भारत के सभी 125 खिलाड़ियों से हम मेडल की कामना करें लेकिन जिन कुछ खेलों और खिलाड़ियों से सबसे ज्यादा उम्मीद की जा रही है, उन पर एक नजर: 1-आर्चरी कब: 23 से 31 जुलाई तक दांव पर गोल्ड: 5, भारत का रेकॉर्ड: 0 भारत के दावेदार: अतनु दास, प्रवीण जाधव, तरुणदीप राय (तीनों मेंस सिंगल्स और टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगे)। दीपिका कुमारी महिला सिंगल्स और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में दावेदारी पेश करेंगी। NBT आकलन: भारतीय तीरंदाजों ने पिछले वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन से उम्मीदें जगाई हैं। हालांकि वर्ल्ड कप में चीन, जापान और साउथ कोरिया के तीरंदाज नहीं थे। फिर भी, भारतीय आर्चर ने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे उनका मनोबल जरूर बढ़ा होगा। दीपिका और अतनु के पास इंटरनैशनल लेवल पर पर्याप्त अनुभव है और दीपिका तो फिलहाल वर्ल्ड नंबर वन हैं। 2- ऐथलेटिक्स कब : 30 जुलाई से 8 अगस्त दांव पर गोल्ड: 48, भारत का रेकॉर्ड: 2 मेडल भारत के दावेदार: इस भारत से कुल 26 ऐथलीट भाग ले रहे हैं जिनमें 17 पुरुष और नौ महिला ऐथलीट हैं। सात ऐथलीट फील्ड इवेंट में हिस्सा लेंगे जिनमें सबसे ज्यादा उम्मीदें जैवलिन थ्रो ऐथलीट नीरज चोपड़ा से होंगी। NBT आकलन : रियो ओलिंपिक्स में ब्रॉन्ज जीतने वाले ऐथलीट ने 85.38 मीटर की दूरी नापी थी। नीरज चोपड़ा 2018 एशियन गेम्स में गोल्ड के लिए 88.06 मीटर जैवलिन थ्रो कर चुके हैं। नीरज फिलहाल दुनिया में चौथे नंबर पर हैं। टॉप पर काबिज जर्मनी के जोहानेस वेटर 97 मीटर से अधिक का थ्रो कर चुके हैं। अगर वह लय में रहे तो उनको पीछे छोड़ना चुनौतीपूर्ण है लेकिन नीरज अपना बेस्ट देते हैं तो मेडल की होड़ में जरूर रहेंगे। 3-बैडमिंटन कब : 24 जुलाई से 2 अगस्त दांव पर गोल्ड: 5, भारत का रेकॉर्ड: 2 मेडल भारत के दावेदार: भारत तीन कैटिगरी मेंस सिंगल्स, विमिंस सिंगल्स और मेंस डबल्स में मेडल के लिए अपनी दावेदारी पेश करेगा। सिंगल्स में एक-एक खिलाड़ी और डबल्स में एक भारतीय जोड़ी ही तोक्यो ओलिंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई कर सकी है। NBT आकलन: ड्रॉ बहुत हद तक भारत के हक में है, फिर भी सिर्फ एक मेडल की ही उम्मीद की जा सकती है। पीवी सिंधु को क्वॉर्टर फाइनल में जगह बनाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेडल पक्का करने के लिए छठी वरीय सिंधु को अंतिम आठ में चौथी वरीय जापान की अकाने यामागुची का सामना करना पड़ सकता है। मेडल के लिए उनकी असली लड़ाई यहीं से शुरू होगी। 4-बॉक्सिंग कब: 24 जुलाई से 8 अगस्त तक दांव पर गोल्ड: 13, भारत का रेकॉर्ड: 2 मेडल भारत के दावेदार: इस बार ओलिंपिक्स में भारत के 9 बॉक्सर रिंग में उतरेंगे। पहली बार है जब इतने भारतीय बॉक्सर ओलिंपिक्स में अपनी दावेदारी ठोकेंगे। सबसे अच्छी बात है कि ये सभी बॉक्सर अनुभवी हैं और हाल के दिनों में मजबूत विपक्षियों को शिकस्त दी है। NBT आकलन : एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अमित पंघाल अभी अपने भार वर्ग में दुनिया के नंबर-1 बॉक्सर हैं। इससे उन्हें ड्रॉ में भी फायदा होगा। इसके अलावा दिग्गज मेरी कॉम भी अपने ब्रॉन्ज मेडल का रंग बदलना चाहेंगी। भारतीय बॉक्सर्स के हालिया प्रदर्शन और रुतबे को देखते हुए इस खेल से देश को एक से अधिक मेडल मिलने की उम्मीद की जा सकती है। मेरी और अमित के अलावा पूजा रानी भी फेवरेट के तौर पर उतरेंगी। कुछ और बॉक्सर भी चौंकाने की क्षमता रखते हैं। 5-हॉकी कब : 24 जुलाई से 6 अगस्त दांव पर गोल्ड: 2 भारत का रेकॉर्ड: 11 मेडल भारत की दावेदारी: भारत की विमिंस और मेंस दोनों टीमों ने ओलिंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई किया है। ओलिंपिक्स में एक समय इस खेल में भारत का दबदबा हुआ करता। मगगर 41 साल बीत चुके हैं भारत को अपना पिछला मेडल जीते NBT आकलन: कुल 12 टीमों में टॉप-8 में जगह बनाने में भारत की दोनों ही टीमों मेंस और विमिंस को ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आनी चाहिए। असल लड़ाई नॉकआउट चरण से शुरू होगी। कोरोना महामारी के दौरान भी भारतीय टीमें एक साथ रही हैं और लगातार अभ्यास किया है। भारतीय टीम की फिटनेस बेस्ट बताई जा रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो इस बार कम से कम भारतीय पुरुष टीम मेडल लेकर लौट सकती है। 6-शूटिंग कब : 24 जुलाई से 2 अगस्त दांव पर गोल्ड: 15, भारत का रेकॉर्ड: 4 मेडल भारत के दावेदार: मेडल के नजरिए से भारत के लिए इस बार भी शूटिंग सबसे अहम खेलों में है। इस बार भारत के आठ पुरुष और सात महिला समेत कुल 15 शूटर मेडल पर निशाना साधेंगे। सबसे अच्छी बात है कि लगभग सभी शूटर मेडल के दावेदार के तौर पर उतरेंगे। NBT आकलन : उन्नीस साल की मनु भाकर हों या फिर 40 की तेजस्विनी सावंत, वरिष्ठ संजीव राजपूत हों या फिर किशोर सौरभ चौधरी। इस बार भारत अपने हरके शूटर से मेडल की उम्मीद कर सकता है। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि इवेंट के दिन कौन खिलाड़ी ओलिंपिक्स के दबाव को कितनी अच्छी तरह से संभाल पाता है। सौरव ने महज 19 साल की उम्र में ही बहुत परिपक्वता दिखाई है। बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14 इंटरनैशनल गोल्ड जीत चुके सौरभ भारत को इन खेलों के पहले दिन ही पहला मेडल दिला सकते हैं। 7-वेटलिफ्टिंग कब: 24 जुलाई से 4 अगस्त तक दांव पर गोल्ड: 14 भारत का रेकॉर्ड: 1 मेडल भारत की दावेदार: ओलिंपिक्स में इस बार वेटलिफ्टिंग में भारत की उम्मीद मीराबाई चानू होंगी। दूसरी बार ओलिंपिक्स में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहीं चानू ने इस साल अप्रैल में ताशकंद में एशियन चैंपियनशिप में क्लीन ऐंड जर्क में वर्ल्ड रेकॉर्ड 119 किग्रा और स्नैच में 86 किग्रा के साथ कुल 205 किग्रा वजन उठाया था। NBT आकलन : महिला 49 किग्रा वर्ग में ओलिंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई करने वाली खिलाड़ियों में मीराबाई से अधिक वजन सिर्फ चीन की हाउ झीहुई ही उठा पाई हैं। इस रेकॉर्ड के मुताबिक तो चानू मेडल की प्रबल दावेदार हैं। नॉर्थ कोरिया की री सोंग गुम से उन्हें चुनौती मिल सकती थी लेकिन वह पहले ही बाहर हो गई हैं क्योंकि नॉर्थ कोरिया ने ओलिंपिक्स में नहीं खेलने का फैसला किया है। इन सबके इतर, चानू ने जिस तरह ताशकंद में रेकॉर्ड बनाया है उससे भी उनका मनोबल बढ़ा होगा और वह देश के लिए वेटलिफ्टिंग में दूसरा मेडल जीत सकती हैं। 8-रेसलिंग कब: 1 से 7 अगस्त तक दांव पर गोल्ड: 18, भारत का रेकॉर्ड: 5 भारत के दावेदार: भारत की चार महिला और तीन पुरुष रेसलर इस बार चुनौती पेश करेंगे। पिछले तीन ओलिंपिक्स से भारत को इस खेल ने निराश नहीं किया है। इस बार भी इस खेल से मेडल की काफी उम्मीद है। NBT आकलन : इस बार रवि दहिया, दीपक पूनिया, बजरंग और विनेश फोगाट ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतकर काफी पहले ओलिंपिक्स में अपनी जगह पक्की कर ली थी। ये चारों अपने-अपने वर्ग में दुनिया के टॉप पहलवानों में शुमार किए जाते हैं। पिछली बार ओलिंपिक्स में मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक को पटकनी देकर इस बार तोक्यो जा रहीं सोनम मलिक भी मजबूत दावेदार नजर आ रही हैं। भारत इन दमदार पहलवानों के बूते इस बार रेसलिंग में एक से अधिक मेडल के अलावा इस खेल में पहले गोल्ड मेडल की भी उम्मीद कर सकता है।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/3BxSSlh
No comments:
Post a Comment