नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक किस्सा साझा किया है। अख्तर ने बताया है कि उनके पड़ोस की दो महिलाएं उन्हें ताना मारती थीं लेकिन इससे उन्हें और प्रेरणा मिली। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज रहे शोएब अख्तर ने अपने खेल के दिनों में दुनियाभर के बल्लेबाजों को परेशान किया। वहीं रिटायरमेंट के बाद भी वह अपने वीडियो के जरिए काफी लोकप्रिय बने हुए हैं। अख्तर ने वीडियो में बताया कि कैसे दो महिलाओं ने उनके करियर को नई दिशा में देने में अहम किरदार निभाया। अख्तर ने स्पोर्ट्सकीड़ा के यूट्यूब पर जारी हुए वीडियो में कहा, 'यह मेरे करियर की शुरुआती वक्त की कहानी है। मैं रावलपिंडी में ट्रायल दे रहा था। मुझे कहा गया कि मैं काफी आक्रामक हूं और एक क्रिकेटर के रूप में मेरे टैलंट पर सवाल उठाए गए। तो मैं सबसे पूछा करता था, 'तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?' मुझे बताया जाता, 'हमने कभी करिश्मा होते नहीं देखा है।' मैं कहता, 'अगर आपने ऐसा होते नहीं देखा है तो मैं इसे करके दिखाऊंगा।' लेकिन वे लोग नहीं मानते थे और उन्हें समझाना काफी मुश्किल था। मेरे इलाके के लोग भी ऐसा ही कहा करते थे।' अपने पड़ोस की उन दो खास महिलाओं के बारे में उन्होंने कहा, 'जब मैं प्रैक्टिस किया करता मेरे पड़ोस की दो महिलाएं लगातार मुझे ताने दिया करती थीं। वे अकसर मुझसे पूछा करतीं कि मैं कहां जा रहा हूं। मैं जवाब देता, 'मैं स्टार बनने जा रहा हूं।' मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि वे आंटी मुझे स्टार बनने में मदद कर रही थीं। वे रोज मेरी बेइज्जती करतीं और ताने मारतीं। वे मुझे कहा करतीं, 'तेरा कुछ नहीं होगा।' और मैं पलटकर जवाब देता, 'थोड़ा इंतजार करो, मैं देश का अगला स्टार होने वाला हूं'।' अख्तर ने कहा, 'मैं रोजाना करीब आठ मील दौड़ा करता था। लेकिन मुझे उन दो आंटी से बहुत डर लगता था। मैं जब प्रैक्टिस के लिए घर से बाहर निकलता तो मुझे उनसे डर लगा करता था। लेकिन वे अकसर कोने में खड़ी होंती और मुझे पकड़ लेतीं, उनके पास कोई काम नहीं था ना।' अख्तर ने बताया कि जब वह पाकिस्तान के लिए खेलने लगे तो वह उन दो महिलाओं से मिलने गए। उन्होंने बताया कि आगे क्या हुआ। रावलपिंडी एक्सप्रेस ने बताया, 'तो मैं उन दो महिलाओं से मिलने गया। वे वहां खड़ी थीं। उन्होंने कहा, 'हमने सुना है तू पाकिस्तानी टीम में चुन लिया गया है।' मैंने उन्हें याद दिलाया,'मैं आपको कहता ही था कि मैं स्टार बनूंगा। आपको मुझ पर यकीन क्यों नहीं होता था।' लेकिन इस पर उनका जवाब था, 'देखते हैं तुम कब तक टीम में बने रहते हो।' तब मैंने कहा, 'मुझे पता नहीं कि आप लोग यह देखने के लिए होगा या नहीं लेकिन मैं एक बड़ा स्टार बनूंगा'।' अख्तर ने आगे कहा, 'वे दो महिलाएं जाने-अनजाने मुझे कामयाब होने के लिए प्रेरित कर रही थीं। दो महिलाएं कोने में खड़ीं मुझे स्टार बनाने में मदद कर रही थीं। मैं इसे आज तक नहीं भूला हूं।'
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