चेन्नई की चार विकेट पर 218 रन के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए मुंबई ने मैच छह विकेट पर 219 रन बनाकर आखिरी गेंद पर शानदार जीत दर्ज की। उनके जीत के नायक रहे कीरोन पोलार्ड, जिन्होंने महज 34 गेंद में 87 रन की नाबाद पारी खेली।
रोहित ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा कि पोलार्ड ने अद्भुत पारी खेली।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह संभवतः मेरी जिंदगी का सबसे रोमांचक टी-20 मैच था। पोलार्ड लाजवाब थे। यह मैदान छोटा है तो ऐसे में गेंदबाजों के लिए स्थिति थोड़ी विकट थी।’’
रोहित ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अगर कोई बल्लेबाज आखिरी तक क्रीज पर रहा तो लक्ष्य हासिल हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें पता था कि यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा मैदान है, ऐसे में हमने पूरे 20 ओवर तक क्रीज पर रहने का फैसला किया था। हमने अच्छी शुरूआत की और बाद में कृणाल पंड्या तथा पोलार्ड ने पारी को संभाला। टीम में हार्दिक पंड्या और जेम्स नीशम की मौजूदगी से हमें जीत का भरोसा था। ’’
मैन ऑफ द मैच पोलार्ड ने बल्ले के साथ गेंद से भी कमाल दिखाया और दो ओवर में सिर्फ 12 रन देकर दो विकेट झटके।
उन्होंने कहा, ‘‘ जब हम गेंदबाजी कर रहे तब हमारे गेंदबाज तेज गेंद फेंक रहे थे। उस पर रन बनाना आसान था इसलिए मैंने धीमी गेंदों का इस्तेमाल किया।’’
पोलार्ड को कहा वह आखिरी ओवर की सभी छह गेंद खुद खेलना चाहते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पता था गेंदबाज मेरे खिलाफ वाइड यॉर्कर गेंदों का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन इस बार मैंने इसके लिए तैयारी की थी, जो मेरे काम आया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अंतिम ओवर में भी मैंने स्ट्राइक अपने पास रखा क्योंकि मैं चाहता था कि छह के छह गेंद खुद खेलूं जिससे हमारे जीतने की संभावना अधिक रहे।’’
चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खराब क्षेत्ररक्षण को हार का कारण बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘गेंदबाजी की तुलना में हमारा क्षेत्ररक्षण अधिक खराब रहा। हमने महत्वपूर्ण मौकों पर कैच छोड़ें। गेंदबाज भी कई बार योजना के मुताबिक काम नहीं कर पाये। उन्होंने कई खराब गेंदे फेंकी।’’
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