Monday, January 27, 2020

समलैंगिकों के खिलाफ बयान देने पर मार्गरेट की आलोचना

मेलबर्नमार्टिना नवरातिलोवा और जॉन मैकेनरो जैसे दिग्गज टेनिस खिलाड़ियों ने दिग्गज महिला टेनिस प्लेयर के उस बयान की आलोचना कि जिसमें उन्होंने समलैंगिकता के खिलाफ विचार व्यक्त किए थे। कोर्ट ने 1970 में कैलेंडर वर्ष में चारों ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए था जिसके 50 साल पूरे होने के मौके पर उन्हें सम्मानित करने के लिए ‘मार्गरेट कोर्ट परिसर’ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सबसे ज्यादा 24 ग्रैंडस्लैम जीतने वाली मार्गरेट को इस दौरान ऑस्ट्रेलियन ओपन की प्रतिकृति भेंट की गई। इस दौरान 77 साल की कोर्ट ने कहा, ‘मेरे में आप जैसा देखेंगे वैसा वापस पाएंगे।’ चर्च की पादरी बन चुकीं कोर्ट इससे पहले साउथ अफ्रीका की रंगभेद नीति का समर्थन कर चुकी हैं और,‘टेनिस समलैंगिकों से भरा है’ जैसे बयान देने के साथ उन्होंनें ट्रांसजेंडर के बच्चों को ‘शैतान की देन’ करार दिया। पढ़ें, नवरातिलोवा ने कहा कि उनकी इस तरह के विचारों से लोगों को दुख हुआ जबकि अमेरिकी दिग्गज मैकेनरो ने उनके लिए ‘क्रेजी आंटी (पागल चाची) जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। मैकेनरो ने कहा, ‘मार्गरेट कोर्ट की उपलब्धियों की सूची से सिर्फ एक चीज लंबी है और वह है समलैंगिकता के खिलाफ उनके बयान।’ सात बार के ग्रैंड स्लैम विजेता ने कहा, ‘मार्गरेट कोर्ट बाइबिल का गलत इस्तेमाल कर चीजों की अपने तरीके से पेश करती हैं।’ डब्ल्यूटीए के संस्थापक बिली जीन किंग ने कार्ट के नाम में मेलबर्न में बने मार्गरेट कोर्ट परिसर का नाम बदलने की मांग की जिसका नवरातिलोवा ने समर्थन किया। पढ़ें, चेक गणराज्य की 63 वर्षीया नवरातिलोवा ने कहा, ‘यह काफी दुर्भाग्यशाली है कि कोर्ट को इस बात का अंदेशा नहीं है कि वह अपने बयानों से कितने लोगों को दुख पहुंचा रही है।’


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