दुबईभारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल से पहले 'व्यवस्थित पृथकवास’ में रहेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने शनिवार को इसकी जानकरी दी, लेकिन यह नहीं बताया कि टीम को इंग्लैंड पहुंचने के बाद कितने दिनों तक कड़े पृथकवास (होटल कमरे तक सीमित) में रहना होगा। डब्ल्यूटीसी तालिका में शीर्ष पर रही इन दोनों टीमों के बीच 18 से 22 जून तक साउथैमप्टन के हैम्पशर बाउल में यह मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखला के लिए पहले ही वहां पहुंच चुकी है जबकि विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय टीम भारत में मुंबई में 14 दिनों का पृथकवास पूरा करने के बाद तीन जून को इंग्लैंड पहुंचेगी। आईसीसी से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, 'ब्रिटेन सरकार की ओर से 17 मई 2021 को जारी स्वास्थ्य सुरक्षा (कोरोना वायरस, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और संचालन जवाबदेही) (इंग्लैंड) विनियमन 2021 में उल्लिखित कार्यक्रम को छूट प्रदान की गई है।' विज्ञप्ति में कहा गया, 'यहां पहुंचने के बाद टीम हवाई अड्डे से सीधे हैम्पशर बाउल स्थित होटल पहुंचेगी जहां व्यवस्थित पृथकवास अवधि शुरू करने से पहले उनकी फिर से जांच की जाएगी।' पृथकवास के दौरान खिलाड़ियों की नियमित जांच की जाएगी। न्यूजीलैंड की टीम 15 जून को ईसीबी के बायो-बबल से डब्ल्यूटीसी से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के बबल में आएगी। भारतीय टीम मुंबई में 14 दिनों के पृथकवास के दौरान आरटी-पीसीआर जांच की छह नेगेटिव रिपोर्ट के साथ ब्रिटेन रवाना होगी। रविचंद्रन अश्विन, मयंक अग्रवाल, वाशिंगटन सुंदर जैसे कुछ खिलाड़ियों को एक सप्ताह के पृथकवास को पूरा करने तथा जांच में नेगेटिव आने के बाद 25 मई से होटल में जिम सुविधा की उपयोग करने की अनुमति दी गई है। मुंबई के होटल में कप्तान कोहली, रोहित शर्मा सहित देर से आने वाले खिलाड़ियों को ब्रिटेन की उड़ान से पहले कमरे में पृथकवास पूरा करना होगा। उन्हें जिम की सामग्री रूम के अंदर ही मुहैया करायी गयी है। ब्रिटेन में खिलाड़ियों को जांच में नेगेटिव आने के बाद धीरे-धीरे छूट का दायरा बढ़ाया जाएगा। पृथकवास के बाद उन्हें छोटे समूह और फिर बड़े समूह में अभ्यास की अनुमति होगी। टीम को हालांकि हर समय जैव-सुरक्षित माहौल (बायो-बबल) में रहना होगा।
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