नई दिल्लीक्रिकेट अब काफी बदल चुका है। आज से कुछ साल पहले न तो इतनी तकनीक आई थी और न ही सुरक्षा के इंतजाम। खिलाड़ी बिना हेलमेट ही खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करते थे। जान का खतरा भी बरकरार रहता था। ऐसा ही एक किस्सा लिटिल मास्टर सुनील गावसकर ने भारत-इंग्लैंड के बीच जारी तीसरे टेस्ट मैच के दौरान कमेंट्री के वक्त सुनाया। बिना हेलमेट के खेलते थे गावस्कर 1971 में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करने वाले सुनील गावसकर को साथी प्यार से सनी भी कहते थे। अपने नाम की ही तरह उनका करियर भी खूब चमकीला रहा। ताउम्र बगैर हेलमेट के बल्लेबाजी करने वाले गावस्कर ने अपने करियर में मैल्कम मार्शल, एंडी रॉबर्ड्स, माइकल होल्डिंग,डेनिस लिली, इमरान खान सरीखे तूफानी पेसर्स का सामना किया। मार्शल ने सिर पर मारी थी गेंद सुनील गावसकर और मैल्कम मार्शल के बीच की जंग जगजाहिर है। बात 1983 की है, जब भारतीय टीम वेस्टइंडीज दौरे पर थी। सीरीज के शुरुआती दो मैच में गावसकर का बल्ला पूरी तरह खामोश था। तीसरा टेस्ट गुयाना में हुआ। वेस्टइंडीज के 470 रन के जवाब में भारत की पहली पारी शुरू हुई। सुनील गावसकर इस मैच में रंग में दिख रहे थे, उन्हें रोकने के लिए कैरेबियाई टीम ने अपना सबसे बड़ा हथियार बॉडी लाइन और शॉर्ट बॉलिंग शुरू की। मैल्कम मार्शल ने एक तेज शॉर्ट बॉल फेंकी जो सीधे जाकर गावस्कर के माथे पर जाकर लगी। यू आर मेड ऑफ स्टील मैन...गावसकर के सिर पर सूजन हो गई थी। किस्सा सुनाते हुए उन्होंने कहा, 'अगर गेंद कान के आस-पास लगती तो वह उनका आखिरी दिन भी हो सकता था, उन्हें घायल देख पूरा ड्रेसिंग रूम हिल गया था। स्लिप में खड़े महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स फौरन दौड़कर उनका हाल-चाल जानने पहुंचे। जब सुनील गावसकर ने कहा कि मैं ठीक हूं तो विव ने बोला था- यू आर मेड ऑफ स्टील मैन... (तुम लोहे से बने हो)। घातक बाउंसर के बाद अगली बॉल तेज यॉर्कर थी, जिसे स्ट्रेट ड्राइव से लिटिल मास्टर ने बाउंड्री के पार भेज दिया था। उस मैच में इस मुंबईकर ने नाबाद 147 रन बनाए थे।
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