नई दिल्लीइथोपिया के अमेदेवर्क वेलेलेगन और यालेमजर्फ येहुआलॉ ने रविवार को कोविड-19 महामारी के बीच आयोजित एयरटेल में रेकॉर्ड समय के साथ क्रमश: पुरूष और महिला खिताब अपने नाम किए। इस मैराथन का आयोजन जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो-सिक्योर) में किया गया।वर्ल्ड ऐथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस में दोनों पुरूष और महिला एलीट रेस विजेताओं ने कोर्स रेकॉर्ड बनाए। वेलेलेगन (58.53 सेकंड) और येहुआलॉ को पहला स्थान हासिल करने के लिए 27,000 डॉलर की इनामी राशि के साथ रेकॉर्ड के बोनस के लिए अतिरिक्त 10,000 डॉलर मिले। येहुआलॉ दूसरी सबसे तेज महिला हाफ मैराथन दौड़ने वाली ऐथलीट रहीं। उन्होंने एक घंटे चार मिनट 46 सेकंड का समय लिया जो विश्व रेकॉर्ड समय (1:04:31) से सेंकेंड के एक चौथाई समय से ज्यादा था जो हमवतन अबाबेल येशानेह के नाम है जो तीसरे स्थान पर रहीं। पढ़ें, भारत के लिए तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ कर चुके ने 1:00:30 के समय से राष्ट्रीय रेकॉर्ड बनाया। महाराष्ट्र के 26 साल के साबले ओवरआल 10वें स्थान पर रहे। उन्हें पहले स्थान के लिए 3.5 लाख रुपये की राशि हासिल की और भारतीयों में कोर्स रेकॉर्ड बनाने के लिए अतिरिक्त एक लाख रुपये दिए गए। भारतीय ऐथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के आधिकारिक रेकॉर्ड के अनुसार पूर्व राष्ट्रीय हाफ मैराथन रेकॉर्ड एक घंटा तीन मिनट 46 सेकंड के समय से महाराष्ट्र के कालीदास हिरावे के नाम पर था। इस साल का रेस रेकॉर्ड स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के कारण हालांकि पिछले दो वर्षों के रेकॉर्ड से अलग था और एलीट ऐथलीट महामारी के कारण अलग तरह के माहौल में दौड़े जिसमें आयोजकों ने उनके लिए बायो-सिक्योर जोन बनाई थी। पुरूषों की रेस में पिछले साल के रजत पदक विजेता वेलेलेगन ने हमवतन और गत चैंपियन अंदामलाक बेलिहू को रोमांचक मुकाबले में हराकर 58 मिनट 53 सेकंड के कोर्स रेकॉर्ड समय से स्वर्ण पदक जीता। वेलेलेगन ने पिछले महीने विश्व हाफ मैराथन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। बेलिहू ने 2018 और 2019 में यहां खिताब जीता था। उन्हें 58.54 के समय के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। युगांडा के स्टीफन किस्सा ने 21.09 किलोमीटर की रेस 58 मिनट 56 सेकंड में पूरी की। 21 साल के वेलेलेगन ने 59 मिनट छह सेकंड के पहले के कोर्स रेकॉर्ड से बेहतर प्रदर्शन किया जो उनके हमवतन गाये एडोला के नाम था जिन्होंने इसे 2014 में बनाया था। तोक्यो ओलिंपिक में 3000 स्टीपलचेज के लिए क्वॉलिफाइ कर चुके साबले ने एक घंटा 30 सेकंड का समय निकाला। यह पहली बार है जब एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन में किसी भारतीय ने 61 मिनट से कम समय निकाला हो। श्रीनू बुगाथा इस साल भारतीयों में दूसरे स्थान पर रहे जिन्होंने 1:04:16 का समय निकाला जबकि दुर्गा बहादुर बुद्धा 1:04:19 के समय से तीसरे स्थान पर रहे। स्टार सुसज्जित महिला एलीट रेस में येहुआलॉ ने एक घंटा चार मिनट 46 सेकंड के कोर्स रेकॉर्ड समय से रेस जीती और उन्होंने हमवतन और गत चैंपियन सेहे गेमेचु के 1:06:00 समय से बेहतर किया जबकि इस बार गेमेचु पोडियम स्थान हासिल नहीं कर पाई। केन्या की रूथ चेपंगेटिच (1:05:06) दूसरे और एक अन्य इथोपियाई और विश्व हाफ मैराथन की रेकॉर्डधारी अबाबेल येशानेह (1:05:21) तीसरे स्थान पर रहीं। वेलेलेगन की तरह ही फार्म में चल रही येहुआलॉ पिछले साल यहां दूसरे स्थान पर रही थीं और पिछले महीने विश्व हाफ मैराथन में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था। भारतीयों में पारूल चौधरी ने एक घंटा 12 मिनट 18 सेकंड के समय से स्वर्ण पदक हासिल किया, वह पिछले साल दूसरे स्थान पर रही थीं। वहीं संजीवनी जाधव (1:13:00) और कोमल जगदाले (1:14:04) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। कोरोना महामारी के बीच दिल्ली हाफ मैराथन भारत में पहला वैश्विक खेल आयोजन है जिसके लिये खेल मंत्री किरण रिजिजू और ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा उपस्थित थे।
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