविच ने मैच के दौरान खोया आपा, तोड़ा रैकेट, वीडियो हो रहा वायरल

तोक्योविश्व के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच को पुरुष एकल वर्ग के मुकाबले में स्पेन के पाब्लो कारेनो बुस्ता के हाथों कांस्य पदक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। बुस्ता ने जोकोविच को शनिवार को हुए मुकाबले में 6-4, 6-7 (8-6), 6-3 से हराकर कांस्य पदक जीता। इस हार के बाद नोवाक जोकोविच इतना गुस्सा हुए कि उन्होंने अपना रैकेट नेट पर दे मारा। उन्होंने न केवल एक रैकेट तोड़ा बल्कि कई बार खुद से कंट्रोल खोते नजर आए। इस मोमेंट का वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। उनके इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। दरअसल, जोकोविच के पास तोक्यो ओलिंपिक में गोल्डन स्लैम जीतने का मौका था। वह 2021 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन का खिताब जीता था। ओलिंपिक में राफेल नडाल और रोजर फेडरर जैसे खिलाड़ियों के नहीं होने से जोकोविच के पास गोल्डन स्लैम हासिल करने का बेहतर मौका था। लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं पाए। मिक्स्ड डबल्स से हटे जोकोविच कांस्य पदक मुकाबला गंवाने के कुछ घंटे बाद ही कंधे में चोट के कारण मिक्स्ड युगल के कांस्य पदक मैच से हट गए। जोकोविच और निना स्टोजानकोविच की सर्बियाई टीम का मिक्सड युगल के कांस्य पदक मुकाबले में सामना महिला एकल वर्ग की नंबर-1 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी और जॉन पियर्स से होना था लेकिन मैच शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ ने ट्वीट कर बताया कि एकल वर्ग में 20 ग्रैंड स्लैम के विजेता जोकोविच मैच से हट गए हैं।


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पाकिस्तानी क्रिकेटर ने T20 में बनाया वर्ल्ड रेकॉर्ड, विराट सहित दिग्गज छूटे पीछे

गुएनापाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दूसरे टी-20 इंटरनैशनल मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 157 रनों का स्कोर खड़ा किया। उसके लिए कप्तान बाबर आजम ने सबसे अधिक 40 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्के की मदद से 51 रन बनाए, जबकि जेसन होल्डर ने सबसे अधिक 4 विकेट झटके। पाकिस्तान के लिए विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान ने 36 गेंदों में 2 चौके और 2 छक्के की मदद से 46 रनों की बेहतरीन पारी खेली। रिजवान ने इस दौरान एक खास वर्ल्ड रेकॉर्ड भी कायम किया। उन्होंने एक कैलेंडर इयर में सबसे अधिक टी-20 इंटरनेशनल रन बनाने का रेकॉर्ड बनाया। उन्होंने आयरलैंड के पॉल स्टार्लिंग के 748 रनों के स्कोर को पीछे छोड़ा। स्टार्लिंग ने यह रेकॉर्ड 2019 में बनाया था।
  • 752 रन - मोहम्मद रिजवान
  • 748 रन - पॉल स्टार्लिंग
  • 729 रन - केविन ओब्रायन
  • 689 रन - शिखर धवन
  • 641 रन - विराट कोहली
  • 590 रन - रोहित शर्मा
  • 576 रन - फखर जमां
एक कैलेंडर इयर में सबसे अधिक रनों की बात की जाए तो वनडे में यह रेकॉर्ड सचिन तेंडुलकर (1998 में 1894) के नाम है, जबकि टेस्ट में पाकिस्तान के मोहम्मद युसूफ (2006 में 1788) के नाम दर्ज है।


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कश्मीर को क्रिकेट से जोड़ पाकिस्तान ने की साजिश, BCCI ने बैंड बजा दी

नई दिल्ली अबतक आप हर्शल गिब्स को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 रन की आतिशी पारी के लिए याद करते रहे होंगे। जिसके बूते दक्षिण अफ्रीका ने वनडे में ऐतिहासिक 434 रन का लक्ष्य साधा था। मगर अब यह धाकड़ प्रोटिज खिलाड़ी गलत कारणों की वजह से चर्चा में है। 2010 में आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलने वाले गिब्स ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीसीसीआई पर लगाए संगीन आरोपहर्षल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि वह में खेलने वाले हैं। यही वजह है कि BCCI उन्हें धमकी दे रहा है। 47 वर्षीय पूर्व दिग्गज इतने में ही नहीं रूका बीसीसीआई के सचिव जय शाह पर भी आरोप लगा दिए कि उनपर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट के डायरेक्टर और पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ से दबाव बनाया जा रहा है। क्या पीसीबी की कठपुतली बन गए गिब्स? गिब्स ने शनिवार को ट्वीट किया और लिखा कि BCCI ने उन्हें कश्मीर लीग का हिस्सा बनने पर भविष्य में भारत में किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधियों पर शामिल नहीं करने की धमकी दी गई है। बकौल गिब्स, 'पाकिस्तान के साथ अपने राजनीतिक एजेंडे के चलते BCCI मुझे कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा है, जिसकी जरूरत नहीं है। साथ ही मुझे क्रिकेट से जुड़े किसी भी काम के लिए भारत में एंट्री न देने की धमकी दी जा रही है।' पाक की नापाक हरकत, बौखलाया पीसीबीपाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए गए कश्मीर के हिस्से (POK) में टी-20 लीग करवा रहा है। पहली बार होने जा रहे इस टूर्नामेंट में छह टीम खेलेंगी, जिसकी शुरुआत छह अगस्त से होने जा रही है। खिताबी मुकाबला 17 अगस्त को होगा। हर्शल गिब्स ओवरसीज वॉरियर्स टीम का हिस्सा हैं। मुजफ्फराबाद टाइगर्स, बाग स्टैलियन, रावलाकोट हॉक्स, कोटली लायंस और मीरपुर रॉयल्स जैसी अन्य टीमों के लिए पीसीबी ने कई विदेशी खिलाड़ियों को भी साइन किया है। BCCI ने नहीं दिया है कोई आधिकारिक बयानइस बीच बीसीसीआई ने हर्शल गिब्स और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के आरोपों पर कड़ा एतराज जताया है। भारतीय बोर्ड की माने तो वह खेल का सम्मान करता है। मैच फिक्सिंग मामले में सीबीआई की जांच का सामना कर चुके गिब्स को आड़े हाथों लेते हुए भारतीय बोर्ड ने पीसीबी की जमकर बैंड बजाई। एक अधिकारी ने एएनआई से कहा, 'पीसीबी भारतीय बोर्ड से ईर्ष्या करता है। जिस तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में न खिलाने का फैसला हमारा अंदरुनी मसला है।'


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आंख और ठुड्डी पर गहरा कट, लगे 7 टांके... सतीश कुमार का कल है QF मुकाबला

तोक्योतोक्यो ओलिंपिक में भारत की एक और मेडल की उम्मीद को झटका लगते दिख रहा है। भारत के पहले सुपर हैवीवेट (प्लस 91 किलो) मुक्केबाज सतीश कुमार को 7 टांके लगे हैं और डॉक्टर्स की सलाह के बाद ही वह एक अगस्त को होने वाले क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में उतर सकेंगे। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस बात की पुष्टि की है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अजय सिंह ने कहा- बॉक्सर को 7 टांके लगे है। अगर डॉक्टर्स अनुमति देते हैं तो वह रिंग में उतरेंगे। दरअसल, जमैका के रिकार्डो ब्राउन के खिलाफ मुकाबले में सतीश की ठुड्डी और दाईं आंख पर गहरा कट लगा था। इसके बाद उन्हें 7 टांके लगाने पड़े हैं। सतीश ने इस मुकाबले में 4-1 से जीत दर्ज की थी। अगर सतीश एक और मुकाबला जीत लेते हैं तो उनका मेडल पक्का हो जाएगा। अब सतीश का सामना उजबेकिस्तान के बखोदिर जालोलोव से है जो मौजूदा विश्व और एशियाई चैंपियन हैं। जालोलोव ने अजरबैजान के मोहम्मद अब्दुल्लायेव को 5-0 से हराया। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले सतीश सेना में हैं और पहले कबड्डी खेलते थे। सेना के कोचों ने उनकी अच्छी कद काठी देखकर उन्हें मुक्केबाजी खेलने का मौका दिया। फाइट के बाद भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफॉर्मेंस निदेशक सैंटियागो नीवा ने कहा था, ‘उन्हें मुकाबले के दौरान तीन बार सिर पर प्रहार के कारण कट लगा है। सतीश ने काफी संभलकर उसका सामना किया वरना ब्राउन के कद काठी को देखते हुए गंभीर चोट लग सकती थी।’


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कांसे के लिए भिड़ेंगी सिंधु, हॉकी का भी बड़ा मैच, रविवार को ओलिंपिक में भारत का कार्यक्रम

तोक्यो ओलिंपिक खेलों में भारत के लिए रविवार का दिन बेहद अहम है। रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु भारत को कांस्य पदक दिला सकती है। भारतीय मेंस हॉकी टीम क्वार्टर फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन से भिड़ेंगी। मनप्रीत सिंह की टीम के पास ओलिंपिक में भारत के गौरवशाली इतिहास को बढ़ाने का सुनहरा मौका है। देखना होगा नया दिन, नया माह और पहली तारीख क्या खेलों के महाकुंभ में भारत का भाग्य भी बदल पाएगी? रविवार को भारत के मुकाबले (भारतीय समयानुसार)
  • गोल्फ: अनिर्बान लाहिड़ी और उदयन माने, पुरुषों का व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले, 4:15 AM
  • बैडमिंटन: महिला एकल कांस्य पदक मुकाबला, पीवी सिंधु बनाम ही बिंग जियाओ (चीन), 5:00 PM
  • मुक्केबाजी: पुरुष 91 किग्रा से अधिक भार वर्ग, सतीश कुमार, 9:36 AM
  • हॉकी: पुरुष क्वार्टर फाइनल, भारत बनाम ब्रिटेन 05:30 PM
  • घुड़सवारी: क्रॉस कंट्री, व्यक्तिगत स्पर्धा, फवाद मिर्जा, 05:18 AM
ओलिंपिक में 31 जुलाई का प्रदर्शनशनिवार का दिन भारत के लिए मिला-जुला रहा। कोई मेडल तो नहीं मिला, लेकिन पदक की आस बरकरार है। महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पीवी सिंधु महिला एकल के सेमीफाइनल में ताइ जु यिंग (चीनी ताइपै) से 18-21, 12-21 से हारी। कांस्य पदक के लिए ही बिंग जियाओ (चीन) से भिड़ेगी। कमलप्रीत कौर ने महिलाओं की चक्का फेंक स्पर्धा में 64 मीटर चक्का फेंककर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, लेकिन सीमा पूनिया 16वें स्थान पर रहने से बाहर। मुक्केबाजो ने निराश कियाअमित पंघाल पुरुषों के 52 किग्रा भार वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में युबेरजेन मार्तिनेज (कोलंबिया) से 1-4 से हार गए। पूजा रानी महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग क्वार्टर फाइनल में लि कियान (चीन) से 0-5 से हार गई। अगर पूजा रानी मुकाबला जीत जाती तो लवलीना की ही तरह सेमीफाइनल में पहुंचते ही भारत का एक और पदक पक्का हो जाता। निशानेबाजों का खराब प्रदर्शन जारीअंजुम मोदगिल और तेजस्विनी सावंत महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा में क्रमश: 15वें और 33वें स्थान पर रहकर फाइनल्स में जगह नहीं बना पाई। तीरंदाजी में अतनु दास पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा के प्री क्वार्टर फाइनल में ताकाहारू फुरूकावा (जापान) से 4-6 से हारकर बाहर हो गए।


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वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान दूसरा टी-20, यहां देखें मैच का स्कोर कार्ड

वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान दूसरा टी-20, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर कार्ड

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130 करोड़ भारतीयों का स्वर्णिम सपना चकनाचूर, सेमीफाइनल में आखिर कहां चूक गईं सिंधु?

तोक्योभारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का तोक्यो ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का सपना शनिवार को यहां चीनी ताइपै की विश्व में नंबर एक ताइ जु यिंग के हाथों सीधे गेम में हार के साथ ही टूट गया। रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने ताइ जु को पहले गेम में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में उन्हें 40 मिनट तक चले मैच में 18-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु के पास अब ओलिंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली महिला भारतीय खिलाड़ी बनने का मौका है। वह रविवार को कांस्य पदक के लिए चीन की ही बिंग जियाओ से भिड़ेगी जिन्हें हमवतन चेन यू फेई ने पहले सेमीफाइनल में 21-16, 13-21, 21-12 से हराया था। इन दोनों खिलाड़ियों के बीव सेमीफाइनल से पहले 18 मैच खेले गए थे जिनमें ताइ जु ने 13 मैच जीते थे और उन्होंने अपने इस दबदबे को शनिवार को भी बरकरार रखा। चीनी ताइपै की खिलाड़ी को हालांकि शुरू में लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा लेकिन भारतीय खिलाड़ी उन पर दबाव नहीं बना पायी। ताइ जु ने शुरुआती गेम में पहले दो अंक बनाए लेकिन इसके बाद सिंधु अधिक आक्रामक दिखी और उन्होंने लगातार पांच अंक बनाकर स्कोर 5-2 से अपने पक्ष में कर दिया। सिंधु ने इस बीच नियंत्रित खेल दिखाया और अपनी पहुंच का अच्छा इस्तेमाल किया। दोनों खिलाड़ियों ने करारे स्मैश और चतुरता से भरे ड्रॉप शॉट का अच्छा नजारा दिखाया। सिंधु ने 8-4 के स्कोर पर शॉट बाहर खेलकर ताइ जु को अंक दिया लेकिन भारतीय खिलाड़ी इंटरवल तक 11-8 से आगे रही। ताइ जु ने इसके बाद लगातार तीन अंक बनाकर स्कोर 11-11 से बराबर किया। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे को 18-18 के स्कोर तक बराबरी की टक्कर दी लेकिन चीनी ताइपै की खिलाड़ी ने यहां से लगातार तीन अंक बनाकर ताकतवर स्मैश से पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम के शुरू में सिंधु आगे थी लेकिन ताइ जु ने बेहतरीन ड्राप शॉट से स्कोर 4-4 से बराबर किया और लगातार चार अंक के साथ 7-4 से बढ़त हासिल कर दी। भारतीय खिलाड़ी ने अपनी तरफ से अच्छे प्रयास किए लेकिन ताइ जु ने उन्हें कोर्ट पर काफी छकाया और इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बनाकर सिंधु को दबाव में ला दिया। ताइ जु ने इसके बाद भी अपना दबदबा बरकरार रखा। सिंधु ने करारे स्मैश से स्कोर 8-13 किया लेकिन ताइ जु ने लगातार तीन अंक बनाए और फिर आठ मैच पॉइंट में से पहले पर ही मैच अपने नाम किया। छठी वरीयता प्राप्त सिंधु ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में जापान की विश्व में पांचवें नंबर की अकाने यामागुची को हराया था। इससे पहले पुरुष एकल में बी साई प्रणीत तथा चिराग शेट्टी और सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी की पुरुष युगल जोड़ी नाकआउट में जगह बनाने में नाकाम रही थी।


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भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह

तोक्यो ने कमाल कर दिया। ओलिंपिक इतिहास में पहली बार अपनी महिलाएं क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। शनिवार को भारत के सामने दो चुनौतियां थी। पहले तो उसे 'करो या मरो' के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराना था फिर उम्मीद लगानी थी कि ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड को हरा दे। शायद सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों की प्रार्थनाएं काम कर गईं। अब क्वार्टर फाइनल में रानी रामपाल की टीम की टक्कर मजबूत ऑस्ट्रेलिया से होगी। भारत ने 4-3 से दक्षिण अफ्रीका को हरायास्ट्राइकर वंदना कटारिया के ऐतिहासिक तीन गोल के बूते भारत ने निचली रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को 4-3 से हराकर तोक्यो ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश की उम्मीदें बरकरार रखी। वंदना ने चौथे, 17वें और 49वें मिनट में गोल किया। वह ओलिंपिक के इतिहास में तीन गोल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई। नेहा गोयल ने 32वें मिनट में एक गोल दागा। दक्षिण अफ्रीका के लिए टेरिन ग्लस्बी (15वां), कप्तान एरिन हंटर (30वां) और मेरिजेन मराइस (39वां मिनट) ने गोल दागे। ग्रेट ब्रिटेन की जीत से मिला ऑक्सीजनभारत ने ग्रुप चरण में पहले तीन मैच हारने के बाद आखिरी दो मैचों में जीत दर्ज की, इससे भारत पूल ए में चौथे स्थान पर आ गया, लेकिन ग्रुप ए के आखिरी पूल मैच में अगर ग्रेट ब्रिटेन आयरलैंड को हरा देता या ड्रॉ खेलता तो आयरलैंड टीम पिछड़ जाती। हुआ भी ऐसा ही। मैच 2-0 से ग्रेट ब्रिटेन के पक्ष में रहा। लगातार चौथी हार के साथ आयरलैंड का सफर यही खत्म हो गया। अब हर पूल से शीर्ष चार टीमें नॉकआउट चरण खेलेंगी। ‘हम जीतने के लिए ही आए थे'भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच मारिन ने कहा, ‘प्रदर्शन में निरंतरता जरूरी है। टीम अगर क्वार्टर फाइनल में पहुंचती है तो वहां हालात एकदम अलग होंगे। कल हमने बहुत अच्छा खेला और फिर आज लगातार दूसरे दिन मैच खेलना था। हमारे बेसिक्स आज उतने सही नहीं थे जितने कि कल। हम जीतने के लिये ही आए थे। क्वार्टर फाइनल से नई शुरूआत होती है और पूल मैचों का प्रदर्शन मायने नहीं रखता। वहां अलग ही तरह का खेल होता है। अच्छी बात यह है कि हमारे लिए आखिरी दो मैच भी नॉकआउट की तरह ही थे।’ ओलिंपिक में भारतीय महिलाओं का सफर1980 में पहली बार भारत की महिला हॉकी टीम ने ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। हालांकि तब टीम चौथे स्थान पर जरूर रही थी, लेकिन उस वक्त क्वार्टर फाइनल नहीं होता था। जिम्बाब्वे ने गोल्ड जीता था। चेकोस्लोवाकिया के हिस्से में सिल्वर आया था। कांस्य सोवियत यूनियन ने कब्जाया था। फिर अगले ओलिंपिक में खेलने के लिए भारतीय महिलाओं को 36 साल का इंतजार करना पड़ा। 2016 के रियो ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम बिना कोई मैच जीते अंतिम स्थान पर रही थी। बीते चार साल में टीम में क्रांतिकारी निखार आया। भले भारतीय महिला हॉकी टीम को मेंस टीम की तरह लाइमलाइट नहीं मिला, लेकिन इस बार एक नई उम्मीद जागी है। भारतीय मेंस टीम की टक्कर ग्रेट ब्रिटेन सेआठ बार की ओलिंपिक चैंपियन भारतीय हॉकी टीम ब्रिटेन के खिलाफ रविवार को जब क्वार्टर फाइनल में उतरेगी। ओलिंपिक में भारत को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था, उसके बाद से भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई और 1984 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में पांचवें स्थान पर रहने के बाद वह इससे बेहतर नहीं कर सकी। बीजिंग में 2008 ओलिंपिक में टीम पहली बार क्वालीफाई नहीं कर सकी और 2016 रियो ओलिंपिक में आखिरी स्थान पर रही। देश में हॉकी का ग्राफ लगातार नीचे चला गया। पिछले पांच साल में हालांकि भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार आया है, जिससे वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंची।


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गजब! 10.61 सेकंड में 100 मीटर की दौड़, गोल्ड-सिल्वर, ब्रॉन्ज एक ही देश के नाम

तोक्योजमैका की ऐलेन थॉमसन ने महिलाओं की 100 मीटर फर्राटा दौड़ का गोल्ड मेडल जीतते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने रेस 10.61 सेकंड में पूरी की, जो ओलिंपिक रेकॉर्ड भी है। रोचक बात यह है कि इस इवेंट के तीनों मेडल जमैकन ऐथलीट के ही नाम रहा। शेली एन फेसर प्राइस ने 10.74 सेकंड के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि शेरिका जैक्सन ने 10.76 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। यही नहीं, थॉमसन फिलहाल धरती की सबसे तेज धावक बन गई हैं। हालांकि, ऑल टाइम रेकॉर्ड अमेरिका की फ्लोरेंस ग्रिफिथ जॉयनर के नाम है। उन्होंने 16 जुलाई 1988 को यूएस ओलिंपिक ट्रायल्स में महज 10.49 सेकंड में रेस पूरी करने का वर्ल्ड रेकॉर्ड कायम किया था। यह रेकॉर्ड आज भी बरकरार है।


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श्रीलंकाई ऑलराउंडर इसुरू उडाना ने लिया संन्यास, IPL में विराट सेना का रहे हैं हिस्सा

कोलंबोश्रीलंका के गेंदबाजी ऑलराउंडर इसुरू उडाना ने शनिवार को तुरंत प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इस तरह उन्होंने एक दशक से लंबे करियर का अंत किया। उडाना ने 12 साल के अपने करियर में केवल 21 वनडे और 35 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने सिर्फ 45 विकेट हासिल किये हैं। वह गुरुवार को भारत के खिलाफ समाप्त हुई सीमित ओवर की श्रृंखला का हिस्सा थे। 33 साल का यह खिलाड़ी हालांकि घरेलू और फेंचाइजी क्रिकेट खेलना जारी रखेगा। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में दो सत्र पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का प्रतिनिधित्व किया था। उडाना ने ट्विटर पर बयान में कहा, ‘क्रिकेट हमेशा मेरा प्यार था और बना रहेगा। मैंने हमेशा राष्ट्रीय सम्मान और खेल भावना को बरकरार रखते हुए मैदान के अंदर और बाहर अपना शत प्रतिशत दिया।’ इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह उनके संन्यास लेने का सही समय था।


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4 दशक बाद ओलिंपिक सेमीफाइनल में जगह बनाने से एक कदम दूर भारतीय हॉकी टीम

तोक्यो आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन ब्रिटेन के खिलाफ रविवार को जब क्वार्टर फाइनल में उतरेगी तो उसका इरादा चार दशक बाद ओलिंपिक पदक जीतने की दिशा में अगला कदम रखने के साथ उस गौरवशाली इतिहास को दोहराने का भी होगा । ओलिंपिक में भारत को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने पीला तमगा जीता था । उसके बाद से भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई और 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पांचवें स्थान पर रहने के बाद वह इससे बेहतर नहीं कर सकी । 2008 ओलिंपिक में क्वालीफाई भी नहीं कर पाई टीम बीजिंग में 2008 ओलंपिक में टीम पहली बार क्वालीफाई नहीं कर सकी और 2016 रियो ओलंपिक में आखिरी स्थान पर रही । देश में हॉकी का ग्राफ लगातार नीचे चला गया । पिछले पांच साल में हालांकि भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में जबर्दस्त सुधार आया है जिससे वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंची । दो साल पहले कोच बने ऑस्ट्रेलिया के ग्राहम रीड के आने के बाद से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, आत्मबल और फिटनेस का स्तर बढा है । पहले दबाव के आगे घुटने टेकने वाली टीम अब आखिरी मिनटों तक हार नहीं मानती । शानदार फॉर्म में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के हाथों 1 . 7 से मिली हार के अलावा भारतीय टीम ने अभी तक शानदार हॉकी खेली है । पांच में से चार मैच जीतकर टीम पूल ए में दूसरे स्थान पर है। दूसरी ओर ब्रिटेन ने दो जीत दर्ज की और दो हार तथा एक ड्रॉ के बाद वह पूल बी में तीसरे स्थान पर है । भारत ने ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद लगातार तीन मैच जीते हैं । रैंकिंग में भी देखें तो भारत तीसरे और ब्रिटेन पांचवें स्थान पर है। मनदीप सिंह की अगुवाई में फॉरवर्ड पंक्ति को हालांकि मौकों को भुनाना होगा । भारत की ताकत मिडफील्ड हैजिसमें कप्तान मनप्रीत सिंह और नीलाकांता शर्मा होंगे । 8 बार भिड़ चुकीं हैं टीमें ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह , रूपिंदर पाल सिंह, अमित रोहिदास और वरूण कुमार से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी । डिफेंस को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। कोच रीड ने पिछले मैच के बाद कहा था ,‘हमने वह लय हासिल करने की कोशिश की है जो क्वार्टर फाइनल में चाहिये । कुछ अच्छे फील्ड गोल किये और मौके भी बनाये लेकिन सर्कल के भीतर बेहतर प्रदर्शन करना होगा ।’ ओलिंपिक में भारत और ब्रिटेन का सामना आठ बार हुआ है और दोनों टीमें चार चार बार जीती हैं ।


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ओलिंपिक: मैच हारी हो, हौसला मत हारना... पीवी सिंधु के सपोर्ट में उतरे फैंस

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का तोक्यो ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का सपना शनिवार को चीनी ताइपे की विश्व में नंबर एक ताइ जु यिंग के हाथों सीधे गेम में हार के साथ ही टूट गया। रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने ताइ जु को पहले गेम में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में उन्हें 40 मिनट तक चले मैच में 18-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु के पास अब ओलिंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का मौका है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं...

भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को चल रहे तोक्यो ओलिंपिक के सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व की नंबर-1 चीनी ताइपे की ताई जू यिंग के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा है।


PV Sindhu Loses Semi-Final: मैच हारी हो, हौसला मत हारना... पीवी सिंधु के सपोर्ट में उतरे फैंस

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का तोक्यो ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का सपना शनिवार को चीनी ताइपे की विश्व में नंबर एक ताइ जु यिंग के हाथों सीधे गेम में हार के साथ ही टूट गया। रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने ताइ जु को पहले गेम में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में उन्हें 40 मिनट तक चले मैच में 18-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु के पास अब ओलिंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का मौका है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं...





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तोक्यो ओलिंपिक: पीवी सिंधु सेमीफाइनल में हारीं, पर मेडल की आस अब भी है बाकी

तोक्यो रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट और स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को तोक्यो ओलिंपिक के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताई जू यिंग से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही पीवी सिंधु और 130 करोड़ भारतीयों की गोल्डन उम्मीदों ने दम दोड़ दिया। ताई ने यह मुकाबला सीधे गेम में 21-18 और 21-12 से अपने नाम करते हुए फाइनल में जगह बना ली। हालांकि, अभी भी उनकी ब्रॉन्ज मेडल जीतने की उम्मीद बाकी है। उनका ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला चीन की ही बिंग जिआओ से होगा। पहला गेम: सिंधु ने अच्छी शुरुआत के बाद खोया लयपीवी सिंधु ने आक्रामक शुरुआत की और कुछ ही देर में 7-4 की बढ़त बना ली। नेट शॉट और स्मैश का सिंधु ने जबरदस्त इस्तेमाल किया और बढ़त 11-7 तक पहुंचा दी। हालांकि, ताई ने जोरदार वापसी की और स्कोर 13-13 पर बराबर ला दिया। यहां से दोनों स्टार शटलर एक-एक पॉइंट के लिए जूझती नजर आईं। 16-16, 17-17 और 18-18 तक मुकाबला बराबरी पर रहा। यहीं यिंग ने लगातार 3 पॉइंट लेते हुए गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया। दूसरा गेम: दबाव और दिशाहीन शॉट ने बिगाड़ा खेलगेम की शुरुआत कांटे की रही। दोनों खिलाड़ी एक-एक पॉइंट के लिए जूझती दिखीं। हालांकि, सिंधु ने दिशाहीन शॉट खेले,जिसका फायादा ताई को हुआ। उसने 4-4 के स्कोर के बाद जो पॉइंट्स लेने शुरू किए तो सिंधु पर दबाव बढ़ता चला गया। मैच जब खत्म हुआ तो चीनी ताइपे शटलर 21-12 से गेम अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल का सफरचीनी ताइपे की दूसरी वरीय ताई जु यिंग से ने दूसरे क्वॉर्टर फाइनल में थाइलैंड की रतचानोक इंतानोन को 14-21, 21-18, 21-18 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर, पीवी सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। हेड टु हेडइससे पहले यिंग का सिंधु के खिलाफ जीत का रेकॉर्ड 13-7 था। सिंधु पिछले तीन मुकाबलों में ताई जु से हारी थीं, लेकिन वह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट जैसे 2016 रियो ओलिंपिक, 2019 विश्व चैम्पियनशिप और 2018 विश्व टूर फाइनल्स में ताईवानी शटलर को पराजित करने में सफल रही थीं। रियो ओलिंपिक में भी हुई थी भिड़ंतइन दोनों शटलरों का आमना-सामना रियो ओलिंपिक के महिला एकल के राउंड-16 मुकाबले में हुआ था। यहां सिंधु ने सीधे गेम में ताई को 21-13 और 21-15 से हराया था।


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ओलिंपिक LIVE: सेमीफाइनल में हारीं सिंधु, ताई जू यिंग ने सीधे गेम्स हराया

नई दिल्ली भारतीय को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उनसे मेडल की आस अब भी कायम है। वर्ल्ड की नंबर एक शटलर ताई जू यिंग ने उन्हें 21-18, 21-13 से सीधे सेटों में हार का मुंह देखना पड़ा। पीवी सिंधु की करारी हारदूसरे गेम में एक बार पिछड़ने के बाद पीवी सिंधु वापसी ही नहीं कर पाईं। दूसरे गेम का फैसला 21-12 से ताई के पक्ष में गया। ताई के बेहतरीन क्रॉस कोर्ट शॉट्स का उनके पास कोई जवाब नहीं था। उनके पास बचाने के लिए आठ मैच पॉइंट थे, लेकिन ताई ने पहले मैच पॉइंट में ही जीत हासिल कर ली। दूसरे गेम में भी पिछड़ी सिंधु पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे सेट में भी पीवी सिंधु की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। दूसरे गेम के पहले हाफ तक वह 11-7 से पीछे हैं। सिंधु काफी कोशिश कर रही है, लेकिन बैकहैंड क्रॉस कोर्ट उनके लिए मुश्किल बन चुका है। शायद ताई ने उनकी यह कमजोरी पकड़ ली है। ओलिंपिक में पहली बार कोई गेम हारी सिंधुपीवी सिंधु को बड़े टूर्नामेंट का खिलाड़ी माना जाता है। वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली यह भारतीय शटलर तोक्यो 2020 में भी शानदार लय में हैं। अबतक बिना कोई गेम गंवाए वह सेमीफाइनल तक पहुंचीं थीं, लेकिन अब दुनिया की नंबर एक शटलर ताई से उन्हें कड़ी चुनौती मिलती हुई। पहले गेम में सिंधु की हारअच्छी शुरुआत के बाद पीवी सिंधु लय खोती नजर आ रही है। पहले गेम में भारतीय शटलर ने आक्रामक शुरुआत की। 11-8 से पिछड़ने के बाद ताई ने जोरदार वापसी की और स्कोर 13-13 पर बराबर ला दिया। यहां से दोनों स्टार शटलर एक-एक पॉइंट के लिए जूझती नजर आईं। 16-16, 17-17 और 18-18 तक मुकाबला बराबरी पर रहा। यहीं यिंग ने लगातार 3 पॉइंट लेते हुए गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम के ब्रेक तक 11-8 से आगे सिंधु मुकाबले में कांटे की टक्कर चल रही है। आठवां अंक हासिल करने के लिए 30 शॉट की रैली खेली गई। अपनी गलतियों पर भी उन्हें संभलना होगा। ताई को मुफ्त के अंक मिल रहे। वह मैच में लगातार वापसी कर रही हैं। इंटरवल तक पीवी सिंधु के पास 11-8 की बढ़त। सेमीफाइनल मुकाबला शुरू सिंधु इस समय बेहतरीन लय में हैं। सेमीफाइनल जीतने के साथ सिंधु का सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा। पहले गेम में वह शुरुआती बढ़त बनाए हुए हैं। टॉस जीतकर एंड चुनने के बाद उन्होंने अपनी हाइट और कोर्ट कवरेज का फायदा उठाया। क्रॉस कोर्ट शॉट से पॉइंट्स बटोर रही। ऐसा है पिछला रेकॉर्ड एक दूसरे के खिलाफ 18 बार भिड़ चुकी हैं। इससे पहले सिंधु और ताई जू यिंग का आमना-सामना रियो ओलिंपिक के महिला एकल के राउंड-16 मुकाबले में हुआ था जहां भारतीय शटलर ने बाजी मारी थी। ताई जू यिंग ने दूसरे क्वॉर्टर फाइनल में थाइलैंड की रतचानोक इंतानोन को 14-21, 21-18, 21-18 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले इन दोनों शटलरों का आमना-सामना रियो ओलिंपिक के महिला एकल के राउंड-16 मुकाबले में हुआ था। यहां सिंधु ने सीधे गेम में ताई को 21-13 और 21-15 से हराया था। तोक्यो में जब सिंधु शनिवार को उतरेंगी तो रियो का कारनाम दोहराने की कोशिश करेंगी।


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​​नहीं रही भारत की सबसे उम्रदराज ऐथलीट, 105 साल की उम्र में मान कौर ने ली आखिरी सांस

नई दिल्ली जिस उम्र में लोग बिस्तर पकड़ लेते हैं, जिंदगी के उस पड़ाव पर कई मेडल्स जीतने वालीं मान कौर अब हमारे बीच नहीं रही। बीते तीन माह से गॉल ब्लैडर के कैंसर से जूझ रही मान कौर का शनिवार की दोपहर निधन हो गया। 105 साल की इस वेटरन खिलाड़ी का शुद्धि आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज जारी था।


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बिटिया का LIVE मैच देखने से क्यों वंचित रह गए कमलप्रीत के पिता कुलदीप सिंह? जानें

नई दिल्ली भारतीय महिला डिस्कस थ्रो एथलीट कमलप्रीत कौर (Kamalpreet Kaur) तोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) में इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। कमलप्रीत महिलाओं के चक्का फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि कमलप्रीत कौर के पिता कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh) अपनी बेटी का लाइव मैच नहीं देख सके। 25 साल की कमलप्रीत ने तीसरे प्रयास में 64 मीटर दूर चक्का फेंक फाइनल्स के लिए क्वालीफाई किया। यह ओलिंपिक में किसी भारतीय का अभी तक का बेस्ट प्रदर्शन में से एक है। वेबसाइट इंडियाटुडे डॉट इन से बातचीत में कुलदीप सिंह ने कहा, 'कमल ने मुझे कल टाइमिंग के बारे में बताया था। मैं इंतजार कर रहा था लेकिन ब्रॉडकास्टर कुछ और ही दिखा रहे थे। मैं ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता था क्योंकि मुझे खेत में कुछ काम था।' क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहने वाली अमेरिका की वालारी आलमैन के अलावा वह 64 मीटर या अधिक का थ्रो लगाने वाली अकेली खिलाड़ी रहीं। इस स्पर्धा का फाइनल दो अगस्त को होगा। इस साल कमलप्रीत का प्रदर्शन शानदार रहा है इस साल शानदार फॉर्म में चल रही कमलप्रीत ने दो बार 65 मीटर का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप में 65 . 06 मीटर का थ्रो फेंककर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। वह 65 मीटर पार करने वाली पहली भारतीय हैं। इसके बाद जून में इंडियन ग्रां प्री 4 में अपना ही राष्ट्रीय रेकॉर्ड बेहतर करते हुए उन्होंने 66 . 59 मीटर का थ्रो फेंका। 'फाइनल मिस नहीं करूंगा' बकौल कुलदीप, ' जब मैं खेत में काम कर रहा था तब मुझे फोन कॉल्स और मैसेज आने शुरू हुए। उसके बाद मैं घर वापस गया। मैं दिन में बाद में हाइलाइट देखूंगा।' पिता ने कमलप्रीत के पदक जीतने की जताई उम्मीद कुलदीप की नजरें अब फाइनल पर हैं। उनका कहना है कि वह किसी भी हालत में फाइनल मैच देखना नहीं भूलेंगे। कमलप्रीत के पिता ने कहा, ' मैं किसी भी हाल में फाइनल मिस नहीं करूंगा। मुझे उम्मीद है कि वह मेडल के साथ देश वापस लौटेगी।'


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ओलिंपिकः दीपिका कुमारी ने कहा, अतानु होते साथ तो शायद अलग होता नतीजा

नई दिल्ली विश्व की नंबर 1 भारतीय तीरंदाज का सफल ओलिंपिक में समाप्त हो गया है। इसी के साथ दीपिका के पति अतानु दास पुरूषों के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में जापान के ताकाहारू फुरूकावा से 4.6 से हारने के बाद उनका भी सफर खत्म हो गया। दास तीरंदाजी में भारत की आखिरी उम्मीद थे, अब इसके बाद भारत की कोई भी उम्मीद नहीं है। दीपिका ने फैसले पर उठाए सवालओलिंपिक में हार के बाद इंडिया टुडे ग्रुप से बातचीत करते वक्त दीपिका कुमारी ने संघ से नाराजगी जाहिर की है। दीपिका कुमारी से पूछा गया था कि क्या अगर मिक्सड में वो अतानु के साथ होतीं तो क्या होता। इस सवाल में दीपिका ने कहा कि अब तो वक्त गुजर चुका है इस बातचीत से कोई फायदा नहीं होने वाला लेकिन अगर अतनु मिक्सड में साथ होते तो रिजल्ट कुछ और होते। मिक्सड डबल को लेकर सवालदीपिका ने कहा कि वो पूरी तरह से तैयार थीं। उनको कहीं पर कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर संघ एक बड़ा कदम उठाता तो शायद आज नतीजे यहां पर कुछ और होते। दीपिका से पहले अतनु ने भी संघ के इस फैसले पर हैरानी जताई थी। अतनु ने कहा था कि प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद कहा था, ‘मुझे मिश्रित टीम में उसके साथ खेलने की उम्मीद थी, लेकिन दुर्भाग्य से यह संभव नहीं था। मुझे नहीं पता क्यों?’ तोक्यो ओलिंपिक में पदक की प्रबल दावेदारगौरतलब है कि तोक्यो ओलिंपिक की शुरुआत से पहले मिक्सड डबल में दीपिका कुमारी और अतनु दास को पदक का दावेदार बताया गया था। लेकिन तोक्यो में अतनु को मिश्रित युगल में दीपिका के साथ जोड़ी बनाने का मौका नहीं मिला, क्योंकि वह रैंकिंग दौर में प्रवीण जाधव से पीछे रहे। जाधव पहली बार पहली बार ओलंपिक में हिस्सा रहे जाधव ने 31वां, जबकि अतनु ने 35वां स्थान हासिल किया था। पेरिस में जीता था गोल्ड मेडलदीपिका कुमारी और अतनु दास की जोड़ी ने एक महीने पहले ही पेरिस विश्वकप में गोल्ड मेडल जीता था। लेकिन फिर भी ओलिंपिक में इनकी जोड़ी बदल दी गई। रैंकिंग के आधार पर भारतीय तीरंदाजी टीम प्रबंधन ने दीपिका और जाधव की जोड़ी बना दी। जाधव और दीपिका ने पहली बार जोड़ी बनाई और उन्हें कोरिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।


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दो दिन बाद बनेगा इतिहास, कमलप्रीत कौर पर विरेंदर सहवाग का खास ट्वीट

कमलप्रीत के इस धमाकेदार प्रदर्शन से फैंस बेहद खुश हैं। वह सोशल मीडिया पर कमलप्रीत को बधाई दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर विरेंदर सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण सहित कई दिग्गजों ने कमलप्रीत को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दी है। यदि कमलप्रीत पदक जीतने में सफल रहती हैं तो यह भारत का ओलिंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में पहला पदक होगा।

भारतीय महिला डिस्कस थ्रो एथलीट कमलप्रीत कौर (Kamalpreet Kaur Tokyo Olympics 2020) ने शनिवार सुबह तोक्यो से देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी। दरअसल, देश की इस होनहार बेटी ने तोक्यो ओलिंपिक 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्कस थ्रो इवेंट के फाइनल में जगह बना ली है।


कमाल कर दित्ता कमलप्रीत: दो दिन बाद बनेगा इतिहास, कमलप्रीत कौर पर विरेंदर सहवाग का खास ट्वीट

कमलप्रीत के इस धमाकेदार प्रदर्शन से फैंस बेहद खुश हैं। वह सोशल मीडिया पर कमलप्रीत को बधाई दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर विरेंदर सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण सहित कई दिग्गजों ने कमलप्रीत को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दी है। यदि कमलप्रीत पदक जीतने में सफल रहती हैं तो यह भारत का ओलिंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में पहला पदक होगा।





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Friday, July 30, 2021

भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार दूसरी जीत, दक्षिण अफ्रीका को हराकर अंतिम 8 की उम्मीदें बरकरार

तोक्यो पहली हारों को भुलाकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहतरीन खेल खेला। इसी के साथ भारतीय महिला हॉकी निचली रैंकिग वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को आखिरी ग्रुप मैच में 4.3 से हराकर ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में प्रवेश की उम्मीदें कायम रखी हैं। भारत के लिये वंदना कटारिया ने तीन जबकि नेहा गोयल ने एक गोल किया। दक्षिण अफ्रीका के लिये टैरिन ग्लास्बी, कप्तान एरिन हंटर और मारिजेन मराइस ने गोल दागे। भारत को अब दुआ करनी होगी कि आखिरी ग्रुप मैच में आयरलैंड की टीम ब्रिटेन से हार जाये या ड्रॉ खेले। आयरलैंड को 1-0 से हरायाइससे एक दिन पहले तोक्यो ओलंपिक में भारत की महिला हॉकी टीम को लगातार तीन हार के बाद पहली जीत नसीब हुई है। उसने शुक्रवार को अपने चौथे ग्रुप मैच में आयरलैंड को 1-0 से हरा दिया है। ओई हॉकी स्टेडियम नॉर्थ पिच पर खेले गए इस मुकाबले में मैच का एकमात्र गोल 57वें मिनट में नवनीत कौर ने किया। तोक्यो में खुशी मनाने का मौकायह एक फील्ड गोल था, जिसने भारत को तीन हार के बाद तोक्यों में खुशी मनाने का मौका दिया। वैसे यह मैच भारतीय अग्रिम पंक्ति खासकर पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञों के लिए बेहद निराशाजनक रहा क्योंकि 14 पेनाल्टी कॉर्नर मिलने के बावजूद भारत उसे एक भी गोल में कन्वर्ट नहीं कर सका। आयरिश टीम को बदले में तीन पीसी मिले लेकिन वह भी गोल नहीं कर सकी।


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हॉकी : वंदना ने हैटट्रिक लगाकर रचा इतिहास, कायम है भारत की क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने की आस

तोक्यो वंदना कटारिया की शानदार हैटट्रिक के दम पर ने शनिवार को खेले गए अपने अंतिम ग्रुप मैच में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हराकर नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदों को कायम रखा है। वंदना ने भारत के लिए चौथे, 17वें और 49वें मिनट में गोल किए। भारत के लिए चौथा गोल नेहा ने 32वें मिनट में किया। ग्रुप-ए में दक्षिण अफ्रीका की यह लगातार पांचवीं हार है। भारत को पांच मैचों में दूसरी जीत मिली है। शुरुआती तीन मुकाबले गंवाने के बाद भारत ने दो मैच जीते हैं। अब भारत को ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच होने वाले मुकाबले का इंतजार है। ब्रिटेन के हाथों आयरलैंड की हार भारत को आगे ले जाएगी। और अगर आयरलैंड जीत जाता है तो भारत बाहर हो जाएगा क्योंकि तब आयरलैंड अंकों के मामले में भारत की बराबरी पर आ जाएगा और गोल डिफरेंस के मामले में आगे निकल जाएगा। प्रत्येक ग्रुप से चार-चार टीमों को नॉकआउट में जाना है। अभी भारत के पांच मैचों से छह अंक हैं। उसका गोल डिफरेंस -7 है। इस ग्रुप से ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और ब्रिटेन पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुके हैं। एक स्थान बचा है, जिसके लिए भारत को आयरलैंड के बीच घमासान है। बहरहाल, मैच का पहला गोल भारत की वंदना ने चौथे मिनट में किया। उत्तराखंड निवासी वंदना ने एक बेहतरीन फील्ड गोल के माध्यम से भारत को 1-0 से आगे किया। साउथ अफ्रीकी टीम ने वापसी के लिए जोर लगाया और उसे 15वें मिनट में सफलता मिल भी गई। टैरीन क्रिस्टी ग्लेसबाई ने एक बेहतरीन फील्ड गोल के माध्यम से स्कोर 1-1 कर दिया। इसके दो मिनट बाद वंदना ने एक और गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। वंदना ने यह गोल पेनाल्टी कार्नर पर किया। 30वें मिनट में कप्तान एरिन हंटर ने पेनाल्टी कार्नर पर गोल कर स्कोर एक बार फिर 2-2 कर दिया। इसके दो मिनट बाद नेहा ने पेनाल्टी कार्नर पर गोल कर भारत को 3-2 की लीड दिला दी लेकिन 39वें मिनट में मेरिजान मेरिएस ने एक शानदार फील्ड गोल के जरिए स्कोर 3-3 कर दिया। भारत को आगे जाने के लिए इस मैच में हर हाल में जीत की जरूरत थी और साथ ही उसे यह भी प्रार्थना करना है कि आयरलैंड की टीम ब्रिटेन से हार जाए। ऐसे में भारतीय टीम खूब जोर लगा रही थी। वंदना ने एक बार फिर अपना क्लास दिखाया और 49वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर पर गोल कर भारत को एक बार फिर 4-3 से आगे कर दिया। भारत इस स्कोर को बचाने में सफल रहा और साथ ही उसने आगे जाने की सम्भावनाओं को भी जिंदा रखा है।


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तोक्यो ओलिंपिक में तीरंदाजी से आखिरी उम्मीद भी टूटी, प्री क्वार्टर फाइनल में दास भी हारे

तोक्यो ओलंपिक की तीरंदाजी स्पर्धा में की झोली फिर खाली रही और तोक्यो में दीपिका कुमारी की बाद देश की आखिरी उम्मीद अतनु दास पुरूषों के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में जापान के ताकाहारू फुरूकावा से 4 . 6 से हार गए । दास पांचवें सेट में एक बार भी 10 स्कोर नहीं कर सके और आठ का स्कोर उन पर भारी पड़ा । दीपिका भी हारीं दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी के क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद भारत की उम्मीदें दास पर ही टिकी थी । पिछले मैच में लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता ओ जिन हयेक को हराने के बाद दास लंदन ओलंपिक रजत पदक विजेता और यहां टीम वर्ग का कांस्य जीत चुके जापानी तीरंदाज को नहीं हरा सके । हार के बाद क्या बोले दास दास ने हार के बाद कहा ,‘ओलंपिक में हर मैच अलग होता है । हालात, मानसिक स्थिति और सब कुछ अलग होता है । मैं पिछले मैच से तुलना नहीं करना चाहता । मैने कोशिश की लेकिन मैं नाकाम रहा ।’ उन्होंने कहा ,‘शायद मैने बहुत अधिक तनाव ले लिया था । खेल में इसका सामना करना पड़ता है । अगली बार और मेहनत करूंगा ।’ रियो में 2016 ओलंपिक में दास कोरिया के पूर्व विश्व चैम्पियन ली सियुगयुन से 4 . 6 से ही हारे थे । दास ने 8 स्कोर किया एक समय 1 . 3 से पिछड़ने के बाद उन्होंने वापसी करके स्कोर 3 . 3 कर दिया। चौथे सेट में मुकाबला बराबरी का रहा लेकिन जापानी तीरंदाज ने पांचवें सेट में 28 . 27 से जीत दर्ज की । दास ने आखिरी दोनों तीर पर आठ स्कोर किया। दस से शुरूआत करने के बाद दास ने दबाव बनाया लेकिन जापानी खिलाड़ी ने बराबरी से उनका सामना करके दूसरा सेट जीता। चौथे सेट में दास ने दो बार 10 स्कोर किया और इस सेट के बाद स्कोर बराबर था । विश्वकप पर निगाहें दास की पत्नी दीपिका क्वार्टर फाइनल में हार गई जबकि दीपिका और प्रवीण जाधव मिश्रित युगल में और दास, प्रवीण, तरूणदीप राय पुरूष टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में कोरियाई टीमों से ही हारकर बाहर हुए थे। दास ने कहा ,‘हमें ओलंपिक में अच्छा खेलने के लिये उचित रणनीति की जरूरत है । हमने काफी कुछ सीखा है और यह तनाव पर काबू पाने की बात है । अब नजरें विश्व चैम्पियनशिप और विश्व फाइनल पर हैं ।’


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देखें वीडियो- दिखा कमलप्रीत कौर जोर, डिस्क्स थ्रो के पहुंची फाइनल में, सीमा पूनिया बाहर

तोक्यो भारत की तोक्यो ओलिंपिक-2020 की महिला डिस्कस थ्रो इवेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं लेकिन सीमा पुनिया को बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। कमलप्रीत ने शनिवार को क्वॉलिफिकेशन ग्रुप-बी में अपने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का ऑटोमैटिक क्वॉलिफाइंग मार्क हासिल कर फाइनल का टिकट हासिल किया लेकिन सीमा क्वॉलिफिकेशन ग्रुप-ए में तमाम प्रयासों के बावजूद 60.57 मीटर के साथ छठा स्थान हासिल कर सकीं। क्वॉलिफाइंग ग्रुप-ए में 15 और बी में 16 एथलीट शामिल थीं। इन दोनों ग्रुपों से कुल 12 टॉप एथलीट फाइनल में पहुंचीं। जिन्होंने ऑटोमेटिक क्वालीफाई किया है, उनके अलावा श्रेष्ठ दूरी तय करने वाली एथलीट वरीयता क्रम में आ जाएंगी। ग्रुप-बी से कमलप्रीत के अलावा अमेरिका की वेराले अलामान (66.42) ऑटोमैटिक क्वॉलिफाइंग मार्क हासिल कर सकीं। मापी गई दूरी के लिबाज से ग्रुप-ए से तीन और ग्रुप-बी से नौ एथलीटों ने फाइनल के लिए क्वॉलिफाई किया है। सीमा की अगर बात करें तो उनके लिए शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी। सीमा ने सबसे पहले थ्रो किया, लेकिन वह अपने पहले प्रयास में फाउल करार दी गईं। हालांकि दूसरे प्रयास में उन्होंने 60.57 मीटर का थ्रो किया। अपने तीसरे प्रयास में भी 64 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क को नहीं छू सकीं। उन्होंने 58.93 मीटर का खराब थ्रो किया। सीमा के ग्रुप में सबसे बेहतर थ्रो क्रोएशिया की सेंड्रा पेरकोविच का रहा। पेरकोविच ने 63.75 मीटर का थ्रो लिया। ग्रुप-बी में शामिल कमलप्रीत ने पहले प्रयास में 60.29 मीटर की दूरी नापी। इसके बाद दूसरे प्रयास में वह 63.97 तक पहुंच गईं। इस दूरी के साथ भी वह फाइनल के लिए क्वालीफाई करती दिख रही थी लेकिन उनकी कोशिश ऑटोमेटिक क्वॉलिफाइंग मार्क हासिल करना था और तीसरे प्रयास में वह 64 मीटर के साथ वहां पहुंच ही गईं।


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भारत को निराशा: अमित पंघाल पहले ही मुकाबले में हारकर ओलिंपिक से बाहर

तोक्योभारत की पदक उम्मीद मुक्केबाज अमित पंघाल (52 किलो) प्री-क्वॉर्टर फाइनल में रियो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता कोलंबिया के युबेरजेन मार्तिनेज से 1 . 4 से हारकर तोक्यो ओलिंपिक से बाहर हो गए। शीर्ष वरीयता प्राप्त पंघाल का यह पहला ओलिंपिक था और उन्हें पहले दौर में बाय मिला था। पहले ही दौर से कोलंबियाई मुक्केबाज ने पंघाल पर दबाव बना दिया लेकिन पंघाल ने वापसी करके पहले तीन मिनट में 4-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद मार्तिनेज की रफ्तार का वह सामना नहीं कर सके। भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफॉर्मेंस निदेशक सैंटियागो नीवा ने कहा, ‘वे एक-दूसरे के साथ अभ्यास कर चुके हैं। उनमें से कुछ में अमित ने आज से बेहतर प्रदर्शन किया था लेकिन कुछ में आज की ही तरह हुआ। यह हैरानी वाला नतीजा नहीं है क्योंकि हमने देखा है कि यह मुक्केबाज काफी खतरनाक है।’ दूसरे दौर में मार्तिनेज ने पंघाल पर जबर्दस्त प्रहार किया जिसका भारतीय मुक्केबाज जवाब नहीं दे सके। यह सिलसिला आखिरी तीन मिनट में भी जारी रहा और पंघाल सिर्फ बचाव करते रहे। नीवा ने कहा, ‘हमें पता था कि क्यो हो सकता है लेकिन हमें उम्मीद थी कि अमित आखिरी दो दौर में बेहतर करेगा।’ उन्होंने कहा, ‘उसमें हिलने की ताकत नहीं बची थी और वह जवाबी हमले भी नहीं कर पा रहा था । उसके अति रक्षात्मक खेल से भी मार्तिनेज को काफी अंक मिले।’ उन्होंने कहा, ‘मैने किसी विरोधी के खिलाफ अमित को इतना थका हुआ नहीं देखा ।वह अपनी लय में नहीं था । हमारा सामना काफी क्षमतावान मुक्केबाज से था।’ एशियाई खेल 2018 में गोल्ड मेडल और विश्व चैम्पियनशिप 2019 में सिल्वर मेडलिस्ट जीतने वाले पंघाल ने एशियाई खेलों में तीन बार पदक जीता है । वहीं मार्तिनेज 2016 रियो ओलिंपिक में लाइटफ्लायवेट में रजत पदक विजेता थे। भारत की लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पहुंचकर मुक्केबाजी में पदक पक्का कर लिया था।


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तोक्यो रिजल्ट: अतानु और अमित पंघाल की चुनौती खत्म, कमलप्रीत ने दी खुशखबरी

नई दिल्ली भारत ने तोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) में अभी तक एक पदक अपने नाम किया है। 24 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला मुक्केबाजी के सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक पक्का कर लिया है। शनिवार को चक्का फेंक एथलीट कमलप्रीत कौर (Kamalpreet Kaur ) ने धमाकेदार प्रदर्शन कर फाइनल के लिए स्वत: क्वालीफाई किया वहीं अनुभवी सीमा पूनिया ने निराश किया। सीमा फाइनल में पहुंचने में असफल रहीं। कमलप्रीत ने जगाई उम्मीदें भारत की महिला डिस्कस थ्रो एथलीट कमलप्रीत कौर ने महिलाओं की चक्काफेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। कमलप्रीत कौर ने आखिरी प्रयास में 64.00 मीटर की दूरी का थ्रो किया। दूसरी ओर अनुभवी सीमा पूनिया बाहर हो गईं। कमलप्रीत कौर ने अपने दूसरे प्रयास में 63.97 मीटर की दूरी का थ्रो किया। कमलप्रीत कौर ने सोमवार को होने वाले फाइनल के लिए उम्मीदें जगा दी हैं। वह भारत की पहली महिला डिस्कस थ्रोअर हैं जिन्होंने 65 मीटर से ऊपर थ्रो किया है। उन्होंने फेडरेशन कप में ऐसा किया था। उन्होंने इंडियन ग्रां प्री4 में 66.59 मीटर थ्रो फेंककर अपना ही रेकॉर्ड तोड़ दिया था। द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता वीरेंद्र पूनिया को कमलप्रीत से काफी उम्मीदें रही हैं। उन्होंने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा था , 'अगर कमलप्रीत तोक्यो में उस प्रदर्शन को दोहरा देती हैं जो उन्होंने भारत में किया यानी 66.59 मीटर तक फेंक लेती हैं तो वह पक्का मेडल लेकर आएंगी। वह लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करती रही हैं। पहले उन्होंने 65.09 मीटर थ्रो फेंककर रेकॉर्ड बनाया और फिर जून में 66.59 मीटर फेंककर उसे बेहतर किया। यह अच्छे संकेत हैं। बॉक्सर अमित पंघाल ने तोड़ी उम्मीदें भारत की पदक उम्मीद मुक्केबाज अमित पंघाल (52 किलो) प्री क्वार्टर फाइनल में रियो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता कोलंबिया के युबेरजेन मार्तिनेज से 1-4 से हारकर तोक्यो ओलिंपिक से बाहर हो गए। शीर्ष वरीयता प्राप्त पंघाल का यह पहला ओलिंपिक है और उन्हें पहले दौर में बाई मिला था। पहले ही दौर से कोलंबियाई मुक्केबाज ने पंघाल पर दबाव बना दिया लेकिन पंघाल ने वापसी करके पहले तीन मिनट में 4-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद मार्तिनेज की रफ्तार का वह सामना नहीं कर सके। दूसरे दौर में उन्होंने पंघाल पर जबर्दस्त प्रहार किया जिसका भारतीय मुक्केबाज जवाब नहीं दे सके। यह सिलसिला आखिरी तीन मिनट में भी जारी रहा और पंघाल सिर्फ बचाव करते रहे। एशियाई खेल 2018 में स्वर्ण पदक और विश्व चैम्पियनशिप 2019 में रजत पदक जीतने वाले पंघाल ने एशियाई खेलों में तीन बार पदक जीता है। तीरंदाज अतानु तोक्यो ओलिंपिक से बाहर

भारतीय तीरंदाज अतानु दास की शनिवार को तोक्यो ओलिंपिक में चुनौती खत्म हो गई। अतानु को पुरुषों के व्यक्तिगत स्पर्धा के प्री क्वार्टर फाइनल में खिताब के प्रबल दावेदार जापान के तीरंदाज ताकाहारू फुरुकावा ने 6-4 से पराजित किया। पहले सेट में अतानु 25-27 के स्कोर के साथ पिछड़ गए। स्कोर 0-2 हो गया था। इसके बाद दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ी 28-28 से बराबर रहे। दोनों क एक-एक अंक मिला। स्कोर 1-3 हो गया था। अतानु ने तीसरा सेट 28-27 से जीतते हुए 3-3 की बराबरी कर ली। चौथा सेट भी 28-28 से बराबर रहा। स्कोर अब 4-4 चुका था। पांचवें सेट में अतानु 26-27 से पीछे रह गए और जापानी खिलाड़ी ने इस सेट से दो अंक लेकर 6-4 से मुकाबला जीत लिया।


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जानें कब और कहां देखें सिंधु और ताई के बीच सेमीफाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट

नई दिल्ली भारतीय महिला शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) तोक्यो ओलिंपिक खेलों (Tokyo Olympics 2020) के महिला एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में शनिवार को चीनी ताइपे की ताई जु यिंग से भिड़ेंगी। रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु यदि सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने में सफल रहती हैं तो उनका कांस्य पदक पक्का हो जाएगा। 26 वर्षीय सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में चौथी सीड जापान की अकाने यामागुची को 56 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 22-20 से हराकर अंतिम 4 में जगह बनाई है। ताई जू यिंग ने दूसरे क्वॉर्टर फाइनल में थाइलैंड की रतचानोक इंतानोन को 14-21, 21-18, 21-18 से पराजित किया।

दूसरे सेमीफाइनल में चेन यी फेई और ही बिंग जियाओ के बीच मुकाबला होगा। वर्ल्ड नंबर वन ताई जू और सिंधू (PV Sindhu vs Tai Tzu-Ying) के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। ताई जू और सिंधु अब तक 20 बार आमने सामने हुई हैं जिनमें ताई जू यिंग ने 13 जबकि सिंधु ने 7 मुकाबले जीते हैं। पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच महिला सिंगल का सेमीफाइनल मैच कब खेला जाएगा? पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच महिला सिंगल का सेमीफाइनल मैच शनिवार (31 जुलाई) को खेला जाएगा। सिंधु और वर्ल्ड नंबर वन ताई जू यिंग के बीच कहां सेमीफाइनल मुकाबला कहां खेला जाएगा? सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबला तोक्यो के मुसाशिनो फोरेस्ट प्लाजा कोर्ट 1 पर खेला जाएगा। पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबला कितने बजे से खेला जाएगा? पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबला दोपहर 3: 20 बजे से खेला जाएगा। पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबले की लाइव टेलीकास्ट मैच भारत में कहां देख सकते हैं? सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबले की लाइव टेलीकास्ट सोनी टेन 2 (Sony TEN 2), सोनी टेन 2 एचडी , सोनी सिक्स (Sony SIX) और सोनी सिक्स एचडी टीवी पर देख सकते हैं। पीवी सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming PV Sindhu vs Tai Tzu-Ying) कहां देखें? सिंधु और ताई जू यिंग के बीच सेमीफाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग आप सोनी लिव (Sony Liv) पर देख सकते हैं। रियो ओलिंपिक में भी हुई थी भिड़ंतइन दोनों शटलरों का आमना-सामना रियो ओलिंपिक के महिला एकल के राउंड-16 मुकाबले में हुआ था। यहां सिंधु ने सीधे गेम में ताई को 21-13 और 21-15 से हराया था। तोक्यो में जब सिंधु शनिवार को उतरेंगी तो रियो का कारनाम दोहराने की कोशिश करेंगी।


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बेन स्टोक्स ने क्रिकेट से लिया ब्रेक, भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे, जानें क्या है पूरा मामला

लंदन इंग्लैंड को वनडे वर्ल्ड कप सहित कई सीरीज जितवाने वाले बेन स्टोक्स ने अचानक क्रिकेट से ब्रेक लेने का फैसला किया है। स्टार ऑलराउंडर ने अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता में रखते हुए यह फैसला लिया है। वह क्रिकेट से अनिश्चितकाल के लिए अवकाश पर रहेंगे। वह भारत के खिलाफ चार अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड इसकी पुष्टि की है। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने बयान में कहा कि स्टोक्स ने अपने बाएं हाथ की उंगली के कारण भी विश्राम लिया है जो उनके इस महीने के शुरू में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हुई थी। कोविड काल में क्रिकेटरों का मानसिक स्वास्थ्य लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि खिलाड़ियों को महीनों तक जैव सुरक्षित वातावरण में रहना पड़ रहा है। ईसीबी के क्रिकेट प्रबंध निदेशक एशले जाइल्स ने कहा कि बोर्ड स्टोक्स के फैसले का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, ‘बेन ने अपनी भावनाओं और भलाई के बारे में खुलकर बात करके जबरदस्त साहस दिखाया है। हमारी प्राथमिकता हमेशा हमारे खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण रहा है और आगे भी रहेगा।’ स्टोक्स की जगह क्रेग ओवरटन को भारत के खिलाफ सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि बेन स्टोक्स ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में कोविड-19 के करण अचानक पूरी टीम बदलने के बाद टीम की कप्तानी की थी। ऐसा है भारत-इंग्लैंड सीरीज का शेड्यूल पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 4 से 8 अगस्त तक नॉटिंघम में होगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 12 से 16 अगस्त तक लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर होगा। तीसरा टेस्ट मैच 25 से 29 अगस्त तक लीड्स और चौथा 2 से 6 सितंबर तक लंदन के द ओवल मैदान पर होगा। सीरीज का पांचवां टेस्ट मैच 10 से 14 सितम्बर तक मैनचेस्टर में खेला जाएगा। अब ऐसी है इंग्लैंड की टीमजो रूट (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जॉनी बेयरस्टो, डोम बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्स, जोस बटलर, जैक क्रॉली, सैम करन, हसीब हमीद, डैन लॉरेंस, जैक लीच, ओली पोप, ओली रॉबिन्सन, डोम सिबली, क्रैग ओवरटन, मार्क वुड।


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मेडल पक्का करने के बाद बोलीं पीवी सिंधु, गलतियां नहीं की, इसलिए यामागुची को हरा सकी

तोक्योविश्व चैंपियन पीवी सिंधु ने शुक्रवार को कमाल का प्रदर्शन किया और जापान की दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराते हुए तोक्यो ओलिंपिक की महिला एकल के सेमीफाइनल में एंट्री पा ली। यह गेम 56 मिनट तक चला और भारतीय शटलर ने से मुकाबला अपने नाम किया। इसके साथ ही ओलिंपिक गोल्ड मेडल कर उम्मीद बरकरार है। उन्होंने रियो ओलिंपिक-2016 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। छठी वरीय सिंधु ने मैच के बाद कहा, ‘पहला गेम ज्यादातर समय मेरे नियंत्रण में था। मैं बढ़त बना रही थी लेकिन मैं डटी रही क्योंकि पिछले मैचों में उसने वापसी कर ली थी। पर मैंने बढ़त कायम रखी और इसे जीत लिया।’ उन्होंने कहा, ‘दूसरे गेम में मैं बढ़त बना रही थी लेकिन फिर उसने वापसी की। लेकिन मैंने भी सामना किया, मैंने उम्मीद नहीं गंवायी और उसी लय में खेलना जारी रखा। मैं जिस तरह से खेली, ज्यादा गलतियां नहीं की, उससे खुश हूं।’ मैच से पहले सिंधु का जापानी खिलाड़ी के खिलाफ जीत का रेकॉर्ड 11 - 7 था जिसे उन्होंने इस साल मार्च में ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में हराया था। यामागुची ने दूसरे गेम में वापसी की कोशिाश की लेकिन सिंधु ने उन पर 19 भिड़ंत में 12वीं जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘मैं नर्वस नहीं थी, हालांकि वह गेम पॉइंट पर थी। मेरे कोच कह रहे थे- ध्यान लगाए रखो, तुम पहुंच जाओगी। वह लगातार मेरा समर्थन कर रहे थे, मैं खुश हूं कि दो गेम में वापसी कर सकी।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। अब जाकर मैं थोड़ा सहज महसूस करूंगी और अगले मैच के लिए तैयारी करूंगी। मैं खुश हूं लेकिन मुझे अगले मैच की तैयारी करनी है।’ अब ताई जु यिंग से होगा मुकाबलाअब उनका सामना चीनी ताइपे की दूसरी वरीय ताई जु यिंग से होगा जिन्होंने दूसरे क्वॉर्टर फाइनल में थाइलैंड की रतचानोक इंतानोन को 14-21, 21-18, 21-18 से हराया। चीन की चेन यु फेई और ही बिंग जियाओ सेमीफाइनल में पहुंचने वाली अन्य दो खिलाड़ी हैं। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताई जु को कोच पार्क ताए सांग भारतीय खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानते हैं और जिनका सिंधु के खिलाफ जीत का रेकॉर्ड 13-7 है। सिंधु पिछले तीन मुकाबलों में ताई जु से हार चुकी हैं लेकिन वह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट जैसे 2016 रियो ओलिंपिक, 2019 विश्व चैम्पियनशिप और 2018 विश्व टूर फाइनल्स में ताईवानी शटलर को पराजित करने में सफल रही थीं।


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'कॉम ठीक था पर मेरी कॉम नहीं' ओलिंपिक में जर्सी पर कैसा विवाद, क्या कहते हैं नियम

तोक्योओलिंपिक में कुछ भारतीय मुक्केबाजों की पोशाक पर उनका नाम और देश का नाम नहीं होने पर विवाद हुआ जिसमें दिग्गज एमसी मेरी कॉम ने भी आरोप लगाया था कि आयोजकों से उचित स्पष्टीकरण के बिना उनके अंतिम -16 मुकाबले से कुछ मिनट पहले पोशाक बदलने पर मजबूर कर दिया था। मेरी कॉम गुरुवार को और फिर लवलीना बोरगोहेन शुक्रवार को जब रिंग में उतरीं तो उनकी पोशाक के पीछे ना तो उनका नाम था ना ही देश का नाम। प्री-क्वॉर्टर फाइनल मैच में अपने मुकाबले को 2-3 से गंवाने के बाद मेरी कॉम ने कहा था, ‘यह थोड़ा परेशान करने वाला था कि उन्होंने मुझे बाउट से ठीक पांच मिनट पहले ड्रेस बदलने के लिए कहा। उस समय दरअसल, मेरे नाम की घोषणा हो चुकी थी।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि मुझे परेशान करने के लिए यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। मैंने पहले राउंड के मैच को इसी तरह के कपड़े में जीत दर्ज की थी। वहां भी मेरा नाम मेरी कॉम और भारत लिखा था।’ भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफार्मेंस निदेशक सैंटियागो नीएवा के साथ बातचीत और अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के नियमों को देखने के बाद इस विवाद की जड़ के बारे में पता चला। नीएवा ने कहा, ‘मुक्केबाजों को अपने उपनाम या दिए गए नाम को पोशाक पर इस्तेमाल करने की अनुमति है। ऐसे में अगर उसके पीठ पर कॉम होता, तो कोई समस्या नहीं होती या सिर्फ मांगटे भी ठीक था।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें मेरी कॉम लिखे कपड़े को पहनने की इजाजत नहीं थी। लवलीना के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनके कपड़े पर भी पूरे नाम की जगह बोरगोहेन होना चाहिए था। नीएवा ने कहा, ‘इसमें कोई बड़ी समस्या नहीं है। हमने लवलीना के लिए नई ड्रेस मंगाई है। वह सेमीफाइनल में उसे ही पहनेंगी।’ मेरी कॉम की शिकायत यह थी कि उन्हें बिना करण बताये ही मुकाबले से ठीक पहले कपड़े को बदलने पर मजबूर किया गया। नीएवा ने कहा कि यह टीम के तौर पर यह बड़ा मुद्दा नहीं हैं उन्होंने कहा, ‘देखिये, जब तक आपको रिंग में उतरने से रोका नहीं जा रहा है तब तक कोई समस्या नहीं है।’ ड्रेस को लेकर पर आईओसी के नियम कहते हैं कि ‘ऐथलीट का नाम (पारिवारिक नाम) ड्रेस के पीछे (पीठ पर) लिखा जा सकता है’ और राष्ट्रीय ध्वज या राष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के प्रतीक को ‘बनियान, शॉर्ट्स और स्कर्ट पर तय जगह पर इस्तेमाल की अनुमति है।’


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ओलिंपिक में भारत का जलवा जारी, पूल के आखिरी मुकाबले में जापान को 5-3 से हराया

तोक्योभारतीय पुरुष हॉकी टीम का जलवा तोक्यो ओलिंपिक में जारी रहा। उसने पूल के आखिरी मुकाबले में अपने ग्रुप की टॉप टीम जापान को 5-3 से हरा दिया है। भारत के लिए गुरजंत ने दो गोल, जबकि हरमनप्रीत सिंह, शमशेर और नीलकांत शर्मा ने एक-एक गोल दागा। पहले ही क्वॉर्टर फाइनल में एंट्री पा चुकी टीम इंडिया ने मैच के शुरुआती से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से मेजबान पर अतिरिक्त दबाव बना। मैच के पहले क्वॉर्टर में भारत ने दमदार शुरुआत की और 12वें मिनट में ही 1-0 की बढ़त बना ली है। उसके लिए हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल दागा। हरमनप्रीत सिंह इस ओलिंपिक में ये चौथा गोल है। यह क्वॉर्टर पूरी तरह भारत के पक्ष में गया, जबकि दूसरे क्वॉर्टर में भी उसने गोल दागा। 17वें मिनट में गुरजंत ने सिमरनजीत सिंह के पास पर मैदानी गोल दागते हुए भारत को 2-0 बढ़त दिला दी। यहां भारतीय खिलाड़ी ने जापान के डिफेंस को बुरी तरह चकमा दिया। हालांकि, 19वें मिनट में केंटा टनाका ने जापान के लिए पहला गोल दागा। उनके स्टीक से निकली गेंद बीरेंदर लाकड़ा को छकाते हुए गोल पास्ट में समा गई। इस तरह दूसरे क्वॉर्टर में दोनों टीमों ने 1-1 गोल किया। हाफ टाइम तक भारत जापान पर 2-1 की बढ़त बनाया हुए था। तीसरे क्वॉर्टर मे भी दो गोल हुए। एक भारत ने किया, जबकि दूसरा मेजबान जापान के नाम रहा। जापान ने 31वें मिनट में गोल कर भारत की बराबरी की, लेकिन इसके तुरंत ही बाद भारत ने एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली। जापान के लिए कोटा वटानबे ने किया तो भारत के लिए तीसरा गोल शमशेर ने किया। चौथे और आखिरी क्वॉर्टर में भारत के लिए नीलकांत ने 51वें मिनट में गेंद जाल में उलझाते हुए भारत को 4-2 की बड़ी बढ़त दिला दी। भारत के लिए आखिरी गोल गुरजंत की स्टिक से निकला। उन्होंने यह गोल 56वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागा हालांकि, जापान ने भी अंत तक हार नहीं मानी और मुराता ने 59वें मिनट में गोल दाग स्कोर 5-3 कर दिया। निर्धारित समय तक जापान बढ़त हासिल नहीं कर सका और उसे हार का सामना करना पड़ा।


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तोक्यो ओलिंपिक: पीवी सिंधु का गजब खेल, यामागुची को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं

तोक्यो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने तोक्यो ओलिंपिक की महिला एकल स्पर्धा के क्वॉर्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 56 मिनट में 21-13 , 22-20 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। रियो ओलिंपिक 2016 की सिल्वर मेडलिस्ट ने इस तरह बैडमिंटन में पहले ओलिंपिक स्वर्ण पदक की उम्मीद बनाए रखी। अब उनका सामना थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन और चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के बीच होने वाले दूसरे क्वॉर्टरफाइनल के विजेता से होगा। मौजूदा विश्व चैंपियन सिंधु ने दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी यामागुची के खिलाफ 11-7 के जीत के रेकॉर्ड का फायदा उठाकर पहला गेम महज 23 मिनट में 21-13 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में यामागुची ने वापसी करने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया और 33 मिनट में जीत दर्ज कर अंतिम चार में जगह पक्की की।


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ओलिंपिक में पदक पक्का कर चुकीं लवलीना बनी थीं ‘किक बॉक्सर’ से मुक्केबाज

नयी दिल्ली ओलंपिक में देश के लिए दूसरा पदक पक्का करने वाली मुक्केबाज को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करने वाले भारतीय खेल प्राधिकरण के कोच पदम बोरो ने एक दिन पहले ही कह दिया था ,'वह आराम से जीतेगी, कोई टेंशन नहीं है।’लवलीना पहले ‘किक-बॉक्सर’ थी और उन्हें एमेच्योर मुक्केबाजी में लाने का श्रेय बोरो को जाता है। उनकी इस शिष्या ने शुक्रवार को उन्हें निराश भी नहीं किया। असम की 23 वर्ष की मुक्केबाज ने 4 . 1 से जीत दर्जविश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीतने वाली लवलीना ने 69 किग्रा भारवर्ग के मुकाबले में शानदार संयम का प्रदर्शन करते हुए पूर्व विश्व चैम्पियन चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ तोक्यो ओलंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का पदक पक्का कर दिया । वह मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी है। असम की 23 वर्ष की मुक्केबाज ने 4 . 1 से जीत दर्ज की । अब उसका सामना मौजूदा विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसानेज सुरमेनेली से होगा जिसने क्वार्टर फाइनल में उक्रेन की अन्ना लिसेंको को मात दी । लवलीना का सफरलवलीना का खेलों के साथ सफर असम के गोलाघाट जिले के बरो मुखिया गांव से शुरू हुआ। यह स्थान काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के लिए भी प्रसिद्ध है। उनकी बड़ी बहनें लीचा और लीमा किक-बॉक्सर हैं और सीमित साधनों के बाद भी उनके माता-पिता बच्चों की खेल महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने से कभी पीछे नहीं हटे। बोरो ने कहा, ‘उन्होंने (माता-पिता) ने लवलीना का पूरा समर्थन किया, वे अक्सर मेरे साथ उसके खेल पर चर्चा करते थे और उसके सपनों के लिए कुछ भी करने को तैयार थे।’ लवलीना असम की पहली ओलंपियनलवलीना ने किसी को निराश नहीं किया। हमेशा मुस्कुराती रहने वाली यह मुक्केबाज तोक्यो का टिकट कटाकर असम की पहली महिला ओलंपियन बनी। उन्होंने इसे पदक में बदल कर और भी यादगार बना दिया। इस 23 साल की खिलाड़ी की जीत को भारतीय महिला मुक्केबाजी में नये अध्याय की तरह देखा जा रहा है। दिग्गज एमसी मैरीकॉम के ओलंपिक से बाहर होने के बाद लवलीना ने अपने करियर के सबसे यादगार पल के साथ भारतीय प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया। कोरोना से हो गईं थीं संक्रमितबोरो ने कहा, ‘उनमें एक अच्छा मुक्केबाज बनाने की प्रतिभा थी और उसकी शरीर भी मुक्केबाजी के लिए उपयुक्त है। हमने केवल उसका मार्गदर्शन किया। करियर के शुरू में भी उसका शांत दिमाग उनकी सबसे खास बात थी। वह ऐसी नहीं है जो आसानी से हार मान जाये। वह तनाव नहीं लेती है।’ उन्होंने कहा, ‘‘वह बहुत अनुशासित खिलाड़ी है।’ उनकी मां ममोनी का पिछले साल किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। लवलीना ने उस समय कुछ दिनों के लिए उनसे मुलाकात की लेकिन टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिए 52 दिनों के लिए यूरोप जाने से पहले वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गयी। कांस्य पदक जीतायह प्रशिक्षण दौरा उनके लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि महामारी के कारण भारत में कई तरह की पाबंदियां थी। मुक्केबाजों को शिविरों के फिर से खुलने के बाद भी कई दिनों तक उन्हें स्पैरिेग (दूसरे मुक्केबाज के साथ अभ्यास) की अनुमति नहीं थी। दूसरे खिलाड़ियों से अलग रह कर उनके लिए तैयारी करना मुश्किल था और इसका असर एशियाई चैम्पियनशिप में भी दिखा, जहां वह पहले ही बाउट में हार गयी। ड्रॉ के छोटे होने के कारण हार के बावजूद भी उन्हें कांस्य पदक मिला। एकाग्रता ही उनका असली हथियारलवलीना अपने आत्मविश्वास की कमी के बारे में बात करने से कभी पीछे नहीं हटी, ऐसा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले दौर से बाहर होने के बाद हुआ था। उन्होंने अपनी एकाग्रता को बनाये रखने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) का सहारा लिया। इसी एकाग्रता ने उसे शुक्रवार को तोक्यो उनके करियर का सबसे बड़ा पुरस्कार दिया।


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बालों की स्टाइल के साथ अब दाढ़ी भी चेंज...माही का नया लुक आपने देखा क्या

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही क्रिेकट के मैदान से दूर हों लेकिन वो सुर्खियों में हमेशा रहते हैं। अब माही ने अपनी हेयस स्टाइल फिर से चेंज कर दी हैं। धोनी के फैंस को उनका ये नया लुक काफी भा रहा है और फैंस उनके इस लुक को अलग-अलग नाम भी दे रहे हैं। धोनी अपने लुक्स को लेकर काफी बदलाव करते रहते हैं। धोनी के फैन फॉलोइंगभारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की फैन फॉलोइंग की जबरदस्त है। अब हाल ही में महेंद्र ने फिर एक अलग हेयरस्टाइल ट्राई किया है। इतना ही नहीं धोनी ने इस बार बियर्ड का लुक भी बदल दिया है। धोनी को ये नया हेयर स्टाइल, आलिम खान (Alim Khan) ने दिया है जो पॉपुलर हेयर स्टाइलिस्ट हैं। धोनी के हेयर स्टाइल के साथ उनकी बियर्ड को भी नया लुक दिया गया है। आलिम खान ने अपने साथ माही की फोटो भी ट्वीट की है। धोनी के हेयर स्टाइलएमएस धोनी (MS Dhoni) ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा तो उन्होंने लंबे-लंबे और दमदार शॉट्स के अलावा अपने लंबे बालों से भी सभी को अपना दीवाना बनाया। पूरे करियर के दौरान उन्होंने अपने शानदार खेल के साथ-साथ अपने फैशन और पैशन दोनों को भी बखूबी जिया। साल 2004 में जब इंटरनैशनल क्रिकेट में धोनी ने डेब्यू किया था, तब उनके बाल काफी लंबे थे और बालों पर वह सुनहरा कलर करते थे। वह काफी समय तक इसी गोल्डन स्ट्रीक्स हेयरस्टाइल में नजर आए। 2011 विश्वकप के बाद लोग हैरानT20 वर्ल्ड कप के पहले, साल 2007 में धोनी ने अपने हेयरस्टाइल को पूरी तरह से बदल लिया था। गोल्डन स्ट्रीक्स की जगह अब काले बाल धोनी को पसंद आने लगे थे। उनका यह स्टाइल भी काफी फेमस हुआ। वर्ल्ड कप जीतने के बाद साल 2011 में धोनी के इस नए लुक ने फैंस को हैरान कर दिया था। लंबे काले बालों को बदलकर धोनी ने बाल्ड लुक जो अपना लिया था। फैंस को उनका यह लुक भी काफी पसंद आया और उन्होंने माही के इस लुक की भी खूब तारीफ की थी। दिलों पर राज करते हैं धोनीहर बार की तरह धोनी का अगला नया लुक भी कल्पना से परे था। इस बार धोनी ने मोहॉक लुक अपनाया था। साल 2013 में आईपीएल के मैच के दौरान धोनी अपने इस नए लुक में नजर आए थे। अपने बालों के साथ कई तरह के एक्सपेरिमेंट करने के बाद धोनी ने जब सॉल्ट एंड पेपर लुक अपनाया तो लोग हर बार की तरह इस बार भी काफी हैरान थे। हालांकि वक्त के साथ माही के इस नए अंदाज को भी लोगों के दिलों में जगह मिली।


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टीम इंडिया में कोरोना विस्फोट, क्रुणाल पंड्या के बाद ये दो खिलाड़ी भी निकले पॉजिटिव

कोलंबो टीम इंडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। पहले क्रुणाल पंड्या कोरोना संक्रमित पाए गए तो आनन-फानन में आधी से ज्यादा टीम बदलनी पड़ी थी। गुरुवार रात शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टी-20 सीरीज भी हाथ से निकल गई। अब खबर है कि स्क्वॉड के दो अन्य सदस्य कोविड पॉजिटिव हो गए हैं। क्रुणाल पंड्या के करीबी संपर्क वाले जिन आठ खिलाड़ियों को आइसोलेशन में भेजा गया था, उनमें से युजवेंद्र चहल और कृष्णप्पा गौतम की रिपोर्ट पॉजिटिव है। हार्दिक पंड्या, पृथ्वी साव, सूर्यकुमार यादव, मनीष पांडे, दीपक चाहर और ईशान किशन अंतिम दो टी-20 मुकाबले नहीं खेले थे, इन्हें टीम से अलग-थलग रखा गया था। क्रुणाल के साथ कोलंबो में ही रहेंगे तीनों 27 जुलाई को दूसरे टी-20 से ठीक पहले क्रुणाल पंड्या के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई थी, जिसके बाद दूसरे टी-20 को एक दिन के लिए टाल दिया गया था। तब से क्रुणाल टीम से अलग रह रहे थे। अब युजवेंद्र और कृष्णप्पा गौतम भी उनके साथ कोलंबो में तबतक रूकेंगे, जब तक अगली कोरोना रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। करीबी संपर्क वाले अन्य छह खिलाड़ी आज भारत के लिए रवाना हो सकते हैं. जबकि बाकी का स्क्वॉड पहले ही स्वदेश की उड़ान भर चुका है। श्रीलंका में 10 दिन का जरूरी आइसोलेशनESPNcricinfo की माने तो युजवेंद्र और गौतम अन्य छह खिलाड़ियों के साथ गुरुवार को कोरोना निगेटिव पाए गए थे। श्रीलंकाई सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, कोरोना संक्रमित होने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 दिनों के लिए आइसोलेशन में रहना जरूरी है। फिर नए सिरे से टेस्ट और निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही देश छोड़ने की अनुमति दी जाती है। पूरे मामले ने पृथ्वी साव और सूर्यकुमार यादव की भी परेशानी बढ़ाई है, जो श्रीलंका दौरा खत्म करते ही इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के लिए उड़ान भरने वाले थे। टी-20 सीरीज में भारत की शर्मनाक हार तीसरे और आखिरी टी-20 में भारतीय टीम अपने न्यूनतम स्कोर पर आउट हो जाती, लेकिन कुलदीप 11 ओवर तक क्रीज पर जमे रहे। इससे भारत पूरे 20 ओवर खेलने और अपने न्यूनतम स्कोर (74 रन, बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2008) को पार करने में सफल रहा। भारत ने 81/8 रन बनाए। पूरे 20 ओवर खेलने के बाद टी-20 में न्यूनतम स्कोर है। भारत की तरफ से केवल चार चौके लगे। श्रीलंका ने 14.3 ओवर में तीन विकेट पर 82 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस तरह से श्रीलंका ने वनडे श्रृंखला 2-1 से गंवाने तथा टी-20 श्रृंखला का पहला मैच हारने के बाद अच्छी वापसी की।


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खिताब के करीब पहुंचने के लिए कदम बढ़ाएंगी सिंधु, यामागुची की मिलेगी चुनौती

तोक्यो पीवी सिंधु तोक्यो ओलिंपिक की महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा के एकतरफा प्री-क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट को सीधे गेम में हराकर अंतिम आठ में जगह बना चुकी है। अब उनका सामना लोकल गर्ल जापान की स्टार अकाने यामागुची से हो रही है। क्वॉर्टर फाइनल का यह मुकाबला मुसाशिनो फॉरेस्ट स्पोर्ट्स प्लाजा में खेला जा रहा है। पहला सेट सिंधु के नाम पीवी सिंधु ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने अच्छी रैली खेलीं और यामागुची को उलझाए रखा। भारतीय शटलर ने अपनी हाइट, स्पीड और पावर का खूबसूरत इस्तेमाल किया। नतीजतन पहला सेट 23-13 से सिंधु और भारत के नाम। सिंधु ने बनाई शुरुआती बढ़त रियो सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु का पहले सेट में दबदबा नजर आ रहा है। इस वक्त सात पॉइंट की लीड। फिलहाल स्कोर 18-11 से सिंधु के पक्ष में। मैच शुरू शुरुआती खेल में सिंधु थोड़ी ऑफ कलर नजर आ रही हैं। यामागुची के आक्रामक स्मैश का उनके पास कोई जवाब नहीं। हालाकि ये मैच का प्रारंभिक दौर है। लय में आने के लिए सिंधु थोड़ा वक्त अमूमन लेती है। दोनों के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता सिंधु ने पहले दोनों मैच आसानी से जीते, लेकिन ओलिंपिक में उनका असली मुकाबला अब शुरू होने वाला है। यामागुची दुनिया की नबंर वन खिलाड़ी रही हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। भारतीय खिलाड़ी के लिए यामागुची हमेशा से ही कड़ी चुनौती रही हैं। पिछला रेकॉर्ड सिंधु के साथ यामागुची और सिंधु के बीच कई यादगार मुकाबले हुए हैं। इसमें इस साल ऑल इंग्लैंड का मैच भी शामिल है जिसमें सिंधु ने तीन गेम में जीत हासिल की थी। यामागुची रियो ओलिंपिक के क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचीं थी और इस बार उनकी कोशिश पोडियम तक पहुंचने की होगी। दोनों खिलाड़ियों के बीच 18 मैच हुए हैं जिसमें से सिंधु ने 11 में जीत हासिल की है। इस मैच को जीतने वाली खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी।


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संजू सैमसन के प्रदर्शन से निराश हैं आकाश चोपड़ा, बोले सभी मौके गंवाए

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का ऐसा मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने सुनहरा मौका गंवा दिया है। श्रीलंका के इस दौरे में भारतीय टीम के कई अहम खिलाड़ी मौजूद नहीं थे। और ऐसे में सैमसन के पास खुद को साबित करने का पूरा मौका था लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। 26 वर्षीय संजू सैमसन ने अपने ODI डेब्यू मैच में 46 रन बनाए। जिसके चलते उनसे उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में 27 रन दूसरे में 7 रन बनाए। वहीं गुरुवार को खेले गए आखिरी मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाए। सैमसन की सिर्फ बल्लेबाजी ने ही निराश नहीं किया बल्कि वह विकेट के पीछे भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके। ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सैमसन के पास काफी मौके थे। उनके पास अपने आलोचकों को जवाब देने का मौका था। लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे और उन्होंने अपने सभी मौके गंवा दिए। सैमसन ने अपने इंटरनैशनल करियर में अभी तक सिर्फ 10 टी-20 मुकाबले खेले हैं। जिसमें सिर्फ वह अभी तक 117 रन बना पाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 11.70 का है और उनका स्ट्राइक रेट 110.37 का है । जहां आईपीएल में संजू सेमसन का हाईएस्ट स्कोर 119 रन है। वहीं इंटरनैशनल मुकाबलों की बात करें तो उनका हाईएस्ट सिर्फ 27 रन है। जो कि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के पहले टी-20 मुकाबले में बनाए थे।


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भारत लौटने के बाद अपने एरिया के ट्रक ड्राइवर्स को ढूंढ रही हैं मीराबाई चानू, बताया ये इमोशनल रिश्ता

नई दिल्ली मीराबाई चानू ने देश को पहला मेडल जिताकर दिखा दिया कि समस्याएं आपको रोक नहीं सकती, हां वो आपको परेशान जरूर कर सकती हैं। मीराबाई चानू का भारत में जोरदार स्वागत हुआ। उन पर इनामों की बौछार हुई। लेकिन अगर चानू के जीवन संघर्ष को देखा जाए तो मालूम होगा कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने क्या कुछ नहीं सहा और कितने त्याग किए। चानू अब उन ट्रक ड्राइवर्स से मिलना चाहती हैं, जिन्होंने उनकी कभी मदद की थी। ये ट्रक ड्राइवर चानू को नोंगपोक काकचिंग गांव में उनके घर से खुमान लम्पक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स प्रशिक्षण केंद्र तक रोज मुफ्त में ले जाता करते थे। ट्रेनिंग में जाना था मुश्किल- चानूहर एथलीट का सपना होता है ओलिंपिक में अपने देश के लिए मेडल जीतना। वेट लिफ्टर मीराबाई चानू भी देश के लिए पदक जीतना चाहतीं थीं। उनका ये सपना पूरा हो गया। वो तोक्यो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतीं। चानू का परिवार मुफलिसी में जीवन यापन कर रहा था। उनके माता-पिता उन्हें ट्रेनिंग के लिए प्रतिदिन का खतरा नहीं उठा सकते थे। ट्रक ड्राइवर्स से लेतीं थीं लिफ्टचानू के घर से ट्रेनिंग सेंटर लगभग 30 किलोमीटर दूर था। यहां तक पहुंचने के लिए उनको 10-20 रुपये दिए जाते थे मगर ये कम थे। चानू ने एक तरकीब सोची। चानू ने वहां से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों से लिफ्ट मांगी। इस वक्त उनको संकोच और डर दोनों साथ चल रहे थे। मगर उन्होंने हिम्मत की और ट्रक से ट्रेनिंग सेंटर जाने लगीं। कुछ दिनों के बाद ट्रक ड्राइवर भी उनको पहचानने लगे थे तो वो दूर से ही हॉर्न दे दिया करते थे ताकि जब तक वो यहां तक पहुंचे तब चानू तैयार हो जाएं। खुद ही चानू को बुलाने लगे थे ड्राइवर्सकुछ दिनों बाद चानू और ट्रक ड्राइवर्स के साथ एक अनोखा रिश्ता बन गया। ड्राइवर दूर से ही हॉर्न बजाते थे और मुझे बताते थे कि वे पास हैं और मुझे तैयार हो जाना चाहिए। ट्रक ड्राइवर मुझसे किराया नहीं लेते थे। जो पैसे उनको किराए के लिए मिलते थे चानू उसी पैसे से मैं अपनी ट्रेनिंग के दौरान कुछ खाने की सामान खरीदती थी।'


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मेरीकॉम ने रिंग ड्रेस को लेकर उठाया सवाल, कहा- फाइट शुरू होने से 1 मिनट पहले ड्रेस बदली

नई दिल्ली तोक्यो ओलंपिक में पदक की सबसे बड़ी दावेदार एमसी मेरीकॉम प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हारकर बाहर हो गईं। मेरीकॉम ने खराब अंपायरिंग के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति को जिम्मेदार ठहराया उसके बाद उन्होंने ऐन वक्त पर उनकी ड्रेस बदलने को लेकर भी सवाल किए हैं। ड्रेस रिंग को लेकर सवाल6 बार की विश्व विजेता मुक्केबाज एमसी. मैरीकॉम (MC Mary Kom) ने शुक्रवार सुबह मैरीकॉम की ओर से ट्वीट कर बताया कि मैच शुरू होने से चंद मिनट पहले उन्हें ड्रेस बदलने को कहा गया था। एमसी. मैरीकॉम ने अपने ट्वीट में कहा, ‘चौंकाने वाला है, क्या कोई एक्सप्लेन कर सकता है कि रिंग की ड्रेस क्या होगी। मुझे प्री-क्वार्टर की बाउट शुरू होने से एक मिनट पहले ही रिंग ड्रेस बदलने को कहा गया। टास्क फोर्स को बताया जिम्मेदारछह बार की विश्व चैम्पियन एम सी मेरी कॉम ने गुरुवार को अपने फ्लाईवेट (51 किग्रा) प्री क्वॉर्टर फाइनल में ‘खराब फैसलों’ के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) के मुक्केबाजी कार्यबल (बॉक्सिंग टास्क फोर्स) को जिम्मेदार ठहराया है। फाइट में तीन में से दो राउंड जीतने के बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। आईओसी द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) के कथित कुशासन और वित्तीय गड़बड़ी के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद कार्यबल ही तोक्यो में मुक्केबाजी प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। फैसले को लेकर सवालमेरी कॉम ने कोलंबिया की इंग्रिट वालेंसिया से प्री क्वॉर्टर फाइनल में हार के बाद कहा, ‘मैं नहीं जानती और इस फैसले को नहीं समझ सकती, कार्यबल के साथ क्या गड़बड़ है? आईओसी के साथ क्या गड़बड़ है?’ मेरी कॉम ने कहा, ‘मैं भी कार्यबल की एक सदस्य थी। मैं साफ सुथरी प्रतियोगिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सुझाव भी दे रही थी और उनका सहयोग भी कर रही थी। लेकिन उन्होंने मेरे साथ क्या किया?’ रिंग के अंदर खुश थी मैं क्योंकि मुझे पता था कि जीत मेरी हुई- मेरीकॉमउन्होंने कहा, ‘मैं रिंग के अंदर भी खुश थी, जब मैं बाहर आयी, मैं खुश थी क्योंकि मेरे दिमाग में था कि मैं जानती थी कि मैं जीत गयी थी। जब वे मुझे डोपिंग के लिए ले गए तो भी मैं खुश थी। जब मैंने सोशल मीडिया में देखा और मेरे कोच (छोटे लाल यादव ने मुझे दोहराकर बताया) तो मुझे अहसास हुआ कि मैं हार गयी थी।’ मेरी कॉम ने कहा, ‘मैंने पहले इस मुक्केबाज को दो बार हराया है। मैं विश्वास ही नहीं कर सकी कि रैफरी ने उसका हाथ उठाया था। कसम खाती हूं कि मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि मैं हार गयी थी, मुझे इतना भरोसा था।’ फैसले के खिलाफ नहीं जा सकती थी- मेरीकॉमउन्होंने कहा, ‘सबसे खराब बात है कि फैसले की समीक्षा या विरोध नहीं दर्ज करा सकते। ईमानदारी से कहूं तो मुझे भरोसा है कि दुनिया ने देखा होगा, उन्होंने जो कुछ किया, यह कुछ ज्यादा ही है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे दूसरे राउंड में सर्वसम्मति से जीतना चाहिए था, तो यह 3-2 कैसे था?’ आईओसी के मुक्केबाजी कार्यबल ने इस बार अधिक पारदर्शिता वाले फैसलों का वादा किया था क्योंकि एमेच्योर मुक्केबाजी की 2016 रियो ओलिंपिक में गलत फैसलों की काफी आलोचना हुई थी। जिसके बाद 36 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था।


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चूका दीपिका का निशाना, क्वॉर्टर फाइनल में कोरियाई तीरंदाज ने दी मात

तोक्यो भारत की अग्रणी महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी यहां जारी तोक्यो ओलिंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वॉर्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की सैन एन से 0-6 से हार गईं हैं। दीपिका को सैन एन ने पहले सेट में 30-27, दूसरे सेट में 26-24 और तीसरे सेट में 26-24 से हराया। दीपिका ने इससे पहले युमेनोशीमा फाइनल फील्ड में आयोजित 1/8 एलिमिनेशन राउंड के मुकाबले में आरओसी की केनिया पेरोवा को 6-5 से हराया था। दीपिका ने पहला सेट 28-25 से जीत कर 2-0 की लीड ले ली लेकिन पेरोवा ने दूसरा सेट 27-26 से अपने नाम कर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद दीपिका ने दूसरा सेट 28-27 से जीत 4-2 की लीड ले ली लेकिन पेरोवा ने अगले सेट में उन्हें बराबरी पर रोकते हुए स्कोर 5-3 कर दिया। फिर पेरोवा ने पांचवां सेट 28-25 से जीत स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद शूट ऑफ प्वाइंट का आयोजन हुआ, जिसमें दीपिका ने 7 के मुकाबले 10 का स्कोर हासिल कर मैच 6-5 से अपने नाम कर लिया था।


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Simone Biles: मैदान छोड़ना नहीं, कान बंद करना है कमजोरी की निशानी

‘ये कैसी ऐथलीट है? देश को रीप्रेजंट कर रही थी। ओलिंपिक जैसा कॉम्पिटिशन था। स्पोर्ट्समैनशिप तो ये नहीं होती।’ क्या होती है? जो भी होती है, किसी इंसान के दिमाग, उसकी जिंदगी से बड़ी होती है? वो ओलिंपियन है, उसे पता है मेडल की कीमत। वो कीमत चुकाकर अगर वो कोई और फैसला कर रही है तो वो कितना जरूरी होगा! और वो भी ऐसे पड़ाव पर। उसके मन के अंदर कितना शोर मचा होगा जो उसने भीड़ की उम्मीदों को गूंगा कर दिया…

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महिला हॉकी: भारत को मिली पहली जीत, आयरलैंड को 1-0 से हराया

तोक्यो तोक्यो ओलंपिक में भारत की महिला हॉकी टीम को लगातार तीन हार के बाद पहली जीत नसीब हुई है। उसने शुक्रवार को अपने चौथे ग्रुप मैच में आयरलैंड को 1-0 से हरा दिया है। ओई हॉकी स्टेडियम नॉर्थ पिच पर खेले गए इस मुकाबले में मैच का एकमात्र गोल 57वें मिनट में नवनीत कौर ने किया। यह एक फील्ड गोल था, जिसने भारत को तीन हार के बाद टोक्यों में खुशी मनाने का मौका दिया। वैसे यह मैच भारतीय अग्रिम पंक्ति खासकर पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञों के लिए बेहद निराशाजनक रहा क्योंकि 14 पेनाल्टी कॉर्नर मिलने के बावजूद भारत उसे एक भी गोल में कन्वर्ट नहीं कर सका। आयरिश टीम को बदले में तीन पीसी मिले लेकिन वह भी गोल नहीं कर सकी। अब भारत को अपना अंतिम ग्रुप मैच दक्षिण अफ्रीका से खेलना है। भारतीय टीम वैसे नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो चुकी है। भारत के ग्रुप-ए में चार मैचों से तीन अंक हैं और वह अपने ग्रुप में शामिल छह टीमें के बीच पांचवें स्थान पर है। दूसरी ओर, भारत की पुरुष टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है और आज ही वह जापान के साथ अपना अंतिम ग्रुप मैच खेलेगी।


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Thursday, July 29, 2021

असम से पहली महिला खिलाड़ी, किक-बॉक्सिंग से शुरुआत, तोक्यो ओलिंपिक में दूसरा मेडल पक्का कर कर दिया कमाल

नई दिल्ली भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन ने में भारत के लिए एक और पदक पक्का कर लिया है। उन्होंने क्वॉर्टर फाइनल में चीनी ताइपे की मुक्केबाज चिन चेन को हराकर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। आइए जानते हैं इस मुक्केबाज के बारे में खास बातें। लवलीना का जन्म असम के गोलाघाट जिले में 2 अक्टूबर 1997 को हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक किक-बॉक्सर के रूप में की थी। उनकी दोनों बहनें किक-बॉक्सर हैं। उनके पिता एक छोटे व्यापारी हैं ऐसे में उनके लिए अपनी बेटी के ख्वाब को पूरा करना काफी संघर्षपूर्ण था। हालांकि लवलीना ने खुद ही इस मौके का फायदा उठाया। जब स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ट्रायल उनके स्कूल में हुए तो उन्होंने काफी प्रभावित किया। साई मे सिलेक्ट होने के बाद पदम बोरो ने उन्हें साल 2012 में ट्रेनिंग देनी शुरू की। उन्होंने बॉक्सिंग अकादमी में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। इंटरनैशनल स्टेज पर पहुंचने केबाद उन्हें भारतीय महिला बॉक्सिंग के मुख्य कोच शिव सिंह ने ट्रेनिंग दी। लवलीना ने पहले इंडिया ओपन में वॉल्टरवेट में गोल्ड मेडल जीता। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता थी। इसके बाद उन्होंने वियतनाम में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। साथ ही अस्थाना में हुए प्रेजिडेंट कप में भी उन्होंने जीत हासिल की। लवलीना ने बाद में उलानबातर कप (मंगोलिया) में सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने AIBA वुमन वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसके साथ ही वह असम से ओलिंपिक से क्वॉलिफाइ करने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार मीडिया का ध्यान उन पर गया। खबर आई थी कि उन्हें सिलेक्शन के बारे मे आधिकारिक रूप से सूचना नहीं दी गई थी जबकि स्थानीय न्यूज चैनल ने यह खबर दी। लवलीना को बॉक्सिंग में उनके योगदान के लिए अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया।


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भारत की एक और बेटी ने किया कमाल, लवलीना ने मुक्के से मेडल किया पक्का

तोक्योभारत की महिला मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन तोक्यो ओलंपिक के 69 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इस तरह असम की इस मुक्केबाज ने देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। कुकुगिकान एरेना में लवलीना का सामना ताइवान की नेन चिन चेन से हुआ, जहां वह 4-1 से विजयी रहीं। लवलीना ने इससे पहले मंगलवार को खेले गए अंतिम-16 राउंड के मुकाबले में जर्मनी की एदिन एपेट को 3-2 से हराया था। नीले कार्नर पर खेल रहीं लवलीना ने पांचों जजों से क्रमश: 28, 29, 30, 30, 27 अंक हासिल किए थे। दूसरी ओर, नेदिन को 29, 28, 27, 27, 30 अंक प्राप्त हुए थे। लवलीना को अंदाजा हो गया था कि उन्होंने मुकाबला जीत लिया है। उनकी खुशी देखने वाली थी। ओलिंपिक में मेडल हासिल करने वाली वह तीसरी भारतीय मुक्केबाज हैं। विजेंदर सिंह ने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में, मैरीकॉम ने 2012 लंदन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 से जीत हासिल की। दूसरे राउंड में लग रहा था कि चीनी ताइपे की बॉक्सर ने वापसी की। दूसरे राउंड में लवलीना का प्रदर्शन लवलीना ने हालांकि अपनी हाइट का अच्छा फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने लगातार पंच लगाने का प्रयास किया। लेकिन चीनी ताइपे की मुक्केबाज का दम ज्यादा दिखाई दिया। पहला राउंड शुरू लगातार मुक्के लगाए लवलीना ने। उन्होने ताइपे की मुक्केबाज पर लगातार घूंसे जड़े। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद लवलीना ने मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ध्यान का सहारा लिया। असम की 23 साल की लवलीना ने कुकुगिकान एरेना में मंगलवार को खेले गए अंतिम-16 राउंड के मुकाबले में अपने से 12 साल बड़ी जर्मनी की नेदिन एपेट को 3-2 से हराया था। नीले कार्नर पर खेलीं लवलीना ने पांचों जजों से क्रमश: 28, 29, 30, 30, 27 अंक हासिल किए। निएन चिन चेन से उनका मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद थी। वह विश्व चैंपियन हैं और मौजूदा खेलों में उन्हें चौथी वरीयता दी गई थी। इस मुकाबले में जीत से लवलीना का पदक पक्का कर लिया। चेन 2019 एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हैं। उन्होंने प्री क्वॉर्टर फाइनल में इटली की एंजेला करिनी को 3-2 से हराया।


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खिलाड़ियों को मिला होगा खास सबक, हार के बाद द्रविड़ का 'गुरुमंत्र'

कोलंबो श्रीलंका के हाथों टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि इससे नई पीढ़ी के युवा भारतीय बल्लेबाजों ने सीखा कि सभी विकेट सपाट नहीं होती और उन्हें कम स्कोर वाली पिचों पर खेलने का हुनर सीखना होगा। भारत ने तीसरा टी20 गंवाने के बाद सीरीज में 1-2 से पराजय झेली। कोरोना संक्रमण से जुड़े क्वॉरनटीन प्रोटोकॉल के कारण भारत के नौ प्रमुख खिलाड़ी यह मैच नहीं खेल सके थे। यह पूछने पर कि क्या वह युवा बल्लेबाजों के प्रदर्शन से निराश हैं, द्रविड़ ने ना में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं निराश नहीं हूं क्योंकि वे सभी युवा हैं। वे अनुभव से सीखेंगे। इस तरह के हालात और गेंदबाजी का सामना करने से सीखेंगे। श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी बहुत अच्छी है।’ उन्होंने कहा, ‘वे कुछ और रन बनाना चाहते होंगे। उन्हें यह सीखने को मिला कि हर पिच सपाट नहीं होगी। हमें इस तरह की पिचों पर 130-140 रन बनाना सीखना होगा।’ द्रविड़ ने कहा, ‘युवा खिलाड़ियों के लिए यह अच्छा सबक रहा। वे अपने प्रदर्शन का आत्ममंथन करके आगे बेहतर रणनीति बना सकेंगे । टी20 क्रिकेट में इस तरह के हालात अधिक नहीं मिलते लेकिन मिलने पर आपको बेहतर खेलना आना चाहिए।’ भारतीय टीम तीसरे टी20 में 8 विकेट पर 81 रन ही बना सके। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 23 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने 15वें ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।


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बाबा महाकाल से आशीर्वाद लेने पहुंचे शिखर धवन, वर्ल्ड कप टीम में नहीं मिली है जगह

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