नई दिल्ली चेतेश्वर पुजारा ने बताया कि कैसे अनिल कुंबले की सलाह ने उन्हें बॉर्डर-गावसकर ट्रोफी में नाथन लायन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। लायन भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपने रंग में नजर नहीं आए। इस ऑफ स्पिनर ने चार टेस्ट मैचों में सिर्फ 9 विकेट लिए। चेतेश्वर पुजारा सिर्फ एक बार, ऐडिलेड टेस्ट की पहली पारी, लायन का शिकार बने। इसके बाद दाएं हाथ का यह बल्लेबाज सीरीज में पूरी तरह नियंत्रण में नजर आया। पुजारा ने माना कि अनिल कुंबले ने उन्हें 2017 में लायन से निपटने का प्लान सुझाया था। और हाल ही में खत्म हुई सीरीज में उन्हें वह प्लान दोबारा टेक्स्ट किया। पुजारा ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, 'मुझे अनिल भाई से टेक्स्ट मिला था क्योंकि मैं उनके साथ टच में था। उन्होंने मुझे बताया, 'तुम्हें लायन को एक खास अंदाज में खेलना होगा।' गेमप्लान जो उन्होंने मुझे 2017 में सुझाया था उसने नाथन लायन के खिलाफ खेलने में मदद की।' पुजारा जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018-19 पिछली सीरीज में 521 रन बनाए थे और भारत को 2-1 से सीरीज जितवाने में अहम भूमिका अदा की थी। हाल ही में समाप्त हुई सीरीज में ऐडिलेड में पहली पारी में 45 रन बनाने के बाद पुजारा ने अगली तीन पारियों में सिर्फ 20 रन बनाए थे। 33 वर्षीय बल्लेबाज ने बताया कि कैसे मुख्य कोच रवि शास्त्री और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने के भरोसे ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। पुजारा इस सीरीज में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल थे। उन्होंने सीरीज में 273 रन बनाए। सिडनी और ब्रिसबेन में लगाई गईं उनकी हाफ सेंचुरी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
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