नई दिल्ली अपनी रफ्तार से बड़े-बड़े दिग्गज बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले ने आज (27 अप्रैल) ही क्रिकेट इतिहास की फेंकने का रेकॉर्ड अपने नाम किया था। 18 साल पहले साल 2002 में लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की टीमें वनडे मैच खेल रही थीं, इस दौरान एक मौके पर रावलपिंडी एक्सप्रेस ने अपनी सर्वाधिक गति हासिल की और 100 मील से ज्यादा की रफ्तार से वह गेंद कीवी बल्लेबाज क्रेग मैकमिलन को कराई। क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका था, जब किसी गेंदबाज ने 100 मील से अधिक रफ्तार से कोई गेंद फेंकी हो। इस मैच में अख्तर की इस गेंद पर जो गति दर्ज की गई वह 100.04 मील प्रति घंटा यानी 161 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आज भी शोएब अख्तर की यह गेंद विश्व क्रिकेट सबसे तेज गति की गेंद मानी जाती है। हालांकि आईसीसी ने अख्तर के इस रेकॉर्ड को मान्यता नहीं दी क्योंकि लाहौर के मैदान पर उस वक्त गेंद की गति दर्ज करने वाले जो उपकरण वहां थे वे आईसीसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते। अख्तर से पहले सबसे तेज बॉल फेंकने का यह रेकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के जेफ थॉमसन के नाम था, जिन्होंने 1975 में 99.8 mph की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। लेकिन यह गेंद किसी मैच के दौरान नहीं फेंकी गई थी। शोएब अख्तर के इस कारनामे के बाद तीन मौकों पर 100 मील के करीब गेंद रेकॉर्ड की गई हैं लेकिन कोई भी बोलर अभी शोएब का 161.3 km/h का रेकॉर्ड नहीं छू पाया है। अख्तर के अलावा साल 2005 में ब्रेट ली और 2010 ने शॉन टेट ने 161.1km/h की रफ्तार से बोलिंग की। इसके अलावा साल 2015 में मिशेल स्टार्क ने 160.4 km/h की रफ्तार से बॉल फेंकी है। अपनी इस गेंद को आईसीसी ने मान्यता न मिलने पर अख्तर ने कहा था, 'मुझे इसका मलाल नहीं है कि आईसीसी इस रेकॉर्ड को दर्ज करेगी या नहीं बल्कि मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने दुनिया की सबसे तेज गेंद फेंकी है।'
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