कानपुर श्रेयस अय्यर ने 2019 में विदर्भ के खिलाफ रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच खेला था। अब लंबे अंतराल के बाद उन्हें टेस्ट डेब्यू का मौका मिला है। वैसे तो वह चार साल पहले ही टेस्ट डेब्यू कर चुके होते, लेकिन रहाणे के एक फैसले ने उनका इंतजार लंबा कर दिया। जिसने करवाया इंतजार, अब उसी की कप्तानी में मौका 26 साल के श्रेयस अय्यर ने 2017 में टीम इंडिया की जर्सी पहन ली थी। तब श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर में वनडे डेब्यू किया था। मगर सबकुछ ठीक होता तो शायद वनडे से पहले वह टेस्ट कैप पहन चुके होते। दरअसल, 2017 में ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर थी। सीरीज का चौथा मैच धर्मशाला में खेला जाना था। चोटिल हुए कप्तान कोहली की जगह श्रेयस अय्यर को मौका मिलना था, लेकिन कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अतिरिक्त गेंदबाज के साथ उतरना मुनासिब समझा। मौका हाथ से निकला तो ऐसा निकला कि अब चार साल बाद टेस्ट टीम में जगह मिली। भारत के लिए डेब्यू करने वाले 303वें खिलाड़ीदिलचस्प बात है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 साल बाद किसी खिलाड़ी ने डेब्यू किया। इससे पहले साल 2003 में युवराज सिंह को यह सौभाग्य मिला था और अब 2021 में श्रेयस अय्यर का नंबर आया है। चंद माह पहले तक वह अस्पताल में चोटिल कंधे के साथ भर्ती थे। आईपीएल 2021 का शुरुआती सत्र तक नहीं खेल पाए, लेकिन वहां से भारतीय टेस्ट कैप पाना मुंबई के इस बल्लेबाज के लिए इतना आसान भी नहीं था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जबरदस्त रेकॉर्डटीम इंडिया के ददरवाजे घरेलू क्रिकेट से खुलते हैं। मुंबई की तो हवा में ही क्रिकेट है। श्रेयस भी इसी भट्टी से निकलकर कुंदन बने। 2019 तक पांच सीजन में उनके बल्ले से 52.18 की औसत से 4592 रन निकल चुके थे। स्ट्राइक रेट भी 81.54 का रहा। श्रेयस अय्यर ने बाद में यूएई में हुए आईपीएल 2021 के दूसरे लेग में वापसी जरूर की, लेकिन वह कप्तान नहीं बनाए गए। कंधे की चोट के बाद उनकी जगह लेने वाले ऋषभ पंत पर ही टीम ने भरोसा जताए रखा। आईपीएल के बाद भारतीय टी-20 टीम में वापसी जरूर हुई, लेकिन टी-20 वर्ल्डकप स्क्वॉड में सिर्फ रिजर्व खिलाड़ी तक ही सीमित रह गए। द्रविड़ के प्लान का हिस्सा है अय्यर का डेब्यूराहुल द्रविड़ एक दूरदर्शी व्यक्ति हैं। कोच बनने के बाद वह कई बार साफ कर चुके हैं कि उनका टारगेट वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप है। ऐसे में श्रेयस अय्यर जैसे युवा खिलाड़ियों का टीम में आना उसी बदलाव का संकेत है। अय्यर मध्यक्रम के धाकड़ खिलाड़ी हैं। 2019 के बाद से एकदिवसीय और टी-20 में चौथे नंबर के प्रबल दावेदार हैं। वैसे भी अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों का विकल्प तलाशना अब जरूरी हो चला है। श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल गुरु द्रविड़ के कोर प्लान का हिस्सा हैं।
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