नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बताया कि साल 2018 के साउथ अफ्रीका दौरे पर रवि शास्त्री ने कैसे मोहम्मद शमी को हौसला दिया था। गावस्कर ने बताया कि इसके बाद शमी बिलकुल बदल गए थे। शमी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में अच्छी गेंदबाजी की है। उन्होंने न्यूलैंड्स मैदान पर एक ही ओवर में दो विकेट लेकर साउथ अफ्रीका को बैकफुट पर धकेला। शमी ने तेंबा बावुमा को आउट किया। वह काफी अच्छा खेल रहे थे और इसके बाद उसी ओवर में काइल वेरेयने का विकेट उन्होंने झटका। उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह ने भी विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की पहली पारी 210 रन पर समेट दी थी। भारत ने पहली पारी में 13 रन की बढ़त हासिल की थी। तीसरे दिन लंच तक भारत ने चार विकेट के नुकसान पर 130 रन बना लिए थे। शमी ने भारत की ओर से 16 ओवर में 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गावस्कर ने याद किया शमी इसी तरह का स्पैल 2018 के साउथ अफ्रीका दौरे पर फेंका था। उन्होंने याद किया इस दौरे से शमी के करियर को नई जान दी थी। गावस्कर ने 2018 के ड्रेसिंग रूम में हुई एक घटना का जिक्र किया जिससे पता चलता है कि कैसे शास्त्री के शब्दों ने शमी को हौसला दिया था। उन्होंने कहा कि शास्त्री के समझदारी भरे शब्दों ने शमी में जोश भरा था। परिस्थितियां तेज गेंदबाजी के अनुकूल थी और शमी ने अपने प्रदर्शन से टीम को निराश नहीं किया। गावस्कर ने मैच के दूसरे दिन कहा, 'वॉन्डर्स पर पिछली बार 2018 में, जब टीम ने मोहम्मद शमी के साथ बने रहने का फैसला किया था, तब तक उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। तो उन्होंने शमी से कहा था कि अगर आप पिच पर विकेट नहीं ले पाए तो... तो बात यह है कि मुझे नहीं पता नहीं पता कि रवि शास्त्री ने उन्हें क्या 'रॉकेट' दिया था।' पूर्व कप्तान ने कहा, 'और उसके बाद वह गेंदबाजी करने उतरे और साउथ अफ्रीका की टीम को तहस-नहस कर दिया। कई बार आपको पता होता है कि आपको किसी खिलाड़ी के कंधे पर हाथ रखना होता है, कई बार आपको उसके साथ टिके रहना पड़ता है।'
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