Monday, August 2, 2021

पाकिस्तानी भी मना रहे जश्न, भारतीय हॉकी टीम के ओलिंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने की खुशी

कराची तोक्यो ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान में भी खुशी है और दिग्गजों का मानना है कि इससे एशिया में लोगों की हॉकी में दिलचस्पी फिर जगेगी। भारतीय महिला और पुरूष हॉकी टीमें ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि पाकिस्तान लगातार दूसरी बार क्वालीफाई करने में भी नाकाम रहा। मशहूर सेंटर फॉरवर्ड हसन सरदार ने कहा, ‘भारतीय हॉकी के ढांचे की यह जीत है। जब तक पैसा निवेश नहीं करेंगे और खिलाड़ियों का ध्यान नहीं रखेंगे, प्रतिभाएं कहां से निकलेंगी। पाकिस्तान में सुरक्षित भविष्य की चाह में युवा क्रिकेट को चुनते हैं, हॉकी को नहीं। आज हॉकी में कामयाबी की कुंजी फिटनेस है और भारतीय टीम काफी फिट है।’ पाकिस्तान हॉकी महासंघ के महासचिव आसिफ बाजवा ने कहा कि भारत की सफलता से क्षेत्र में हॉकी में रूचि फिर पैदा होगी। उन्होंने कहा, ‘यह छोटी उपलब्धि नहीं है। इससे पाकिस्तान में भी खेल को नया जीवन मिलेगा क्योंकि यहां भी लोग फिर से खोया गौरव लौटाना चाहेंगे।’ पूर्व दिग्गज सामिउल्लाह खान ने कहा, ‘भारत को सेमीफाइनल में पहुंचते देखकर अच्छा लगा है और उम्मीद है कि वे फाइनल में पहुंचकर पदक जीतेंगे। भारत में हॉकी खिलाड़ियों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। चयन काफी पारदर्शी होता है जिसकी पाकिस्तान में जरूरत है।’ लगातार दो बार से क्वालीफाई तक नहीं कर पा रहा पाकिस्तान तीन ओलिंपिक गोल्ड और रेकॉर्ड चार वर्ल्ड कप टाइटल जीतने वाली पाकिस्तानी टीम की हॉकी में गिरावट 1980 से शुरू हुई। तोक्यो से पहले पाक टीम रियो ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। इस तरह की पहली शर्मिंदगी उसे 2014 वर्ल्ड कप में झेलनी पड़ी थी। 2018 विश्व कप में भी टीम 12वें स्थान पर रही। पाकिस्तान का क्यों हुआ इतना बुरा हाल? कुछ विशेषज्ञ की माने तो घास में खेले जाने वाला यह खेल जैसे ही एस्ट्रो टर्फ पर पहुंचा भारत के साथ-साथ पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेल में भी गिरावट आ गई। 1970 की शुरुआत में धीरे-धीरे कृत्रिम घास चला यह सफर अब 2021 तक पहुंच चुका है। खेल काफी तेज हो गया। वक्त की डिमांड ने प्लेयर्स की फिटनेस भी जांची, जिसमें हमारा पड़ोसी मुल्क काफी पिछड़ गया। हिंदुस्तान की ही तरह पाकिस्तान में भी अब क्रिकेट मुख्य खेल की जगह ले चुका है। पूल ए में दूसरे पोजिशन पर थी मेंस टीम भारत मौजूदा ओलिंपिक में पूल ए में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा जबकि सेमीफाइनल में जिस बेल्जियम से टकराना है वह चार जीत और एक ड्रॉ के साथ पूल बी में शीर्ष पर था। रैंकिंग के लिहाज से हालांकि दोनों टीमों के बीच अधिक अंतर नहीं है क्योंकि भारत भी दुनिया की तीसरे नंबर की टीम है। हाल में दोनों टीमों के बीच भिड़ंत का आंकड़ा भी भारत के पक्ष में है। भारत ने 2019 में बेल्जियम के दौरे पर मेजबान टीम के खिलाफ तीनों मुकाबले जीते थे। उस दौरे पर भारत ने बेल्जियम को 2-0, 3-1 और 5-1 से हराया था। पहली बार सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीमभारत की महिला हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए सोमवार को अपने से कहीं अधिक मजबूत तीन बार की ओलिंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सबसे खास बात यह है कि महिला टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है। अब उसका सामना 4 अगस्त को वर्ल्ड नंबर-5 अर्जेंटीना से होगा, जिसने जर्मनी को हराया है। दुनिया की नौवें नंबर की भारतीय टीम ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए दुनिया की नंबर-2 ऑस्ट्रेलिया को हराया। भारत अपने तीसरे ओलिंपिक में खेल रहा है। मास्को (1980) के 36 साल के बाद उसने रियो ओलिंपिक (2016) के लिए क्वालीफाई किया था। (एजेंसियों से इनपुट के साथ)


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