चेन्नै भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ट्रेनर का मानना है कि शीर्ष ऐथलीट अगर कोविड-19 (Covid- 19) के कारण खेल नहीं खेल सकते हैं तो फिर उनकी फिटनेस का कोई मतलब नहीं रह जाता। रामजी ने कहा, 'खेलों में फिटनेस के बारे में कहा जाता है कि अगर शीर्ष स्तर के प्रदर्शन के लिए आप उसका इस्तेमाल मैदान पर नहीं करते तो वह समय की बर्बादी है। एक से दूसरे में सकारात्मक स्थानान्तरण फिटनेस की कुंजी है।' उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी एक समय में ओलिंपिक में 100 किग्रा भार उठा सकता है लेकिन अगर वह अपनी फिटनेस को प्रदर्शन में स्थानान्तरित नहीं करता है तो उसके चोटमुक्त रहने या प्रदर्शन में सुधार की कोई गारंटी नहीं है।' रामजी से पूछा गया कि क्या गेंदबाजों के लिए लंबी अवधि का विश्राम मुश्किल हो सकता है? उन्होंने कहा, 'हां निश्चिततौर पर। गेंदबाजी लय और कौशल आधारित फिटनेस से जुड़ी है। कौशल आधारित फिटनेस निश्चित तौर पर प्रभावित होने वाली है'। उन्होंने कहा, 'यह उनके लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि उन्हें टूर्नमेंट शुरू होने से पहले निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर काम करना है। खेल में निखार लाने के लिए अभ्यास जरूरी है लेकिन अभी उन्हें फिटनेस पर ध्यान देना होगा जो कि अच्छे प्रदर्शन के लिए बेहद जरूरी है।'
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