Wednesday, November 24, 2021

गुरु द्रविड़ की नजरों से उतर चुके थे अय्यर, आसान नहीं था दोबारा भरोसा जीतना

कानपुर आखिरकार 18 साल बाद किसी खिलाड़ी को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिला। 2003 में युवराज सिंह थे और अब 2021 में श्रेयस अय्यर का नंबर आया है। कानपुर टेस्ट में अय्यर भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले 303वें खिलाड़ी बने। चंद माह पहले तक वह अस्पताल में चोटिल कंधे के साथ भर्ती थे। आईपीएल 2021 का शुरुआती सत्र तक नहीं खेल पाए, लेकिन वहां से भारतीय टेस्ट कैप पाना मुंबई के इस बल्लेबाज के लिए इतना आसान भी नहीं था। आसान नहीं था कोच द्रविड़ का विश्वास जीतनाबात 2016 की है, तब राहुल द्रविड़ दिल्ली डेयरडेविल्स (आज की दिल्ली कैपिटल्स) के मेंटॉर थे। सीजन खत्म होते-होते खराब फॉर्म के चलते युवा श्रेयस प्लेइंग इलेवन से अपनी जगह गंवा बैठे थे। आईपीएल से मोह भंग होने के बाद द्रविड़ भारतीय क्रिकेट को संवारने में जुट गए। इंडिया 'ए' और अंडर-19 टीमों को कोचिंग देने लगे। इसी दौरान श्रेयस अय्यर एकबार फिर द्रविड़ के संपर्क में आए। घरेलू क्रिकेट में वापसी की और रनों का अंबार लगाया। साल भर के भीतर अय्यर ने द्रविड़ का विश्वास दोबारा जीत लिया। चार साल पहले ही हो जाता डेब्यू26 वर्षीय श्रेयस अय्यर ने 2017 में अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया। श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला में अपना पहला वनडे इंटरनेशनल खेला। इसी मैदान पर वह अपना टेस्ट डेब्यू भी कर सकते थे। तब मार्च में विराट कोहली के चोटिल होने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने वाली थी, लेकिन कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे अतिरिक्त गेंदबाज के साथ उतरे और पहला टेस्ट खेलने के लिए श्रेयस अय्यर को चार साल इंतजार करना पड़ गया। उस सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वॉर्म अप मैच में अय्यर ने नाबाद दोहरा शतक लगाया था। द्रविड़ के प्लान का हिस्सा है अय्यर का डेब्यूराहुल द्रविड़ एक दूरदर्शी व्यक्ति हैं। कोच बनने के बाद वह कई बार साफ कर चुके हैं कि उनका टारगेट वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप है। ऐसे में श्रेयस अय्यर जैसे युवा खिलाड़ियों का टीम में आना उसी बदलाव का संकेत है। अय्यर मध्यक्रम के धाकड़ खिलाड़ी हैं। 2019 के बाद से एकदिवसीय और टी-20 में चौथे नंबर के प्रबल दावेदार हैं। वैसे भी अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों का विकल्प तलाशना अब जरूरी हो चला है। श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल गुरु द्रविड़ के कोर प्लान का हिस्सा हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जबरदस्त रेकॉर्डटीम इंडिया के ददरवाजे घरेलू क्रिकेट से खुलते हैं। मुंबई की तो हवा में ही क्रिकेट है। श्रेयस भी इसी भट्टी से निकलकर कुंदन बने। 2019 तक पांच सीजन में उनके बल्ले से 52.18 की औसत से 4592 रन निकल चुके थे। स्ट्राइक रेट भी 81.54 का रहा। श्रेयस अय्यर ने बाद में यूएई में हुए आईपीएल 2021 के दूसरे लेग में वापसी जरूर की, लेकिन वह कप्तान नहीं बनाए गए। कंधे की चोट के बाद उनकी जगह लेने वाले ऋषभ पंत पर ही टीम ने भरोसा जताए रखा। आईपीएल के बाद भारतीय टी-20 टीम में वापसी जरूर हुई, लेकिन टी-20 वर्ल्डकप स्क्वॉड में सिर्फ रिजर्व खिलाड़ी तक ही सीमित रह गए।


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