Thursday, April 30, 2020

ICC टूर्नमेंट में MI की तरह खेले टीम इंडिया: रोहित

नई दिल्ली पिछले कुछ वर्षों से भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अच्छा रहा है। लगभग हर टूर्नमेंट में टीम को फेवरिट माना जाता है। प्रारूप कोई भी हो भारतीय टीम एक मजबूत दावेदार के रूप में देखी जाती है। विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम टेस्ट में दुनिया में पहले पायदान पर है और वनडे इंटरनैशनल में दूसरे नंबर पर। वहीं अगर टी20 प्रारूप की बात करें तो भारतीय टीम का रैंक चौथा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी धाक के बावजूद एक चीज भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों को अकसर खटकती है वह है में उसका शानदार प्रदर्शन। भारतीय टीम ने साल 2013 से कोई आईसीसी ट्रोफी नहीं जीती है। टीम 2017 की चैंपियंस ट्रोफी के फाइनल में पहुंची थी लेकिन वहां उसे पाकिस्तान ने हरा दिया था। पिछले साल के वर्ल्ड कप में भी विराट की टीम सेमीफाइनल में न्यूजीलेंड से हार गई थी। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली भी आईसीसी टूर्नमेंट में टीम के प्रदर्शन को लेकर चिंता जता चुके हैं। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज जो 2019 के वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में थे। रोहित ने कहा कि भारतीय टीम को आईसीसी इवेंट में मुंबई इंडियंस के साथ खेलना चाहिए। मुंबई इंडियंस के फ्रैंचाइजी की कमान रोहित संभालते हैं, आईपीएल में लीग स्टेज में मैच हारती है लेकिन आखिर स्टेज पर जाकर ट्रोफी जीत लेती है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ियों और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ आईसीसी इवेंट्स में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए रोहिन ने यह कहा। रोहित ने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, 'हम में लीग स्टेज पर कोई मैच नहीं हारे और आखिर में फाइनल में हारे। पिछले साल वर्ल्ड कप में भी सेमीफाइनल से पहले सिर्फ एक मैच हारे और सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गए। ठीक ही है हमें न नॉकआउट स्टेज पर मर-मरकर पहुंचना चाहिए।' रोहित ने आगे मजाक में कहा, 'टीम इंडिया को आईसीसी इवेंट्स में मुंबई इंडियंस की तरह खेलना चाहिए। धीरे-धीरे पॉइंट्स टेबल पर ऊपर चढ़ो और आखिर में टूर्नमेंट जीत लो।'


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अगरकर को बताया फिसड्डी! हर्षा भोगले ने दिखाया आईना

नई दिल्ली कोविड- 19 (Covid- 19) महामारी के चलते दुनिया भर की तमाम खेल गतिविधियां थम चुकी हैं। ऐसे क्रिकेट इतिहास के पुराने पन्नों को फिर से खंगाला जा रहा है और इस खेल के महान और फिसड्डी खिलाड़ियों पर खूब चर्चाएं हो रही हैं। इसी कड़ी में फॉक्स क्रिकेट ने भी 'सर्वकालिक 11 फिसड्डी पुछल्ले बल्लेबाजों' की सूची तैयार की है। इस फेहरिस्त में पूर्व तेज गेंदबाज () का भी नाम है। मशहूर कॉमेंटेटर () ने फॉक्स क्रिकेट कर आईना दिखाया है। इस फेहरिस्त में अजीत अगरकर का नाम देखकर हर्षा भोगले भी चौंक गए और उन्होंने इस ट्वीट पर अपना जवाब देते हुए लिखा, 'अगरकर? उनके नाम टेस्ट शतक है! वनडे क्रिकेट में 21 गेंद में पचासा भी जमाया है!' अगरकर की बल्लेबाजी काबिलियत साबित करने के लिए भोगले का इतना जवाब शायद फॉक्स क्रिकेट के लिए काफी है। वैसे अपने करियर में 191 वनडे और 26 टेस्ट खेलने वाले तेज गेंदबाज अगरकर के नाम एक टेस्ट शतक और तीन वनडे फिफ्टीज हैं। अगरकर के अलावा इस फेहरिस्त में भारत से एक और खिलाड़ी का नाम है, वे हैं जसप्रीत बुमराह। बुमराह ने अभी हाल ही में अपना क्रिकेट सफर शुरू किया है, जबकि इस फेहरिस्त में शामिल लगभग सभी खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं। ये है फॉक्स क्रिकेट की सर्वकालिक फिसड्डी टेलेंडर्स XI टीम क्रिस मार्टिन (न्यूजीलैंड, कप्तान), कर्टनी वॉल्श (वेस्टइंडीज), ग्लेन मैकग्रा (ऑस्ट्रेलिया), मोंटी पनेसर (इंग्लैंड), अजीत अगरकर (भारत), जसप्रीत बुमराह (भारत), फिल टफनेल (इंग्लैंड), ब्रूस रीड (ऑस्ट्रेलिया), डेवोन मैल्कम (इंग्लैंड), हेनरी ओलंगा (जिम्बाब्वे), पोमी मांग्वा (जिम्बाब्वे)।


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बहुत हो रहा क्रिकेट, यह चिंतन का समय: होल्डिंग

नई दिल्ली वेस्ट इंडीज के महान तेज गेंदबाज () ने कहा है कि डॉलर कमाने की कवायद में जरूरत से ज्यादा क्रिकेट हो रहा है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण मिले ब्रेक का इस्तेमाल इस आत्मविश्लेषण के लिए किया जाना चाहिए कि खेल सही दिशा में आगे जा रहा है या नहीं। क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने 66 साल के होल्डिंग का निजी तौर पर मानना है कि खेल के अत्यधिक व्यावसायीकरण के बीच कुछ समय का ब्रेक जरूरी था। होल्डिंग ने 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' से कहा, 'इस ब्रेक का इस्तेमाल खेल पर गौर करने के लिए करें, यह देखने के लिए कि प्रशासकों, खिलाड़ियों के साथ क्या हो रहा है और सोचिए: क्या हम सही दिशा में आगे जा रहे हैं? हमारे खेल के साथ क्या सब कुछ सही है? निजी तौर पर मुझे ऐसा लगता है।' उन्होंने कहा, 'हर व्यक्ति हर संभावित डॉलर कमाने की कोशिश में जुटा है। लेकिन क्या हम थोड़ी देर रुक सकते हैं और बैठकर देख सकते हैं कि क्या सब कुछ ठीक है? काफी क्रिकेट खेला जा रहा है।' कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में खेल प्रतियोगिताएं ठप्प पड़ी हैं और अधिकतर प्रतियोगिताओं को स्थगित या रद्द कर दिया गया है। बेहद लोकप्रिय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है और इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप पर भी संशय के बादल छाए हैं। इस घातक बीमारी के कारण दुनिया भर में लगभग दो लाख 18 हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि भारत में एक हजार से अधिक लोगों की जान गई है। होल्डिंग ने कहा कि कभी न कभी प्रशासकों को क्रिकेट दोबारा शुरू करने का फैसला करना होगा और अगर जरूरी हुआ तो खाली स्टेडियमों में। उन्होंने कहा, 'काफी प्रशासकों को पता चल गया है कि प्रसारणकर्ताओं की संतुष्टि के लिए उन्हें खेल का कोई ना कोई प्रारूप शुरू करना होगा। लेकिन प्रसारणकर्ताओं को अगर वह चीज नहीं मिलेगी, जिसके लिए वह भुगतान कर रहे हैं तो वे अपना पैसा वापस मांगेंगे।' होल्डिंग ने कहा, 'इसलिए उन्हें खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेलने का प्रयास करना होगा या जिस भी प्रारूप में खेलने का मौका मिले उसे खेलना होगा।'


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इस साल कोई ओलिंपिक क्वॉलिफायर नहीं: विश्व तीरंदाजी

नई दिल्लीविश्व तीरंदाजी ने गुरूवार को यह फैसला लिया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल कोई ओलिंपिक क्वॉलिफायर नहीं होगा और विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी। विश्व तीरंदाजी ने अगस्त के आखिर तक के लिए सारे अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट स्थगित कर दिए। इस साल के आखिरी कुछ महीनों के लिए कैलेंडर भी तैयार किया गया है। विश्व तीरंदाजी ने एक बयान में कहा, ‘इस साल आगे कोई ओलिंपिक क्वॉलिफायर नहीं होंगे। सभी 2021 में होंगे। विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी गई है।’ पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट 30 अप्रैल तक स्थगित किए गए थे जो बाद में 30 जून तक और फिर 31 अगस्त तक स्थगित कर दिए गए। बयान में कहा गया, ‘विश्व तीरंदाजी के कार्यकारी बोर्ड ने सभी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं 31 अगस्त 2020 तक के लिए टाल दी हैं। कोरोना महामारी के कारण लागू प्रतिबंध हटने की दशा में आखिरी कुछ महीनों का कैलेंडर बनाया गया है बशर्ते हालात सुरक्षित हों।’ इसमें कहा गया कि दो महीने से कम के नोटिस पर कोई टूर्नमेंट नहीं खेला जाएगा। इसने यह भी कहा कि एक जुलाई से वह सारे राष्ट्रीय टूर्नमेंटों को मान्यता देगा बशर्ते वे स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाएं।


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देखें, अल्लू अर्जुन के गाने पर वॉर्नर का धांसू डांस

नई दिल्लीऑस्ट्रेलिया टीम के विस्फोटक ओपनर () कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन का खूब फायदा उठा रहे हैं। वह अपने समय का इस्तेमाल डांस वीडियो बनाने में लगा रहे हैं। उनके अधिकतर वीडियो में उनकी पार्टनर होती हैं वाइफ कैंडिस वॉर्नर। कुछ समय पहले डेविड वॉर्नर ने बॉलिवुड सॉन्ग 'शाली की जवानी' पर कटरीना के अंदाज में ठुमके लगाते नजर आए थे। इस बार वो अपनी पत्नी के साथ तेलुगू गाने पर डांस करते दिखे। डेविड वॉर्नर ने वाइफ केंडिस वॉर्नर के साथ टिकटॉक पर अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) का सुपरहिट सॉन्ग बुट्टा बोम्मा () पर डांस किया। विस्फोटक ओपनर ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। बता दें कि इससे पहले यह कपल टीम की ऑफिशल जर्सी में भी डांस कर चुके हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि डेविड वॉर्नर सनराइजर्स हैदराबाद की जर्सी पहने हुए हैं। उन्होंने अल्लू अर्जुन जैसा जबरदस्त डांस किया। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। क्रिकेटरों की बात करें तो युजवेंद्र चहल, इरफान पठान और यूसुफ पटान भी टिकटॉक वीडियो बनाते हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से क्रिकेट पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। इसकी वजह से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया है।


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BCCI कोचों की ऑनलाइन क्लास, शास्त्री भी शामिल

नई दिल्लीभारतीय सीनियर टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री सहित सीनियर और जूनियर टीम से जुड़े कोचों ने कोरोना वायरस महामारी के कारण घर में बिताए समय का सदुपयोग करते हुए ‘विचारों के आदान प्रदान’ के लिए ऑनलाइन सत्र में हिस्सा लिया। ऑनलाइन सत्र का यह विचार राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख राहुल द्रविड़ ने दिया था। शास्त्री , गेंदबाजी कोच भरत अरुण और क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर पिछले हफ्ते संचालित इस तरह के एक ऑनलाइन सत्र का हिस्सा थे। इस ऑनलाइन सत्र में जूनियर और एनसीए कोचों ने भी हिस्सा लिया जिसमें पारस महाम्ब्रे, नरेंद्र हिरवानी, अभय शर्मा और सितांशु कोटक शामिल हैं। एनसीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह ऑनलाइन कोचिंग क्लास नहीं थी। आप कह सकते हैं कि यह एक तरह की बातचीत थी जिसमें आप अपने विचार रखते हैं और अन्य कोचों के मन में क्या चल रहा है और उनकी क्या योजनाएं हैं उसे जानते हैं। अब तक ऐसा एक ही सत्र हुआ है लेकिन इसके नियमित तौर पर होने की संभावना है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर शास्त्री, अरुण और श्रीधर जैसे सीनियर कोच बातचीत का हिस्सा होंगे तो उनके विस्तृत अंतरराष्ट्रीय अनुभव से आपको सीखने को ही मिलेगा।’ अधिकारी ने कहा, ‘इस समय लॉकडाउन के कारण इस तरह के सत्र का आयोजन आसान है। यह देखना होगा कि चीजों के सामान्य होने और भारतीय टीम के खेलने की स्थिति में कितनी अवधि पर इनका आयोजन किया जा सकता है।’


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अलविदा चुन्नी दा: दिलीप कुमार, प्राण भी रहे फैन

नई दिल्लीचुन्नी गोस्वामी () के पास वह सब कुछ था जो एक खिलाड़ी अपने पास होने का सपना देखता है लेकिन कुछ ही लोगों के पास ऐसी नैसर्गिक आलराउंड प्रतिभा होती है जो उन्हें भारत के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में जगह दिलाती है। छह फीट लंबे सुबीमल गोस्वामी या ‘चुन्नी दा’ आखिरी भारतीय कप्तान थे जिन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की अगुआई की। वह ओलिंपियन के अलावा प्रथम श्रेणी क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे और सर गैरी सोबर्स ने अपनी आत्मकथा में उनका जिक्र किया है। इस तरह कोई भी उनकी तरह बनने का सपना देखना चाहेगी। कलकत्ता विश्व विद्यालय के ‘ब्ल्यू’ (क्रिकेट और फुटबॉल दोनों खेलने वाले) गोस्वामी भारतीय खिलाड़ियों से जुड़ी आम धारणा और उनके फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी के विपरीत थे। गोस्वामी का जन्म उच्च मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दक्षिण कोलकाता के समृद्ध जोधपुर पार्क इलाके में बिताया। उन्हें विश्व विद्यालय में शिक्षा हासिल की और अगर भारतीय फुटबॉल के इतिहास पर गौर करें तो वह संभवत: सबसे महान ऑलराउंड फुटबॉलर थे। पढ़ें- फर्राटे से विरोधी भी होते थे हैरानवह सेंटर फारवर्ड (1960 के दशक में राइट-इन) के रूप में खेले लेकिन उन्हें मैदान पर खिलाड़ियों की स्थिति की गजब की समझ थी। गोस्वामी विरोधी खिलाड़ियों को छकाने में माहिर थे और बाक्स के किनारे से गजब का फर्राटा लगातार विरोधियों को हैरान करने की क्षमता भी उनमें थी। एक अन्य महान खिलाड़ी दिवंगत पीके बनर्जी ने कई मौकों पर कहा था, ‘मेरे मित्र चुन्नी के पास सब कुछ था। दमदार किक, ड्रिबलिंग, ताकतवर हेडर, तेजी दौड़ और खिलाड़ियों की स्थिति की समझ।’ 16 वर्ष की उमें शुरू हुआ था करिश्माई करियरबनर्जी और गोस्वामी की जोड़ी मैदान पर अटूट थी लेकिन इसके बावजूद दोनों एक-दूसरे से काफी अलग थे। शानदार व्यक्तित्व के धनी गोस्वामी मोहन बागान की ओर से रोवर्स कप में खेलते हुए मुंबई में आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे। गोस्वामी अपने अंतिम दिनों तक भी सिर्फ मोहन बागान के प्रति समर्पित रहे। वह 16 साल की उम्र में इस क्लब से जुड़े थे और फिर हमेशा इसी का हिस्सा रहे। वह मोहन बागान के लिए क्लब क्रिकेट भी खेले। पढ़ें- श्रद्धांजलि: दिलीप कुमार और प्राण थे बड़े फैनकहा जाता है कि गोस्वामी ने 1968 में जब मुंबई में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की थी तो दो विशेष प्रशंसकों ने उनसे मिलकर उनसे उनका फैसला बदलने का आग्रह किया था। ये दो प्रशंसक और कोई नहीं बॉलिवुड सितारे दिलीप कुमार और प्राण थे जो कूपरेज मैदान पर ऐसा कोई मैच देखने से नहीं चूकते थे, जिसमें गोस्वामी खेल रहे हों। गोस्वामी की महानता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 30 बरस की उम्र में फुटबॉल को अलविदा कह दिया और फिर अपने दूसरे जुनून क्रिकेट के प्रति प्यार को पूरा किया। कैच पर फिदा हो गए थे सोबर्सउनकी अगुआई में बंगाल ने 1972 में रणजी ट्रोफी फाइनल में जगह बनाई। गोस्वामी ने 1967 में गैरी सोबर्स की वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ अभ्यास मैच में संयुक्त क्षेत्रीय टीम की ओर से मैच में आठ विकेट चटकाए। इस मैच के दौरान गोस्वामी ने पीछे की ओर 25 गज तक दौड़ते हुए कैच लपका जिसके बाद सोबर्स ने उनकी जमकर तारीफ की। गोस्वामी अपने मित्रों से मजाकिया लहजे में कहते थे, ‘सोबर्स को नहीं पता था कि मैं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर था। पीछे की ओर 25 गज दौड़ना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है।’ उन्होंने कभी क्लब या राष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग नहीं दी इसके बावजूद भारतीय फुटबॉल की सबसे बड़ी नर्सरी टाटा अकादमी (टीएफए) के निदेशक पद के लिए वह दिवंगत रूसी मोदी की पहली पसंद थे। वह कोलकाता के शेरिफ भी रहे और उन्होंने समाचार पत्रों में भारतीय फुटबॉल पर लेख लिखे। उन्हें साउथ क्लब में टेनिस खेलना और स्काच पीना भी पसंद था।


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सानिया मिर्जा खास अवॉर्ड के लिए नामित, पहली भारतीय

नई दिल्लीभारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा () गुरुवार को फेड कप हर्ट पुरस्कार () के लिए नामित होने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। उन्हें एशिया/ओशियाना क्षेत्र से इंडोनेशिया की प्रिस्का मेडेलिन नुगरोरहो के साथ नामित किया गया है। सानिया ने हाल में चार साल बाद फेड कप टेनिस टूर्नमेंट में वापसी की थी। दर्शकों के बीच अपने 18 महीने के बेटे इजहान की मौजूदगी में सानिया ने भारत को पहली बार फेड कप के प्ले ऑफ में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की ओर से जारी बयान में सानिया ने कहा, ‘2003 में पहली बार भारतीय पोशाक में कोर्ट पर उतरना मेरे लिए गौरवपूर्ण लम्हा था। तब से मैंने 18 साल का लंबा सफर तय किया है। भारतीय टेनिस की सफलता में योगदान देकर मैं गौरवांवित महसूस कर रही हूं।’ उन्होंने कहा, ‘पिछले महीने फेड कप के एशिया/ओशियाना टूर्नमेंट में मिला नतीजा मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। एक खिलाड़ी कुछ विशेष लम्हों के लिए खेलता है और मैं के चयन पैनल की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह मान्यता दी।’ हर्ट पुरस्कारों के विजेता का फैसला प्रशंसकों की ऑनलाइन वोटिंग के आधार पर होगा जो एक मई से शुरू होकर आठ मई तक चलेगी। यह फेड कप हर्ट पुरस्कार का 11वां सत्र है। यूरोप/अफ्रीका क्षेत्र से एस्टोनिया की एनेट कोनटावीट और लग्जमबर्ग की एलोनोरा मोलिनारो जबकि अमेरिका क्षेत्र से मैक्सिको की फर्नांडा कोंट्रेरास गोमेज और पराग्वे की वेरोनिका केपेड रॉयग को नामित किया गया है।


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भारतीय खेल को झटका, महान खिलाड़ी का निधन

कोलकाताभारतीय खेल को गुरुवार को एक बड़ा झटका लगा। महान फुटबॉलर () का दिल का दौरा पड़ने की वजह से कोलकाता में निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। उन्होंने एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी और बेटा सुदिप्तो हैं। गोस्वामी उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने अपने राज्य के लिए फुटबॉल और क्रिकेट दोनों में नुमाइंदगी की थी। गोस्वामी 1962 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के कप्तान थे। बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेले थे। परिवार के कहा, ‘उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल में करीब पांच बजे उनका निधन हो गया।’ वह मधुमेह, प्रोस्ट्रेट और तंत्रिका तंत्र संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे। गोस्वामी ने भारत के लिए बतौर फुटबॉलर 1956 से 1964 तक 50 मैच खेले। क्रिकेटर के तौर पर उन्होंने 1962 और 1973 के बीच 46 प्रथम श्रेणी मैचों में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया।


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चहल ने रोहित को यूं किया विश, नाराज हो गईं रितिका

नई दिल्लीकोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है। इस वजह से तमाम चीजों पर ब्रेक ले गया है। पिछले एक महीने से अधिक समय से न तो कोई खेल खेला जा रहा है और पार्टी तो दूर कोई पहले की तरह बाहर भी नहीं घूम पा रहा है। ऐसे में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) ने हाल ही में अपना बर्थडे नहीं मनाने का फैसला किया था। अब () का आज यानी 30 अप्रैल को जन्मदिन है। इस पर ने उन्हें अपने अंदाज में विश किया। हालांकि, रोहित की वाइफ ने अपने अंदाज में नाराजगी व्यक्त की है। दरअसल, हिटमैन रोहित शर्मा के जन्मदिन पर करिश्माई स्पिनर युजवेंद्र चहल ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने तस्वीर के साथ इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा- मुझे आपके जन्मदिन पर सभी को यह बताने का मौका मिल गया है कि आपकी मुस्कुराहट के पीछे का असल राज क्या है.. हैप्पी बर्थडे रोहित शर्मा। यह बात रोहित शर्मा की वाइफ को अधिक पसंद नहीं आई। उन्होंने कॉमेंट किया- मेरे ख्याल से आप भूल गए हैं एक या दो राज। शायद उनका इशारा खुद और अपनी बेटी की ओर था। वह बताना चाहती थीं कि क्रिकेटर पति की मुस्कुराहट के पीछे का असल राज वह और बेटी समायरा भी हैं। उल्लेखनीय है कि युजवेंद्र चहल सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। वह अपने साथी क्रिकेटरों की टांग भी खींचते हैं। दूसरी ओर, कई बार रोहित और विराट भी पब्लिकली उनका मजाक बना चुके हैं।


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धोनी की टीम CSK की तारीफ में क्या-क्या बोले इमरान ताहिर

चेन्नैदक्षिण अफ्रीका के अनुभवी लेग स्पिनर () ने कहा कि जब भी () में चेन्नै सुपर किंग्स () के लिए खेलते थे तो उनके रोंगटे खड़े हो जाते थे। उन्हें यहां जो परिवार जैसा माहौल मिला था, ऐसा कहीं और देखने को नहीं मिला। ताहिर ने चेन्नै सुपर किंग्स की वेबसाइट से ये बातें कहीं। उन्होंने से कहा, ‘मैं जब भी चेन्नै सुपर किंग्स के लिये खेला, हर मैच में मेरे रौंगटे खड़े हो गए। यह सचमुच बहुत विशेष अहसास है। हम टीम के तौर पर इतना अच्छा खेलते थे।’ तीन बार की विजेता टीम के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम जितना अच्छा खेल सकते थे, उतना कोशिश करते और चेन्नै सुपर किंग्स के लिए ज्यादा से ज्यदाा मैच जीतने की कोशिश करते। हम एक दूसरे की सफलता का लुत्फ उठाते इसलिए यही चीज चेन्नै को विशेष टीम बनाती है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस दिन मुझे चेन्नै सुपर किंग्स टीम में शामिल किया गया, वह मेरी जिंदगी के विशेष क्षणों में से एक था। मैं नहीं जानता था कि मैं विशेष लोगों के साथ खेलने और विशेष टीम का हिस्सा बनने जा रहा हूं। ’’


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बोर्ड क्रिकेट शुरू करने को होंगे मजबूर, क्योंकि...

नई दिल्लीवेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज () ने कहा है कि प्रत्येक संभावित डॉलर कमाने की कवायद में जरूरत से ज्यादा क्रिकेट हो रहा है और () के कारण मिले ब्रेक का इस्तेमाल इस आत्मविश्लेषण के लिए किया जाना चाहिए कि खेल सही दिशा में आगे जा रहा है या नहीं। क्रिकेटर से कमेंटेटर बने 66 साल के होल्डिंग का निजी तौर पर मानना है कि खेल के अत्यधिक व्यावसायीकरण के बीच कुछ समय का ब्रेक जरूरी था। ब्रेक जरूरी था, लेकिन...होल्डिंग ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘इस ब्रेक का इस्तेमाल खेल पर गौर करने के लिए करें, यह देखने के लिए कि प्रशासकों, खिलाड़ियों के साथ क्या हो रहा है और सोचिए क्या हम सही दिशा में आगे जा रहे हैं? हमारे खेल के साथ क्या सब कुछ सही है? निजी तौर पर मुझे ऐसा लगता है।’ उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति हर संभावित डॉलर कमाने की कोशिश में जुटा है। लेकिन क्या हम थोड़ी देर रुक सकते हैं और बैठकर देख सकते हैं कि क्या सब कुछ ठीक है? काफी क्रिकेट खेला जा रहा है।’ आईपीएल और टी-20 वर्ल्ड कप संकट महामारी के कारण दुनिया भर में खेल प्रतियोगिताएं ठप्प पड़ी हैं और अधिकतर प्रतियोगिताओं को स्थगित या रद्द कर दिया गया है। बेहद लोकप्रिय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप (T20 World Cup) पर भी संशय के बादल छाए हैं। इस घातक बीमारी के कारण दुनिया भर में लगभग दो लाख 18 हजार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि भारत में एक हजार से अधिक लोगों की जान गई है। इसलिए मजबूर होंगे क्रिकेट बोर्डहोल्डिंग ने कहा कि कभी ना कभी प्रशासकों को क्रिकेट दोबारा शुरू करने का फैसला करना होगा और अगर जरूरी हुआ तो खाली स्टेडियम में। उन्होंने कहा, ‘काफी प्रशासकों को पता चल गया है कि प्रसारणकर्ताओं की संतुष्टि के लिए उन्हें खेल का कोई ना कोई प्रारूप शुरू करना होगा। लेकिन प्रसारणकर्ताओं को अगर वह चीज नहीं मिलेगी जिसके लिए वह भुगतान कर रहे हैं तो वे अपना पैसा वापस मांगेंगे।’ होल्डिंग ने कहा, ‘इसलिए उन्हें खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेलने का प्रयास करना होगा या जिस भी प्रारूप में खेलने का मौका मिले उसे खेलना होगा।’


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‘हैंड ऑफ गॉड’ को दिया आदेश, कोरोना को खत्म करो!

ब्यूनस आयर्सअर्जेंटीना के अपने जमाने के दिग्गज फुटबॉलर () ने ‘’ () से विश्व को कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की जिससे सभी लोग फिर से सामान्य जिंदगी जी सकें। विश्व कप विजेता माराडोना ने 1986 के विश्व कप की उस घटना का जिक्र किया जब उन्होंने हाथ की मदद से गोल किया था। बाद में उन्होंने इसे ‘हैंड ऑफ गॉड’ यानि ईश्वर का हाथ करार दिया था। माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ किए गए विवादास्पद गोल का संदर्भ जोड़ते हुए कहा, ‘आज हमारे साथ यह हुआ है और कई लोग कह रहे हैं कि यह ईश्वर का नया हाथ (हैंड ऑफ गॉड) है। लेकिन आज मैं इस हाथ से यह महामारी समाप्त करने के लिए कह रहा हूं ताकि लोग फिर से स्वस्थ और खुशियों से भरी जिंदगी जी सकें।’ माराडोना 1986 में मैक्सिको में खेले गए विश्व कप में अर्जेंटीना के कप्तान थे। उन्होंने क्वॉर्टर फाइनल में अर्जेंटीना की इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीत के बाद कहा था, ‘यह ईश्वर का हाथ यानि ‘हैंड ऑफ गॉड’ था।’ उनका यह कथन खेल जगत की सबसे चर्चित टिप्पणियों में शामिल है। अर्जेंटीना में फुटबॉल का वर्तमान सत्र समाप्त कर दिया गया है इससे माराडोना की टीम जिमनेसिया दूसरी डिवीजन में खिसकने से बच गई। अर्जेंटीना में कोरोना वायरस के कारण 20 मार्च से लॉकडाउन है। वहां अभी 4114 लोग इस बीमारी से संक्रमित हैं जबकि 207 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।


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विलियमसन NZ के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वनडे खिलाड़ी

ऑकलैंडन्यूजीलैंड क्रिकेट के वार्षिक पुरस्कारों में कप्तान को साल भर में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए गुरुवार को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ वनडे खिलाड़ी चुना गया। रॉस टेलर को पुरुष टी20 जबकि सोफी डिवाइन को महिला टी20 के लिए वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला। सूजी बेट्स महिला वर्ग में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहीं। कोविड-19 महामारी के कारण पहली बार इन पुरस्कारों को ऑनलाइन दिया गया। विलियमसन ने पिछले साल बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और कप्तान के तौर पर न्यूजीलैंड की टीम को विश्व कप फाइनल में भी पहुंचाया। इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने विश्व कप में दो शतकों की मदद से 578 रन बनाए और उन्हें टूर्नमेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। पढ़ें, न्यूजीलैंड के मुख्य कोच गैरी स्टीड ने कहा, ‘पिछले साल आईसीसी विश्व कप में केन ने बेजोड़ प्रदर्शन किया। वह इस पुरस्कार का हकदार था।’ अनुभवी टेलर ने खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में 130 की स्ट्राइक रेट से 330 रन बनाए। बेट्स ने महिला वनडे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में दो अर्धशतक बनाए जबकि डिवाइन ने महिला टी20 में अपना पहला शतक लगाया और 71 के औसत से 429 रन बनाए।


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टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने के बाद अब नए सिर से शुरुआत करना चाहते हैं मोईन

लंदन टेस्ट क्रिकेट से कुछ समय तक बाहर रहने के बाद अब ऑलराउंडर नए सिरे से शुरुआत करके इंग्लैंड की टेस्ट टीम में फिर जगह हासिल करना चाहते हैं। इस ऑफ स्पिन ऑलराउंडर को पिछले साल एशेज के पहले टेस्ट मैच में खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें इंग्लैंड की केंद्रीय अनुबंध सूची से भी हटा दिया गया था। मोईन ने इसके बाद कुछ समय के लिये टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने का फैसला किया और इस कारण न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने इस साल श्रीलंका दौरे के लिए भी खुद को अनुपलब्ध रखा था। यह दौरा कोरोना वायरस महामारी के कारण बीच में ही रद्द करना पड़ा था। अब तक 60 टेस्ट मैचों में 181 विकेट लेने वाले मोईन फिर से टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं हालांकि इसके लिए उन्हें साथी स्पिनर जैक लीच और डॉम बेस से कड़ी चुनौती मिलेगी। मोईन ने वीडियो लिंक के जरिए पत्रकारों से कहा, ‘अगर मुझे कल टीम में शामिल किया जाता है तो मैं हां कहूंगा। मैं अब किसी भी तरह की क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध रहूंगा। मुझे अब भी टीम में जगह बनाने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे टेस्ट क्रिकेट पसंद है और मैंने नई शुरुआत की है। पिछले एक साल में जो कुछ हुआ उससे संभवत: मैं बेहतर गेंदबाज बन गया हूं।’


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शोएब अख्तर ने कहा, 'ऋषि कपूर के साथ एक युग का अंत हो गया'

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अभिनेता ऋषि कूपर के निधन पर गहरा शोक जताया है। गुरुवार को 67 साल की उम्र में ऋषि कपूर का मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऋषि कपूर 2018 में कैंसर से पीड़ित हुए थे और पिछले साल इलाज करवाकर वह मुंबई लौटे थे। अख्तर ने ऋषि कपूर की तीन तस्वीरों का एक कोलाज बनाकर पोस्ट किया। इस पर उन्होंने टिप्पणी की- यह जिंदगी दर्द भी है, यह जिंदगी है दवा भी। दिल तोड़ना है ना जाने, जाने यह दिल जोड़ना भी।' यह ऋषि कपूर की फिल्म बड़े दिलवाला का गीत है। जो 1983 में रिलीज हुई थी। इसमें उनके साथ टीना मुनीम ने काम किया था। अख्तर ने आगे लिखा, 'ऋषि कपूर जी के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उनके साथ एक युग का अंत हुआ। मैं उनका बड़ा फैन रहा हूं। उनके परिवार को मेरा प्यार।'


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यादें: जब ऋषि कपूर ने लिए थे टीम इंडिया के मजे

नई दिल्ली बॉलीवुड ऐक्टर का गुरुवार को निधन हो गया। वह 67 साल के थे। ऋषि एक बेहतरीन अदाकार तो थे ही साथ ही अपनी बेबाक और मजेदार राय के लिए भी जाने जाते थे। टि्वटर पर काफी ऐक्टिव थे और उस प्लैटफॉर्म पर वह खुलकर अपनी राय रखते थे। ऐसे ही एक बार उन्होंने वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम पर भी अपनी राय रखी थी। पिछले साल इंग्लैंड में हुए 50 ओवर वर्ल्ड कप के लिए जब हर ओर यह चर्चा थी विजय शंकर ने शुरुआती 15 में जगह क्यों बनाई या ऋषभ पंत को शामिल क्यों नहीं किया गया (हालांकि शंकर के चोटिल होने के बाद वह टीम में आ गए थे।) ऋषि कपूर ने मजेदार अंदाज में इसका विश्लेषण किया था। कपूर ने वर्ल्ड कप के लिए चुनी हुई भारतीय टीम का फोटो पोस्ट किया था और कहा था कि ज्यादातर खिलाड़ियों की दाढ़ है। उन्होंने कहा था कि आजकल यह स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है। खिलाड़ी इसे रखना चाहते हैं। उन्होंने लिखा था कि टीम मे सिर्फ उन खिलाड़ियों को चुना गया है जिनकी दाढ़ी है। हालांकि उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को एक सलाह भी दी थी। उन्होंने कहा था कि संजू सैमसनस बिना दाढ़ी के स्मार्ट लगते हैं। उस समय कुछ लोगों ने कहा था कि यह संजू सैमसन को टीम में नहीं चुने जाने पर निशाना था। उन्होंने ट्वीट किया था, 'इस पिक्चर को रेफरंस पॉइंट के रूप में न लें लेकिन हमारे ज्यादा क्रिकेटरों की दाढ़ी क्यों है? सभी सैमसन (याद है उसे अपनी शक्ति बालों से मिलती थी) बेशक, वे इस दाढ़ी के बिना भी स्मार्ट लगेंगे। सिर्फ एक बात है।' सैमसन बाइबल का एक पौराणिक चरित्र है जिसके बारे में कहा जाता है कि उसे अपनी शक्ति अपने बिना कटे बालों से मिलती थी।


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ऑस्ट्रियाई ग्रां प्री को दर्शकों के बिना ही हरी झंडी

विएनाऑस्ट्रिया सरकार ने कहा कि ऑस्ट्रियाई ग्रां प्री फॉर्म्युला-1 रेस को दर्शकों के बिना आयोजित करने की स्थिति में ही मंजूरी दी जाएगी। कोरोना वायरस के कारण फॉर्म्युला-1 वर्ल्ड चैंपियनशिप बुरी तरह से प्रभावित है और पांच जुलाई को होने वाली ऑस्ट्रियाई ग्रां प्री उसकी इस सत्र की पहली रेस हो सकती है। ऑस्ट्रिया के स्वास्थ्य मंत्री रूडोल्फ एन्सोबर ने कहा कि कुछ शर्तें मानने पर ही इस रेस को सरकार से मंजूरी मिलेगी। उन्होंने रेडियो ओ1 से कहा, ‘इस रेस का आयोजन पूरी तरह से आयोजकों की सुरक्षा योजना पर निर्भर करेगा।' पढ़ें, रूडोल्फ ने कहा, 'हम इस तरह की प्रतियोगिता को बेहद कड़ी शर्तों के साथ ही मंजूरी देंगे और मुझे लगता है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि इसका आयोजन दर्शकों के बिना होना चाहिए।’


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गेंद पर लार: वॉर्नर बोले- इसे बदलने की जरूरत नहीं

मेलबर्नऑस्ट्रेलिया के स्टार सलामी बल्लेबाज को नहीं लगता कि जब कोविड-19 महामारी खत्म होने के बाद दुनिया में क्रिकेट बहाल होगा तो गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को रोकने की जरूरत होगी। उन्हें लगता है कि यह साथी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से कम या ज्यादा जोखिम भरा नहीं है। ऐसी अटकलें हैं कि संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को रोक दिया जाएगा। वॉर्नर ने ‘क्रिकेट डॉट काम डॉट एयू’ से कहा, ‘आप ड्रेसिंग रूम साझा कर रहे हो और इसके अलावा भी आप सब चीजें साझा करते हो तो मुझे नहीं लगता कि इसे बदलने की जरूरत क्यों है।’ पढ़ें, उन्होंने कहा, ‘यह सब कई वर्षों से चल रहा है, मुझे याद नहीं कि ऐसा करने से कोई बीमार हुआ हो। अगर आपको संक्रमित होना है तो मुझे नहीं लगता कि जरूरी नहीं कि यह सिर्फ इसी से हो।' वॉर्नर ने कहा, 'मैं हालांकि इसे लेकर ज्यादा सुनिश्चित भी नहीं हूं लेकिन यह टिप्पणी करना मेरा काम नहीं है कि गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। यह आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) और संचालन संस्थाओं का काम है कि वे फैसला करें।’ पूर्व तेज गेंदबाज शॉन टेट मानते हैं कि बदलाव को स्वीकार करना अहम है और थूक का इस्तेमाल पुरानी बात हो सकती है। टेट ने कहा, ‘मैं गेंद पर लार लगाने के हक में नहीं हूं, यह अच्छा नहीं है। हमें संभावित बदलावों को स्वीकार करना चाहिए।’


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उमर पर प्रतिबंध का कुछ हिस्सा निलंबित हो सकता है : पीसीबी सूत्र

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सूत्रों ने कहा कि क्रिकेट बोर्ड का अनुशासनात्मक पैनल उमर अकमल को लेकर जब जल्द ही अपना विस्तृत फैसला सुनाएगा तो उनके प्रतिबंध का कुछ हिस्सा निलंबित हो सकता है। पीसबी ने उमर पर भ्रष्ट संपर्क की जानकारी नहीं देने के लिये तीन साल का प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को लाहौर में पैनल की एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) मिरान चोहान ने यह फैसला सुनाया था। उमर स्वयं सुनवाई के लिए पहुंचे थे। सूत्रों ने कहा, ‘लोग तीन साल के प्रतिबंध को लेकर सीधे नतीजों पर पहुंच गये लेकिन अभी विस्तृत फैसला नहीं आया है। उमर पर तीन साल का प्रतिबंध लग सकता है लेकिन इसमें दो साल या ऐसा ही कुछ निलंबित प्रतिबंध शामिल हो सकता है।’ उन्होंने कहा कि इसकी पूरी संभावना है क्योंकि उमर पर भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने जिन नियमों के तहत आरोप तय किए उसे देखते हुए जज तीन साल के प्रतिबंध के अधिकतर हिस्से को निलंबित रख सकते हैं।


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Wednesday, April 29, 2020

अलविदा ऋषि: सचिन, विराट ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्लीबॉलिवुड के दिग्गज ऐक्टरों में शुमार ऋषि कपूर () का 67 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। एक दिन पहले ही ऐक्टर इरफान खान (Irrfan Khan) इस दुनिया से चले गए और अगले ही दिन ऋषि भी। उनके निधन पर भारतीय क्रिकेट जगत भी स्तब्ध है और अपने पसंदीदा कलाकार को गमगीन होकर याद कर रहा है। महान क्रिकेटर , टीम इंडिया के कैप्टन , पूर्व धुरंधर ओपनर वीरेंदर सहवाग समेत कई दिग्गजों ने ऋषि कपूर को श्रद्धांजलि दी। देखें, सचिन ने उनकी तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'ऋषि जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं उनकी फिल्में देखते हुए बड़ा हुआ हूं और जब हम वर्षों बाद मिले, तो भी वह बहुत शालीन थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। नीतू जी, रणबीर और पूरे कपूर परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।' कैप्टन कोहली ने लिखा, 'विश्वास नहीं हो रहा। कल इरफान खान और आज ऋषि कपूर। यह स्वीकार करना ही मुश्किल हो रहा है कि दिग्गज नहीं रहे। उनके परिवार को सांत्वना, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।' पूर्व ओपनर सहवाग ने लिखा, 'ऋषि जी के निधन के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। ओम शांति !' दिग्गज भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने भी इस दिग्गज को श्रद्धांजलि दी। सिने जगत के दिग्गजों में शामिल रहे ऋषि कपूर अपनी लाजवाब अदाकारी और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते रहे।


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हैपी बर्थडे: 33 के हुए टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का आज (30 अप्रैल) को जन्मदिन है। 1987 को आज ही के दिन उनका जन्म नागपुर में हुआ। रोहित को क्रिकेट की दुनिया में 'हिटमैन' के नाम से जाना जाता है और हो भी क्यों नहीं, उनके नाम एक, दो नहीं बल्कि तीन-तीन दोहरे शतक लगाए हैं। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 2014 में 264 रनों की पारी खेली थी जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर है। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने धमाकेदार शुरुआत की और अपनी पहली दोनों पारियों में उन्होंने सेंचुरी लगाई। इसके बाद हालांकि वह अगली 16 पारियों में सिर्फ दो बार पचास का स्कोर पार किया। हालांकि पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने टेस्ट में बतौर ओपनर बल्लेबाजी की और शतक लगाए। वनडे क्रिकेट की बात करें तो 2013 में उन्हें बतौर ओपनर आजमाने का महेंद्र सिंह धोनी का फैसला रोहित के करियर में मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। उन्होंने उस साल चैंपियंस ट्रोफी में दो हाफ सेंचुरी लगाईं और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन बनाए। साल 2015 में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपनी पहली टी20 इंटरनैशनल सेंचुरी लगाई। इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस में बतौर कप्तान उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और चार बार (2013, 2015, 2017 और 2019) में ट्रोफी पर कब्जा किया। बीते साल इंग्लैंड में खेले गए 50 ओवर के वर्ल्ड कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पांच शतक लगाए।


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थॉमस और उबेर कप फिर स्थगित, अब अक्टूबर में

नई दिल्लीथॉमस और उबेर कप फाइनल्स को कोविड-19 महामारी के कारण बुधवार को दूसरी बार स्थगित कर दिया गया। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने अब इन दोनों वैश्विक टीम चैंपियनशिप का आयोजन तीन से 11 अक्टूबर के बीच डेनमार्क के ऑर्थस में करने का फैसला किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन टूर्नमेंट का आयोजन 16 से 24 मई के बीच होना था लेकिन विश्व भर में फैली महामारी के कारण 20 मार्च को इन्हें 15 से 23 अगस्त तक स्थगित कर दिया गया था। बीडब्ल्यूएफ ने बुधवार को फिर से इन टूर्नमेंट को स्थगित कर दिया। उसने कहा कि सितंबर से पहले इनका आयोजन करना संभव नहीं है। विश्व बैडमिंटन महासंघ ने बयान में कहा, ‘डेनमार्क सरकार का अपने देश में बड़े आयोजनों पर प्रतिबंध अगस्त के आखिर तक बढ़ाने के छह अप्रैल के निर्णय के बाद दोनों पक्ष इस पर सहमत थे कि इन चैंपियनशिप का आयोजन 15 से 23 अगस्त के बीच करना संभव नहीं होगा।’ पढ़ें, इसमें कहा गया है, ‘बीडब्ल्यूएफ ने बैडमिंटन डेनमार्क, टूर्नमेंट के आयोजकों, स्पोर्ट इवेंट डेनमार्क और स्थानीय ऑर्थस सरकार के साथ विचार विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि इसका अक्टूबर में आयोजन सर्वश्रेष्ठ समाधान होगा।’ बीडब्ल्यूएफ के महासचिव थॉमस लुंड ने कहा, ‘हमारी मुख्य प्राथमिकता खिलाड़ियों, स्टाफ, स्वयंसेवकों, जज और संपूर्ण बैडमिंटन समुदाय का स्वास्थ्य और सुरक्षा है। हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्थानीय सरकार और डेनमार्क की सरकार की सलाह पर गौर किया और यह स्पष्ट हो गया कि बीडब्ल्यूएफ थॉमस और उबेर कप फाइनल्स सितंबर से पहले करना मुश्किल होगा।’ पढ़ें, उन्होंने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि हम तीन से 11 अक्टूबर की नई तारीखों में सुरक्षित और सफल चैंपियनशिप का आयोजन कर सकते हैं।’ इससे पहले बीडब्ल्यूएफ ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप (11 से 15 मार्च) के बाद महामारी के कारण अपने कई टूर्नमेंट स्थगित या रद्द कर दिए।


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तुर्की की ऐथलीट का लंदन ओलिंपिक का नमूना डोपिंग पॉजिटिव

पैरिसअंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने कहा कि तुर्की की ऐथलीट को लंदन 2012 ओलिंपिक खेलों से ‘अयोग्य’ घोषित कर दिया गया है। मिंगिर का नमूना डोपिंग परीक्षण में पॉजिटिव आया है। तीस साल की मिंगिर आठ साल पहले महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में 27वें स्थान पर रही थीं। मिंगिर ने 2012 यूरोपीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। आईओसी ने बयान में कहा, ‘मिंगिर के लंदन 2012 के नमूने में दोबारा की गई जांच में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया है।’ 30 साल की मिंगिर ने 2011 में यूरोपियन अंडर-23 चैंपियनशिप (चेक गणराज्य में आयोजित) में 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। वह 2013 में आयोजित यूनिवर्सिएड में तीसरे स्थान पर रही थीं।


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तो तोक्यो ओलिंपिक का आयोजन ‘मुश्किल’: पीएम आबे

तोक्योजापान के (Shinzo Abe) ने बुधवार को कहा कि अगर कोरोना वायरस महामारी () को नियंत्रित नहीं किया गया तो स्थगित हो चुके तोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) का आयोजन ‘मुश्किल’ होगा। प्रधानमंत्री आबे का यह बयान तोक्यो ओलिंपिक की आयोजन समिति के अध्यक्ष योशिरो मोरी के बयान के एक दिन बाद आया है जिन्होंने स्थानीय दैनिक खेल समाचार पत्र को साक्षात्कार के दौरान कहा था कि अगले साल तक अगर कोरोना वायरस बीमारी को नियंत्रित नहीं किया जा सका तो ओलिंपिक को रद्द करना पड़ेगा। आबे ने संसद में कहा, ‘कोरोना वायरस पर मानवता की जीत के साक्ष्य के तौर पर हमें ओलिंपिक का आयोजन करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम ऐसी स्थिति में नहीं हुए तो फिर खेलों का आयोजन मुश्किल होगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम कहते आए हैं कि हम ओलिंपिक और पैरालंपिक का आयोजन करेंगे जिसमें खिलाड़ी और दर्शक पूरी सुरक्षा के साथ हिस्सा ले पाएंगे और यह पूर्ण रूप से आयोजित होगा। मुझे लगता है कि अगर महामारी को नियंत्रित नहीं किया जाता है तो इनका (ओलिंपिक का) आयोजन पूर्ण रूप से नहीं हो पाएगा।’ कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल होने वाले खेलों को पहले ही अगले साल के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब ये 23 जुलाई 2021 से शुरू होंगे। जापान के खेल दैनिक ‘निक्कन स्पोर्ट्स’ में मंगलवार को प्रकाशित साक्षात्कार में जब मोरी से पूछा गया था कि अगर महामारी का खतरा अगले साल भी बना रहता है तो क्या खेलों को 2022 तक टाला जा सकता है तो उन्होंने कहा था, ‘नहीं। अगर ऐसा होता है तो फिर इन्हें रद्द कर दिया जाएगा।’ तोक्यो ओलिंपिक खेलों के प्रवक्ता ने हालांकि मंगलवार को ही संवाददाताओं से कहा था कि मोरी की टिप्पणी अध्यक्ष के निजी नजरिए पर आधारित थी। कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग 217000 लोगों की मौत हो चुकी है। जापान में लगभग 14000 लोग इससे संक्रमित हुए हैं और लगभग चार सौ लोगों की जान गई है।


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खाली स्टेडियमों में IPL? रहाणे ने दिया ये जवाब

नई दिल्लीभारत और दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज () ने कहा है कि उन्हें खाली स्टेडियमों में इंडियन प्रीमियर लीग () खेलने से कोई ऐतराज नहीं है बशर्ते इससे क्रिकेटप्रेमियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। दिल्ली कैपिटल्स द्वारा इंस्टाग्राम लाइव चैट में उन्होंने कहा ,‘कोरोना महामारी ने सभी को सिखा दिया है कि अप्रत्याशित चीजें हो सकती है। इसलिए हम जो कर रहे हैं, उसी में खुश रहना चाहिए और उसकी अहमियत समझनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक आईपीएल या अन्य खेलों का सवाल है, मेरा मानना है कि यह दर्शकों के बिना खेला जा सकता है। हम सभी ने घरेलू क्रिकेट खाली मैदानों में खेला है तो यह हमारे लिए नया नहीं है।’ रहाणे ने कहा, ‘बेशक हम अपने प्रशंसकों के बिना कुछ नहीं है और यही वजह है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्हें घर बैठे मैच देखने को मिल रहे हैं तो यह अच्छा है। उनकी सुरक्षा के लिए अगर हमें खाली मैदान में खेलना पड़े तो मैं तैयार हूं।’ यह पूछने पर कि लॉकडाउन में वह समय कैसे बिता रहे हैं, उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी और बेटी को पूरा समय दे रहे हैं। मुख्य कोच के मार्गदर्शन में खेलने को लेकर उत्साहित रहाणे ने कहा, ‘मेरे आदर्श हमेशा से राहुल सर (राहुल द्रविड़) और सचिन सर रहे हैं लेकिन मैं रिकी सर का भी फैन रहा हूं। मैं उनकी बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण की नकल करता था। मैं उनके मार्गदर्शन में खेलने को लेकर उत्साहित हूं।’


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कप्तानी की पेशकश: डि विलियर्स ने बताई सच्चाई

मुंबईदक्षिण अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज (Ab ) ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि राष्ट्रीय टीम ने उनसे टीम की कमान संभालने की पेशकश की थी जबकि कुछ घंटे पहले एक टीवी चैनल ने उनके हवाले से कहा था कि देश के क्रिकेट बोड ने उन्हें यह पेशकश की थी। फैन्स के बीच मिस्टर 360° कहे जाने वाले डि विलियर्स ने ट्वीट किया, ‘रिपोर्टों से लग रहा है कि क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने मुझसे टीम की अगुआई करने को कहा था जो सच नहीं है। इन दिनों किस चीज पर विश्वास किया जाए, यह जानना मुश्किल हो रहा है।’ विस्फोटक बल्लेबाज डि विलियर्स ने मई 2018 में सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की खबरें चल रही हैं। डि विलियर्स (36 वर्ष) के हवाले से स्टार स्पोर्ट्स शो ‘क्रिकेट कनेक्टिड’ ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उनसे ‘क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने फिर से टीम की कप्तानी संभालने की बात पूछी थी।’ दक्षिण अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि वह तभी वापसी करेंगे जब उन्हें लगेगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए अच्छे हैं, हालांकि वह फ्रैंचाइजी टीमों के लिए लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सबसे अहम चीज यह है कि मुझे अपनी शीर्ष फॉर्म में होना होगा और साथ ही मेरे साथ में जो खिलाड़ी है, मुझे उससे बेहतर होना होगा। अगर मुझे लगता है कि मैं टीम में जगह बनाने का हकदार हूं तो यह मेरे लिए आसान हो जाएगा क्योंकि इससे मैं महसूस करूंगा कि मुझे अंतिम एकादश का हिस्सा होना चाहिए।’ डि विलियर्स ने कहा, ‘मैं इतने समय से टीम का हिस्सा नहीं हूं और मुझे लगता है कि यह मेरे और अन्य लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है कि मैं अब भी इतना अच्छा खेलता हूं कि टीम में जगह बना सकूं।’ दक्षिण अफ्रीका के कोच ने पहले कहा था कि आस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए राष्ट्रीय टीम में डि विलियर्स के नाम पर तभी विचार किया जा सकता है जब वह अच्छी फॉर्म में हों और अपने स्थान के लिए खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करें। लेकिन कोविड-19 महामारी को देखते हुए डि विलियर्स ने कहा कि अगर अक्टूबर-नवंबर में होने वाला टी20 विश्व कप स्थगित होता है तो वापसी को लेकर वह निश्चित नहीं है।


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चहल बोले, तब छक्का मारकर बल्लेबाज ही गेंद लाए

नई दिल्लीकिलर महामारी () की वजह से क्रिकेट में बड़ा बदलाव आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद () ने कोविड-19 (Covid-19) महामारी के बाद वायरस को फैलने से रोकने के लिए गेंद पर कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को वैध करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसके पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा (Ashish Nehra) और स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) समेत कई क्रिकेटर इसके खिलाफ हैं। अब इस पर () ने जवाब दिया है। ...तो बल्लेबाज ही करे फील्डिंगकरिश्माई भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने एक चैट में इस पर बड़ा ही मजेदार जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अब इतना कुछ बदलाव हो ही रहा है तो एक और बदलाव कर दो। छक्का लगाने वाले ही बल्लेबाज गेंद वापस भी लेकर आए। साथ ही उन्होंने कहा- लार से गेंद चमकाने से गेंदबाजी में बदद मिलती है। गेंद को स्विंग कराना हो या हवा में ड्रिफ्ट कराना हो। यह गेंद की चमक के हिसाब से होता है। बता दें कि अगर यह बदलाव होता है तो बल्लेबाजों के लिए बैटिंग और भी आसान हो जाएगी। इसी वजह से उन्होंने यह बात कही। वैसलीन से नहीं मिलती मददनेहरा ने कृत्रिम पदार्थों के इस्तेमाल के विचार को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा, ‘एक बात ध्यान रखिए, अगर आप गेंद पर थूक या पसीना नहीं लगाएंगे तो गेंद स्विंग नहीं करेगी। यह स्विंग गेंदबाजी की सबसे अहम चीज है। जैसे ही गेंद एक तरफ से खुरच जाती है तो दूसरी तरफ से पसीना और थूक लगाना पड़ता है।’ उन्होंने फिर समझाया कि कैसे वैसलीन से तेज गेंदबाजों की मदद नहीं हो सकती। नेहरा ने बताया क्यों थूक है जरूरीनेहरा ने कहा, ‘अब समझिए कि थूक की जरूरत क्यों पड़ती है? पसीना थूक से ज्यादा भारी होता है लेकिन दोनों मिलाकर इतने भारी होते हैं कि ये रिवर्स स्विंग के लिए गेंद की एक तरफ को भारी बनाते हैं। वैसलीन इसके बाद ही इस्तेमाल की जा सकती है, इनसे पहले नहीं। क्योंकि यह हल्की होती है, यह गेंद को चमका तो सकती है लेकिन गेंद को भारी नहीं बना सकती।’ हरभजन का ये है कहनाहरभजन भी इस बात से सहमत थे कि थूक ज्यादा भारी होता है और अगर किसी ने ‘मिंट’ चबाई हो तो यह और ज्यादा भारी हो जाता है, क्योंकि इसमें शर्करा होती है। लेकिन जब कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की बात है तो वह जानना चाहते हैं कि इसके विकल्प क्या हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि ‘मिंट’ को मुंह में डाले बिना ही इस्तेमाल किया जाए। शर्करा के थूक में मिलने से यह गेंद को भारी बनाता है। खुरची हुई गेंद भी स्पिनरों के लिए अच्छी होती है जिससे इसे पकड़ना बेहतर होता जबकि चमकती हुई गेंद ऐसा नहीं कर सकती। लेकिन मेरा सवाल है कि अगर आप अनुमति देते हो तो इसकी सीमा क्या होगी?’


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T10 टीम का भारतीय ओनर बैन, जानें पूरा मामला

नई दिल्लीअंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद () ने बुधवार को भारतीय व्यवसायी को प्रतिबंधित कर दिया जो संयुक्त अरब अमीरात में 2018 में हुई टी10 लीग में एक फ्रैंचाइजी के मालिक थे। एक भ्रष्टाचार रोधी जांच में बाधा डालने की बात स्वीकार करने के बाद अग्रवाल के खिलाफ यह फैसला लिया गया। उन्होंने भ्रष्टाचार रोधी संहिता के उल्लघंन की बात स्वीकार करने के बाद सहयोग की पेशकश की जिससे उन पर लगे दो साल के प्रतिबंध में से छह महीने निलंबित सजा है। अग्रवाल कुछ समय के लिये टी10 टीम सिंधिज के मालिक थे, उन्हें संहिता के अंतर्गत 2018 चरण के दौरान भागीदार होने के नाते आरोपित किया गया। भ्रष्टाचार रोधी इकाई की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार अग्रवाल को अज्ञात ‘मिस्टर एक्स’ के साथ मिलकर सबूत मिटाने के लिये आरोपित किया गया जिन्हें भी प्रतिभागी बताया गया है। आईसीसी के आदेश के अनुसार, ‘अग्रवाल ने ‘मिस्टर एक्स’ को एक दूसरे के बीच हई बातचीत के सारे संदेश ‘डिलीट’ करने को कहा और एसीयू की जांच में शामिल होने से पहले उन्होंने उसका नंबर भी ‘डिलीट’ कर दिया।’ अग्रवाल को आचार संहिता के 2.4.7 अनुच्छेद के अनुसार आरोपित किया गया है जो चल रही जांच में किसी भी दस्तावेज को नष्ट करने, अन्य सूचनाओं को छुपाने या इनसे छेड़छाड़ करने से संबंधित है। आईसीसी के महाप्रबंधक (इंटीग्रीटी) एलेक्स मार्शल ने कहा, ‘अग्रवाल ने हमारी जांच में कई बार बाधा डालने और विलंब करने का प्रयास किया। ऐसा महज एक बार नहीं हुआ। हालांकि उन्होंने यह बात स्वीकार ली और अन्य प्रतिभागियों को लेकर चल रही कई जांच के संबंध में सहायता जारी रखी। जिसका उनकी सजा पर असर पड़ा।’


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दिग्गज की बेस्ट टेस्ट टीम, इन 2 भारतीयों को जगह

नई दिल्लीश्रीलंकाई क्रिकेटर दिनेश चंडीमल () ने अपनी ऑल टाइम बेस्ट टेस्ट इलेवन (all time best test 11) का ऐलान किया है। उन्होंने इस टीम में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले () और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान () के रूप में दो इंडियन खिलाड़ियों को चुना है। रोचक बात यह है कि उन्होंने अपनी टेस्ट टीम में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसी टेस्ट प्लेइंग टीमों के किसी खिलाड़ी को नहीं चुना है। उन्होंने ट्विटर पर टीम का ऐलान किया। उन्होंने अपनी टीम में सबसे अधिक अपने देश के 5 खिलाड़ियों को टीम में रखा है, जिसमें कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने, रंगना हेराथ, चमिंडा वास और टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले करिश्माई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन शामिल हैं। अपने पूर्व कप्तान यानी महेला जयवर्धने की टीम की कमान सौंपी है। इसके बाद भारत और साउथ अफ्रीका के दो-दो खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड से पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक और वेस्टइंडीज से इकलौते क्रिकेटर ब्रायन लारा इस टीम में हैं। तेज गेंदबाज के रूप में डेल स्टेन और चमिंडा वास, जबकि मुरली और हराथ के रूप में दो स्पिनर हैं। टीम सचिन तेंडुलकर (भारत), एलिस्टर कुक (इंग्लैंड), कुमार संगकारा (श्रीलंका), विराट कोहली (भारत), ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज), महेला जयवर्धने (कप्तान, श्रीलंका), जाक कैलिस (साउथ अफ्रीका), रंगना हेराथ (श्रीलंका), डेल स्टेन (साउथ अफ्रीका), चमिंडा वास (श्रीलंका), मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका)।


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ओलिंपिक 2028 के बारे में रिजिजू ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्लीखेलमंत्री () ने बुधवार को कहा कि 2028 ओलिंपिक (2028 ) में पदक तालिका में शीर्ष दस में रहना मुश्किल लक्ष्य है लेकिन असंभव नहीं और सरकार ने इसे हासिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। रिजिजू ने कहा कि 2028 ओलिंपिक के लिए प्रतिभा तलाशने का काम शुरू हो चुका है और देशव्यापी लॉकडाउन उठने के बाद प्रक्रिया तेज हो जाएगी। उन्होंने टेबल टेनिस कोचों के साथ एक ऑनलाइन सत्र में कहा, ‘हमने 2028 ओलिंपिक की पदक तालिका में भारत को शीर्ष 10 में देखने का लक्ष्य रखा है।यह मुश्किल है लेकिन असंभव नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘कोरोना महामारी () से उबरने के बाद हम विशेष टीमें बनाएंगे और हर खेल के लिए बनने वाली टीमों में मौजूदा और अनुभवी कोच और खिलाड़ी होंगे। ये टीमें देश के हर जिले में जाकर प्रतिभाएं तलाशेंगी। हमारे पास आठ साल है और मुझे यकीन है कि मौजूदा नीतियों के तहत भारत शीर्ष दस में होगा।’ इस ऑनलाइन सत्र में भारत के पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता, भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के सचिव एम पी सिंह ने भी भाग लिया। इसका संचालन भारत के पूर्व इतालवी कोच मास्सिमो कोंस्टेंटिनी ने किया। रिजिजू ने कहा, ‘भारत के लिए 2018 टेबल टेनिस में यादगार साल रहा जिसमें हमने एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक जीते। हम अगर वहां जीत सकते हैं तो ओलिंपिक में भी जीत सकते हैं।’


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कुश्ती: विदेशी कोचों को वेतन नहीं, बयां किया दर्द

नई दिल्लीभारत के विदेशी कुश्ती कोच एंड्रयू कुक ( ) और टेमो कजारशविली () मार्च का आधे महीने का वेतन लेकर भारत से चले गए हैं और वे नहीं जानते कि उन्हें वर्तमान महीने के बकाया के अलावा अन्य वेतन भत्तों का भुगतान होगा या नहीं। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण लखनऊ में चल रहे राष्ट्रीय शिविर को 17 मार्च को समाप्त करने के बाद महिला टीम के कोच कुक 19 मार्च को अमेरिका के सिएटल रवाना हो गए थे। पूर्व विश्व चैंपियन और भारतीय ग्रीको रोमन पहलवानों को कोचिंग दे रहे दिमिनुताइव कजारशविली भी सोनीपत में पुरुष शिविर को रोक दिए जाने के तुरंत बाद जॉर्जिया लौट गए थे। कुक ने सिएटल से पीटीआई-भाषा से कहा, ‘मैं अपनी मर्जी से घर नहीं लौटा। मेरे लौटने से पहले उन्होंने सब कुछ मंजूर कर लिया था क्योंकि मैंने सभी फॉर्म भरे थे। मुझे मार्च महीने का आधा वेतन ही मिला है। जब मैंने इस बारे में पता किया तो उन्होंने बताया कि मेरा वेतन रोका हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘जब से मैं घर में हूं मुझे कोई वेतन नहीं मिला। वे चाहते हैं कि हम जूम पर खिलाड़ियों से जुड़ें लेकिन भुगतान नहीं कर रहे हैं। यह कितना उचित है। यह मजाक है। वे अनुबंध का सम्मान नहीं कर रहे हैं।’ कुक ने दावा किया कि उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और डब्ल्यूएफआई अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखे हैं। डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने पुष्टि की कि कोचों का वेतन रोका गया है लेकिन आश्वासन दिया कि उन्हें जल्द ही भुगतान किया जाएगा। तोमर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि क्षेत्रीय साइ केंद्र के अधिकारियों को लगा कि शिविर मार्च के बीच में ही समाप्त हो गया इसलिए कोचों को आधे महीने का वेतन ही दिया जाएगा। लेकिन हमने उनसे कहा है कि यह वार्षिक अनुबंध है और हमें उन्हें मासिक आधार पर वेतन देना होगा।’ कुक का मासिक वेतन 4500 डॉलर जबकि कजारशविली का 4000 डॉलर है।


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कोरोना: ओलिंपिक के लिए टीके की जरूरत नहीं

सिडनीतोक्यो ओलिंपिक () के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति () के समन्वय आयोग के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि वह कुछ वैज्ञनिकों और डाक्टरों के उन सुझावों से सहमत नहीं हैं कि खेलों का आयोजन कराने के लिए कोविड-19 () के टीके की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया से आईओसी सदस्य जोन कोट्स एक वकील भी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस तरह के सुझाव देखे हैं लेकिन वह इससे सहमत नहीं हैं। कोट्स ने कहा, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से हमें जो सलाह मिल रही है, उसके अनुसार हमें इस तारीख के अनुसार योजना जारी रखनी चाहिए और हम ऐसा ही कर रहे हैं। और इसमें दल के लिए वक्सीन की बात नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘टीका आ जाएगा तो अच्छा होगा। लेकिन हमें डब्ल्यूएचए के दिशानिर्देशों के अनुसार और जापान स्वास्थ्य अधिकारियों के हिसाब से काम करना जारी रखेंगे।’ मंगलवार को जापान मेडिकल संघ के अध्यक्ष योशिटेक योकोकुरा ने कहा कि जुलाई 2021 में ओलिंपिक का आयोजन तभी संभव होगा जब जापान में हीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस संक्रमण पर काबू पा लिया जाएगा। योकोकुरा ने कहा, ‘मेरे विचार से ओलिंपिक का आयोजन तब तक मुश्किल होगा जब तक इसका प्रभावी टीका नहीं बना लिया जाता।’


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बीसीसीआई लोकपाल के अनुबंध पर फैसला कब

नई दिल्लीभारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के लोकपाल और आचरण अधिकारी डीके जैन () को अब तक शीर्ष अधिकारियों की तरफ से उनका अनुबंध बढ़ाए जाने को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। उनका एक साल का अनुबंध फरवरी में खत्म हो गया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जैन को फरवरी 2019 में लोकपाल सह आचरण अधिकारी नियुक्त किया गया था और अब उनके अनुबंध को बढ़ाने का फैसला बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह पर निर्भर है। न्यायमूर्ति जैन ने बुधवार को कहा, ‘कुछ समय पहले सीईओ (राहुल जौहरी) ने मौखिक रूप से मुझसे पूछा था कि क्या अनुबंध बढ़ाने में मेरी रुचि है और मैंने हां कहा था। लेकिन इसके बाद अब तक उनकी ओर से कोई सूचना नहीं मिली। बेशक अब लाकडाउन के कारण स्थिति अलग है।’ उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई को औपचारिक (लिखित) पेशकश के साथ आने दीजिए और मैं निश्चित रूप से इस पर विचार करूंगा।’ यह पूछने पर कि क्या उन्हें नई शिकायतें मिली है, उन्होंने कहा, ‘मुझे जानकारी नहीं है क्योंकि बीसीसीआई मुझे सूची भेजता है। फिलहाल लाकडाउन के कारण कार्यालय बंद है। मुझे नहीं लगता कि हितों के टकराव का कोई नया मामला है।’ न्यायमूर्ति जैन ने कहा कि उनके पास पांच मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे सही याद है तो चार या पांच मामले लंबित हैं। इनमें से एक मयंक पारिख का हितों के टकराव का मामला है।’ पारिख भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मीडिया अधिकारी रह चुके हैं। पारिख के खिलाफ एक शिकायत यह भी है कि मुंबई में वह छह क्लबों का संचालन करते हैं। बीसीसीआई में न्यायमूर्ति जैन के कार्यकाल की शुरुआत लोकेश राहुल (KL Rahul) और हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) के ‘कॉफी विद करण’ कार्यक्रम के विवाद के साथ हुई थी। इसके बाद उन्होंने हितों के टकराव के कई मामलों की सुनवाई की जिसमें क्रिकेट सलाहकार समिति के पूर्व सदस्यों सचिन तेंडुलकर (), गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण () से जुड़े मामले भी शामिल हैं। फरवरी में शीर्ष परिषद की बैठक के दौरान अलग-अलग लोकपाल और आचरण अधिकारी की नियुक्ति का मामला एजेंडा में था लेकिन इस मामले में अधिक प्रगति नहीं हुई।


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डिविलियर्स से टीम की कमान संभालने को कहा था क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने

मुंबई, 29 अप्रैल (भाषा) क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने एबी डिविलियर्स को फिर से राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने के बारे में पूछा था लेकिन वह राष्ट्रीय टीम में तभी वापसी करना चाहते हैं जब वह अपनी शीर्ष फार्म में हों। विस्फोटक बल्लेबाज डिविलियर्स ने मई 2018 में सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की खबरें आ रही हैं। डिविलियर्स (36 वर्ष) ने स्टार स्पोर्ट्स शो ‘क्रिकेट कनेक्टिड’ में कहा, ‘‘मेरी इच्छा है कि मैं दक्षिण अफ्रीका के लिये खेलूं और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका मुझे फिर से टीम की अगुआई करने के बारे में पूछ चुका है। ’’दक्षिण अफ्रीका के लिये 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि वह तभी वापसी करेंगे जब उन्हें लगेगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिये अच्छे हैं, हालांकि वह फ्रेंचाइजी टीमों के लिये लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिये सबसे अहम चीज यह है कि मुझे अपनी शीर्ष फार्म में होना होगा और साथ ही मेरे साथ में जो खिलाड़ी है, मुझे उससे बेहतर होना होगा। अगर मुझे लगता है कि मैं टीम में जगह बनाने का हकदार हूं तो यह मेरे लिये आसान हो जायेगा क्योंकि इससे मैं महसूस करूंगा कि मुझे अंतिम एकादश का हिस्सा होना चाहिए। ’’डिविलियर्स ने कहा, ‘‘मैं इतने समय से टीम का हिस्सा नहीं हूं और मुझे लगता है कि यह मेरे और अन्य लोगों के लिये भी महत्वपूर्ण है कि मैं अब भी इतना अच्छा खेलता हूं कि टीम में जगह बना सकूं। ’’ दक्षिण अफ्रीका के कोच मार्क बाउचर ने पहले कहा था कि आस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिये राष्ट्रीय टीम में डिविलियर्स के नाम पर तभी विचार किया जा सकता है जब वह अच्छी फार्म में हों और अपने स्थान के लिये खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करें।


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बेहद टैलंटेड थे सचिन और भी बहुत कुछ हासिल कर सकते थे: कपिल

नई दिल्ली सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) क्रिकेट की दुनिया का बहुत बड़ा नाम है। भारत के इस महान खिलाड़ी ने बल्लेबाजी के तमाम रेकॉर्ड ( Records) अपने नाम किए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक (Sachin 100 International Centuries)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन। वनडे इंटरनैशनल में 10 हजार रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले खिलाड़ी। बल्लेबाजी का लगभग हर रेकॉर्ड सचिन तेंडुलकर के नाम है। लेकिन भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ( on Sachin) का मानना है कि सचिन में जितनी प्रतिभा थी वह और भी काफी कुछ हासिल कर सकते थे। एक रेडियो चैनल से बात करते हुए कपिल ने कहा, 'कई लोग मेरी बातों को गलत समझ लेते हैं। मेरे विचार से सचिन तेंडुलकर भारत के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर रहे हैं। मैं अब भी यही मानता हूं कि उन्होंने जो हासिल किया वह उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते थे। उन्होंने काफी कुछ हासिल किया है, किसी ने उनसे बेहतर नहीं प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन मैं मानता हूं कि सचिन और भी हासिल कर सकते थे।' कपिल देव ने देश के लिए 24 साल तक खेलने के लिए सचिन तेंडुलकर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कोई आसान काम नहीं है। कपिल ने युवाओं को सचिन से सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे क्रिकेटर रहेंगे क्रिकेटर कभी खत्म नहीं होगा।


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ऐक्टिंग नहीं क्रिकेट था इरफान खान का पहला प्यार

नई दिल्ली भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे शानदार कलाकारों में शुमार का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 53 साल के थे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में वह कैंसर से जंग हार गए। वह कुछ समय पहले लंदन से इलाज करवाकर लौटे थे। उनके प्रशंसक उन्हें एक मंझे हुए कलाकार के रूप में जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि उनका पहला प्यार क्रिकेट था। महज 600 रुपये न होने की वजह से वह सीके नायडू ट्रोफी में शामिल नहीं हो सके। यह अंडर-23 टूर्नमेंट फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शामिल होने की पहली सीढ़ी माना जाता है। साल 2014 के एक इंटरव्यू में इरफान ने माना था कि वह युवावस्था में क्रिकेटर बनना चाहते थे। और तो और उनका चयन सीके नायडू ट्रोफी के लिए भी हो गया था लेकिन पैसों की तंगी के चलते वह इसमें शामिल नहीं हो सके। इरफान ने कहा था, 'मैं क्रिकेट खेलता था और क्रिकेटर ही बनना चाहता था। मैं एक ऑलराउंडर था। जयपुर में अपनी टीम में सबसे युवा था। मैं इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहता था। मैं सीके नायडू टूर्नमेंट के लिए चुना गया। उस समय मुझे पैसों की जरूरत थी और मुझे समझ नहीं आया कि मैं घर पर कैसे मांगू। उस दिन मैंने फैसला किया कि मैं क्रिकेट में भविष्य नहीं बनाऊंगा। मैं उस समय 600 रुपये नहीं मांग सकता था।' इसके बाद इरफान ने नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। जिसके लिए उन्हें 300 रूपये चाहिए थे। हालांकि उनके पास 300 रुपये भी नहीं थे तब उनके बहन ने उनके लिए पैसों का बंदोबस्त किया। दो क्षेत्रों - क्रिकेट और ऐक्टिंग- के बारे में बात करते हुए इरफान ने कहा था, क्रिकेट छोड़ने का फैसला उन्होंने बहुत सोच-समझकर लिया था। और साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में करियर क्रिकेट के मुकाबले अधिक व्यापक और लंबा होता है। उन्होंने कहा था, 'क्रिकेट छोड़ने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया था। पूरे देश से सिर्फ 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। ऐक्टर्स में कोई लिमिट नहीं है। जितना मेहनत करोगे, उतना निखार आएगा।' हालांकि टी20 क्रिकेट को लेकर वह बहुत ज्यादा खुश नहीं थे। उनका मानना था कि इसने खेल को नुकसान पहुंचाया है। वह खेल के परंपरागत रूप के ही फैन थे।


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लॉकडाउन में इरफान पठान बने भाई के हेयरस्टाइलिस्ट

नई दिल्लीकोरोना वायरस से बचाव के तौर पर पूरे भारत में 3 मई तक लॉकडाउन घोषित है और ऐसे में क्रिकेट जगत की दिग्गज हस्तियां अपने-अपने घर पर समय बिता रही हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर भी अपने घर पर हैं और वह इस दौरान सोशल मीडिया पर भी काफी ऐक्टिव हो गए हैं। इरफान पठान के बडे़ भाई यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इसमें उन्होंने बताया कि उनके बाल इरफान ने काटे हैं। उन्होंने अपने हेयरस्टाइल में 'पहले और बाद में' (Before & After) भी दिखाया है। देखें, यूसुफ ने इसके साथ कैप्शन में लिखा, 'पहले और बाद में, अगली तस्वीर में देखें कि बारबर कौन था।' इन तस्वीरों को अभी तक 67 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है। इससे पहले इरफान ने टिकटॉक पर काफी वीडियो शेयर किए जिसमें वह भाई के साथ भी नजर आए।


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तेंडुलकर, धोनी और कोहली से सीखे उमर: कामरान अकमल

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम से बाहर चल रहे विकेटकीपर कामरान अकमल (Kamran Akmal) को लगता है कि तीन साल का प्रतिबंध झेल रहे उनके छोटे भाई (Umar Akmal) को (Sachin Tendulkar), महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और (Virat Kohli) के मैदान के अंदर और बाहर के आचरण से सीख लेनी चाहिए। उमर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पाकिस्तान सुपर लीग (Pakistan Super League) से पहले भ्रष्ट संपर्कों की जानकारी नहीं देने के लिए तीन साल का प्रतिबंध लगाया है। कामरान ने ‘काउ कॉर्नर क्रॉनिकल्स’ कार्यक्रम में कहा, ‘मेरी उमर को सलाह है कि उसे सीख लेनी चाहिए। अगर उसने गलती की है तो उसे दूसरों से सीखना चाहिए। वह अभी युवा है। जिंदगी में कई विपरीत परिस्थितियां आती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन उसे विराट कोहली से जरूर सीख लेनी चाहिए। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के शुरुआती दिनों में विराट अलग तरह का इंसान था और इसके बाद उसने अपना रवैया बदला। देखो वह कैसे विश्व का नंबर एक बल्लेबाज बना।’ कामरान ने कहा कि उनका छोटा भाई तेंडुलकर और धोनी के व्यवहार से भी सीख ले सकता है जो हमेशा विवादों से दूर रहे। उन्होंने कहा, ‘हमारा खुद का बाबर आजम है जो अभी दुनिया के शीर्ष तीन बल्लेबाजों में शामिल है। दूसरा उदाहरण धोनी का है। देखिए कि किस तरह से उसने अपनी टीम की अगुआई की। सचिन पाजी हैं जो हमेशा विवादों से दूर रहे। हमारे सामने ये शानदार उदाहरण हैं।’ कामरान ने कहा, ‘हमें उनके आचरण पर ध्यान देकर उनसे सीखना चाहिए। वे केवल खेल पर ध्यान देते हैं। मैदान के बाहर प्रशंसकों के साथ उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है और वे खेल के शानदार दूत हैं। हम उनका अनुसरण करके फायदे में ही रहेंगे।’ कामरान ने कहा कि उनके छोटे भाई को कड़ी सजा दी गई जबकि इसी तरह के अपराध के लिए दूसरों को कम सजा दी गई थी। कामरान ने इसके साथ ही उन घटनाओं को याद किया जब वह एशिया कप 2010 में डांबुला में गौतम गंभीर से और फिर 2012-13 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान इशांत से भिड़ गए थे। उन्होंने कहा, ‘यह गलतफहमी और उस समय मैदान के माहौल की वजह से हुआ। गौतम और मैं अच्छे दोस्त हैं क्योंकि हमने ‘ए’ क्रिकेट काफी खेली है। हम नियमित तौर पर मिलते हैं और साथ में भोजन करते हैं।’ कामरान ने कहा, ‘यह सब इसलिए हुआ क्योंकि मैं नहीं समझ पाया कि उसने क्या कहा। बेंगलुरू में इशांत के साथ भी ऐसा ही हुआ। आप जानते हैं कि मैं मैदान पर ज्यादा बात नहीं करता। गौतम और इशांत दोनों बहुत अच्छे इंसान है। हम उनका सम्मान करते हैं और वे हमारा सम्मान करते हैं। मैदान पर जो कुछ हुआ वह वहीं तक सीमित है।’


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सहवाग से ज्यादा टैलंटेड था नजीर: शोएब अख्तर

कराची पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) का मानना है कि वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) के दौर में खेलने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी (Imran Nazir) इस आक्रामक भारतीय से ज्यादा प्रतिभाशाली थे लेकिन ज्यादा समझदार नहीं थे। अख्तर ने यह भी कहा कि उन्हें देश के क्रिकेट प्रशासन से भी सहयोग नहीं मिला। अख्तर को लगता है कि पाकिस्तान ने नजीर की प्रतिभा की कद्र नहीं की। उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इमरान नजीर उतने समझदार थे जितने सहवाग। मुझे नहीं लगता कि सहवाग में इतनी प्रतिभा थी, जितनी नजीर में थी। प्रतिभा के मामले में कोई तुलना नहीं हो सकती। ’ उन्होंने कहा, ‘जब उसने भारत के खिलाफ एक अभ्यास मैच में आक्रामक शतक लगाया था तो मैंने इमरान नजीर को लगातार खिलाने की बात कही लेकिन प्रशासन ने बात नहीं सुनी।’ नजीर ने पाकिस्तान के लिए केवल आठ टेस्ट मैच खेले और उनमें 427 रन बनाए जबकि 79 वनडे में उन्होंने देश के लिए 1895 रन जोड़े। वहीं सहवाग ने भारत के लिये 104 टेस्ट में 8586 रन और 251 वनडे में 8273 रन बनाए। रावलपिंडी एक्सप्रेस (Rawalpindi Express) ने पाकिस्तान क्रिकेट अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास जो खिलाड़ी थे, उनकी उन्होंने ठीक से कद्र नहीं की। अख्तर ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम नहीं जानते कि अपनी प्रतिभाओं का ख्याल कैसे रखा जाए। हमारे पास इमरान नजीर (Imran Nazir) के रूप से वीरेंदर सहवाग से ज्यादा बेहतर खिलाड़ी हो सकता था। वह सभी शॉट बेहतरीन तरीके से खेलते थे और एक अच्छे फील्डर भी थे। हम उनका अच्छी तरह इस्तेमाल कर सकते थे लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके।’ उन्होंने कहा कि नजीर के करियर में पूर्व महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद (Javed Miandad) ने अहम भूमिका निभाई । उन्होंने कहा, ‘जब भी इमरान नजीर अच्छा खेलता, तो यह जावेद मियांदाद की वजह से होता। जब भी वह खराब शॉट खेलता तो जावेद भाई उसे संदेश भेजते।’


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.. जब 'देसी बॉयज' बन रसेल ने गाया- सुबह होने ना दे

नई दिल्लीवेस्ट इंडीज के स्टार ऑलराउंडर आज यानी 29 अप्रैल 2020 को अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। करियर में अभी तक 1 टेस्ट, 56 वनडे और 49 टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले रसेल के बर्थडे पर उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। 19 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रसेल का यह वीडियो उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइटराइडर्स ने शेयर किया है। वीडियो में रसेल बॉलिवुड फिल्म 'देसी बॉयज' गाना 'सुबह होने ना दे' गाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम के उनके साथी दिनेश कार्तिक भी नजर आ रहे हैं। देखें, टी20 में वह कमाल के क्रिकेटर हैं और यही फॉर्मेट अब उनकी पहचान भी बन गया है। यही वजह है कि देश-विदेश की टी20 लीग में खेलते हैं। वह भारत में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग और ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग के अलावा पाकिस्तान सुपर लीग और बांग्लादेश की टी20 लीग में भी खेलते हैं। रसेल ने करियर में अभी तक 1 टेस्ट, 56 वनडे और 49 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले। वनडे में उन्होंने 56 मैचों में 1034 रन बनाए और 70 विकेट लिए। वहीं, टी20 इंटरनैशनल में उन्होंने 540 रन बनाए और 26 विकेट झटके। उन्होंने एकमात्र टेस्ट में 1 विकेट लिया और 2 रन बनाए।


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हसी ने अपनी टीम में धोनी को नहीं चुना, क्यों

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल हसी ने बुधवार को भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग, दिग्गज सचिन तेंडुलकर और वर्तमान कप्तान विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में अपनी ‘सर्वश्रेष्ठ विरोधी एकादश’ में शामिल किया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 2005 से 2013 तक टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले हसी ने उन खिलाड़ियों को अपनी एकादश में जगह दी है जिनके खिलाफ उन्होंने टेस्ट मैच खेले। इस 44 वर्षीय क्रिकेटर ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज के लिये मशहूर सहवाग और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ को अपनी सलामी जोड़ी बनाया है। मध्यक्रम में उन्होंने ब्रायन लारा, तेंडुलकर, कोहली, जाक कैलिस और कुमार संगकारा को रखा है। हसी ने तेंदुलकर और कोहली को बल्लेबाजी क्रम में चौथे और पांचवें नंबर पर रखा है। उनके गेंदबाजी आक्रमण में साउथ अफ्रीका के डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल, इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन और श्रीलंकाई स्पिन दिग्गज मुथैया मुरलीधरन शामिल हैं। इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि उनके लिये चेन्नै सुपरकिंग्स के उनके पूर्व साथी महेंद्र सिंह धोनी को बाहर रखना मुश्किल था। उन्होंने हालांकि अपने फैसले को सही बताया कि क्योंकि खेल के लंबे प्रारूप को देखते हुए उन्होंने धोनी पर संगकारा को प्राथमिकता दी। हसी ने कहा, ‘कुमार संगकारा, महेंद्र सिंह धोनी और एबी डिविलियर्स को लेकर मुझे काफी माथापच्ची करनी पड़ी। लेकिन मेरा मानना है कि धोनी और डि विलियर्स ने टी20 और वनडे में अधिक प्रभाव छोड़ा है। संगकारा ने टेस्ट क्रिकेट में काफी प्रभाव छोड़ा है।’ हसी से ग्लेन मैकग्रा, शेन वॉर्न और ब्रेट ली जैसे गेंदबाजों का नेट्स पर सामना करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बहुत मुश्किल होता था। उन्होंने कहा, ‘अगर आपने नेट सत्र आसानी से झेल दिया तो फिर आप टेस्ट क्रिकेट की कैसी भी परिस्थिति से पार पा सकते हो। मैं जब खेला करता था तब यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की वास्तविक मजबूती थी।’ माइकल हसी की सर्वश्रेष्ठ विरोधी एकादश : वीरेंदर सहवाग, ग्रीम स्मिथ, ब्रायन लारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, जॉक कैलिस, कुमार संगकारा, डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल, जेम्स एंडरसन, मुथैया मुरलीधरन


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Tuesday, April 28, 2020

WC के लिए भारत से बंटे पॉइंट्स, पाक नाराज

नई दिल्लीपाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान ने भारत और पाक महिला टीमों के बीच बराबर वनडे चैंपियनशिप अंक बांटने के आईसीसी के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है। हमारी सहयोगी वेबसाइट क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, मारूफ ने कहा कि की लीगल टीम इस फैसले को समझ रही है और अगर जरूरी हुआ तो चुनौती देगी। भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों को आईसीसी महिला वनडे चैंपियनशिप 2017-20 के तहत सात राउंड में छठे राउंड के मुकाबले खेलने थे। इसके पॉइंट्स से उन्हें 2021 वर्ल्ड कप के लिए सीधे जगह बनाने का मौका मिलता लेकिन फिलहाल दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते ठीक नहीं हैं। पढ़ें, मारूफ ने मंगलवार को पीसीबी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा, 'यह फैसला निराशाजनक है, क्योंकि हम लंबे समय से भारत के खिलाफ खेलने का इंतजार कर रहे थे। भरोसा है कि पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड भी इसके लिए तैयारी कर रहा था। मुझे याद है कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे काफी दुख हुआ।' दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध ठीक नहीं होने के कारण द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को टाला हुआ है। इससे भारत-पात मुकाबले नहीं होने के कारण आईसीसी ने छह अंकों को भारत तथा पाकिस्तान के बीच बराबर बांटने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही भारत ने आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वॉलिफाइ कर लिया था। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और मेजबान न्यूजीलैंड की महिला टीमें भी वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाइ कर चुकी हैं। पाकिस्तान का वर्ल्ड कप क्वॉलिफायर में मुकाबला श्रीलंका के साथ जुलाई में होना है। हालांकि घातक कोरोना वायरस के कारण श्रीलंका ने इस बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है। पढ़ें, 28 साल की पाक कैप्टन ने कहा, 'भारत-पाकिस्तान के मैच हमेशा से बहुत ही शानदार रहे हैं और दर्शकों ने भी अच्छा सपॉर्ट किया है। हमने हमेशा भारत के खिलाफ खेलने की इच्छा दिखाई और पाकिस्तान ने हमेशा राजनीति को खेल से दूर रखा है। यह निराशाजनक था कि हमें वे मैच नहीं मिले। हम पॉइंट्स टेबल में नंबर-5 पर थे। अगर हम खेलते और जगह नहीं बना पाते तो शायद क्रिकेटर के तौर पर और एक टीम के रूप में भी इसे स्वीकार करना आसान होता।'


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अचानक क्यों बेपरवाह हो गए इरफान पठान!

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर भले ही क्रिकेट के मैदान से दूर हों लेकिन सोशल मीडिया पर वह काफी ऐक्टिव हैं। आए दिन वह सोशल मीडिया पर वीडियो और मेसेज पोस्ट करते रहते हैं। उनके मेसेज को बहुत पसंद किया जाता है। बुधवार सुबह भी उन्होंने एक शे'र पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'थक गया हूं परवाह करते करते, जब से बे-परवाह हुए सुकूं में हैं।' इरफान ने बुधवार सुबह-सुबह यह ट्वीट किया। अब इरफान किससे बेपरवाह हुए यह तो पता नहीं लेकिन उनके इस ट्वीट को पसंद काफी किया जा रहा है। कोरोना वायरस के कारण सारी दुनिया में खेल गतिविधियां बंद हैं। बाकी क्रिकेटरों की तरह इरफान भी घर पर ही हैं। उन्होंने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर काफी सक्रियता दिखाई है। रमजान के पहले दिन उन्होंने वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने लोगों से घरों पर रहकर ही इबादत करने की सलाह दी थी। इरफान ने कहा था, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि यह रमजान रब की ओर से इम्तिहान है, यह बहुत मुश्किल है लेकिन मेरी नजर में यह एक मौका है। काम के चलते हम अच्छी तरह इबादत नहीं कर पाते थे। अब हम घर पर ही रहेंगे और अच्छी तरह इबादत कर पाएंगे।' उन्होंने इससे पहले भी कोरोना काल में लोगों से घर पर ही रहने की गुजारिश की थी। उन्होंने कहा था कि यह मत सोचो कि मस्जिद जाने से रोका जा रहा है, यह सोचो कि हर घर को मस्जिद बना दिया गया है।


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कर्नाटक के अरुण कुमार US क्रिकेट टीम के नए कोच

चेन्नैकर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज जे. अरुण कुमार मंगलवार को अमेरिकी क्रिकेट टीम के कोच नियुक्त किए गए। कोच के तौर पर वह इससे पहले कर्नाटक की टीम के साथ कई वर्षों तक जुड़े रहे हैं। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं। अमेरिकी क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इयान हिगिंस ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘रणजी ट्रोफी और आईपीएल के पूर्व कोच, पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर जे अरुण कुमार को पुरुष टीम का मुख्य कोच बनाया गया था।’ देखें, अरुण कुमार ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 7,200 से अधिक जबकि लिस्ट ए मैचों में 3,000 से अधिक रन बनाए। उन्होंने 2013-14 और 2014-15 के सत्र में रणजी ट्रोफी, विजय हजारे ट्रोफी और ईरानी कप में कर्नाटक का शानदार नेतृत्व किया था। 45 साल के अरुण ने कोच बनने के बाद खुशी जहिर करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य अमेरिका को टेस्ट खेलने वाला देश बनाना है। उन्होंने कहा, ‘मैंने लंबे, मध्य और अल्पकालिक लक्ष्य बनाए हैं। मेरी हालांकि असली लक्ष्य यह होगा कि अमेरिका आने वाले दिनों में टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों में शामिल हो। यह एक दूर का लक्ष्य है, फिलहाल मेरा ध्यान वर्ल्ड कप लीग पर होगा।’


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स्वदेश लौटेंगे बागान, ईस्ट बंगाल के 'फंसे' खिलाड़ी

कोलकाताघातक कोरोना वायरस () महामारी से बचाव के तौर पर लागू लॉकडाउन के चलते यहां फंसे कोलकाता के फुटबॉल क्लबों और ईस्ट बंगाल के विदेशी खिलाड़ियों और कोचों का पहला जत्था पांच मई से स्वदेश लौटेगा। ईस्ट बंगाल के एक स्पेनिश फुटबॉलर ने कहा, ‘हम पहले यह बंदोबस्त करने में लगे हैं कि दिल्ली कैसे पहुंचे। पहला बैच पांच मई को जाएगा।’ विदेशी खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के सदस्य अपने-अपने दूतावासों के संपर्क में हैं और उनके लिए विशेष विमान का इंतजाम किया जा रहा है। ईस्ट बंगाल टीम में स्पेन के पांच खिलाड़ी और कोच मारियो रिवेरा है जबकि कोस्टा रिका और सेनेगल के भी एक एक खिलाड़ी हैं। पढ़ें, मोहन बागान टीम में स्पेन के पांच, त्रिनिदाद , सेनेगल और ताजिकिस्तान के एक एक खिलाड़ी हैं। मोहन बागान के सहायक कोच पोलैंडसे और ट्रेनर लिथुआनिया से हैं।


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UEFA राष्ट्रीय महासंघों को देगा 25 करोड़ डॉलर का एडवांस

पैरिसयूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था यूएफा () महामारी के कारण आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे अपने राष्ट्रीय महासंघों को कुल 23 करोड़ 65 लाख यूरो (25 करोड़ 50 लाख डॉलर) की एडवांस धनराशि देगा। यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूएफा) ने बयान में कहा कि वह अपने 55 सदस्यों में से प्रत्येक को 43 लाख यूरो (47 लाख डॉलर) दे रहा है। यूएफा के प्रेजिडेंट अलेक्सांद्र सेफरिन ने कहा कि इस राशि से उनके संघों को अपने फुटबॉल को ढर्रे पर लाने में मदद मिलेगी। कोरोना वायरस से बचाव के तौर पर कई देशों में लॉकडाउन घोषित है जिसका असर हर खेल पर पड़ा है। फुटबॉल की कुछ लीग शुरुआत कराने को लेकर जद्दोजहद भी चल रही है तो वहीं कुछ आयोजक बिना दर्शकों के इसे स्टेडियम में कराने पर भी राजी हैं। पढ़ें, उम्मीदों को झटकाइटली सरकार ने 18 मई से पहले टीम प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी है और ऐसे में महामारी के कारण ठप पड़ी सेरी-ए फुटबॉल लीग के सीजन को पूरा करने की संभावनाएं भी कम हो गई हैं। प्रधानमंत्री गियुसेप कोंटे ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में फुटबॉल की वापसी के लिए समयसीमा बढ़ा दी है। सीजन खत्म करेंगेवहीं, अर्जेंटीना के फुटबॉल असोसिएशन के अध्यक्ष क्लाडियो टैपिया ने कहा कि वह 2019-20 सीजन को खत्म करने जा रहे हैं जो कि महामारी के कारण मार्च के मध्य से बाधित है।


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हेयरकट से कोरोना कन्फ्यूज, फोटो हो रही वायरल

नई दिल्लीभारतीय क्रिकेटर अपने खेल के अलावा अपने शानदार ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं। दिग्गज स्पिनर () को ही ले लिया जाए। कोरोना वायरस (Coronavirus) के मुश्किल वक्त में वह सोशल मीडिया पर खूब ऐक्टिव हैं। वह क्रिकेट सहित तमाम मुद्दों पर रोज कुछ न कुछ रोचक तस्वीरें या वीडियो शेयर करते रहते हैं। फैन्स के बीच टर्बनेटर नाम से मशहूर इस करिश्माई स्पिनर ने इस क्रम में एक तस्वीर शेयर की है। तस्वीर में एक नाई एक आदमी को हेयरकट कर रहा है। नाई ने युवक के सिर पर एक पोट्रेट बना दी। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सिर पर मूछ, चश्मा और हूबहू आगे के जैसे बाल सिर के पीछे बना हुआ दिख रहा है। हरभजन ने लिखा- इससे कोरोना वायरस भी कन्फ्यूज होगा कि किस तरफ से अंदर घुसे। उल्लेखनीय है कि दुनिया किलर महामारी कोरोना वायरस से जूझ रही है। दुनिया में दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग इस संक्रमण से जूझ रहे हैं। इसकी वजह से दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन लगा हुआ है। इस महामारी ने क्रिकेट सहित तमाम खेलों पर भी ब्रेक लगा दिया है। अगर यह वायरस नहीं फैला होता तो हरभजन समेत तमाम क्रिकेटर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेल रहे होते। बता दें कि यह टूर्नमेंट अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया है।


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इनके बयान से निराश होंगे अश्विन-पुजारा जैसे खिलाड़ी

लंदनइंग्लैंड के पूर्व कप्तान () का मानना है कि इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड () को से प्रभावित मौजूदा सत्र को छोटा करने के अलावा अगले दो साल तक विदेशी खिलाड़ियों के करार को रद्द करने पर विचार करना चाहिए ताकि लागत को कम किया जा सके। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ईसीबी ने पहले ही एक जुलाई तब सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों पर रोक लगा दी है। इस फैसले का मतलब हुआ कि काउंटी मुकाबले के नौ दौर के मैचों का आयोजन नहीं हो सकेगा। इससे काउंटी टीमों को साढ़े 8 करोड़ पाउंड (आठ अरब रुपये से अधिक) का नुकसान होगा। वॉन ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘आपको हर उस चीज पर नजर रखनी होगी जहां से आप कुछ बचत कर सकते है।’ उन्होंने कहा, ‘परंपरावादी लोगों को इससे परेशानी हो सकती है लेकिन ये अभूतपूर्व समय हैं।’ उन्होंने कहा, ‘क्या अगले दो वर्षों में आप चार दिवसीय मैचों को बिना विदेशी खिलाड़ी के नहीं देख सकते हैं?’ कई काउंटी टीमों ने पहले ही विदेशी खिलाड़ियों के करार को रद्द कर दिया है जिसमें भारतीय खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन भी शामिल है। वॉन 2003 से 2008 तक इंग्लैंड का नेतृत्व किया था। उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप को 14 से 10 मैच का करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘चार दिवसीय मैच में खर्च होता है। अगले दो साल तक आप 14 की जगह 10 मैच करा सकते है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई परेशानी होनी चाहिए।’


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'गुरु' गोपीचंद ने बताया कैसे मिलेंगे चैंपियन

नई दिल्लीराष्ट्रीय बैडमिंटन कोच () ने मंगलवार को कहा कि खिलाड़ियों पर आधारित वित्तपोषण का मौजूदा तरीका खेल के लिए फायदेमंद नहीं है और अधिक चैंपियन बनाने के लिए व्यक्तियों की बजाय समूह को पैसा दिया जाना चाहिए। भारतीय खेल प्राधिकरण () द्वारा आयोजित एक विशेष ऑनलाइन सत्र में गोपीचंद ने यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘इस समय तरीका खिलाड़ियों पर आधारित है। इससे खेल को समग्र रूप से फायदा नहीं होगा। इससे खिलाड़ियों को व्यक्तिगत स्तर पर फायदा होगा। हमें व्यक्तियों की बजाय समूह की मदद करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘इससे अधिक चैंपियन निकलेंगे। प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊंचा होगा। दूसरे और तीसरे नंबर के खिलाड़ी हमेशा नंबर वन वाले को बेहतर करने के लिए चुनौती देंगे।’ कोचों की अहमियत के बारे में उन्होंने कहा, ‘आप चाहते हैं कि लोग मैदान पर रहें और कोच की तरह काम करें लेकिन समय के साथ कई लोग सरपरस्त या प्रशासक बनना चाहते हैं। वे कोच नहीं रहना चाहते।’ उन्होंने कहा, ‘मैं प्रशासकों से कहना चाहता हूं कि उन्हें सचेत रहना चाहिए कि कौन मेहनत कर रहा है और कौन काम चला रहा है। दुनिया में अधिकांश सफल मॉडल कोचों, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों पर आधारित हैं। मैदान पर रहने वाले लोगों को ही फैसले लेने चाहिए।’ और जैसे ओलिंपिक पदक विजेता दे चुके गोपीचंद ने कहा कि अधिक चैंपियन पैदा करने के लिए घरेलू प्रतियोगिताओं का ढांचा मजबूत होना चाहिए।


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बाबा महाकाल से आशीर्वाद लेने पहुंचे शिखर धवन, वर्ल्ड कप टीम में नहीं मिली है जगह

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