केपटाउन भारतीय क्रिकेट ने दुनिया को कई सुपरस्टार दिए। मगर अधिकतर या तो स्पिनर रहे या फिर बल्लेबाज। महान फिरकी गेंदबाजों की लिस्ट के टॉप-5 में आपको कम से कम तीन भारतीय दिख जाएंगे। ग्रेटेस्ट बैट्समैन की लिस्ट बनेगी तो वहां भी भारतीयों का ही बोलबाला होगा, लेकिन तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट में ऐसा नहीं था। आज से कुछ साल पहले तक सिर्फ इक्का-दुक्का इंडियन पेसर को ही दुनिया जानती थी, लेकिन अब हालात जुदा है। विदेशों में जाकर भारत ने जीतना शुरू किया तो उसमें सबसे बड़ा रोल हमारे तेज गेंदबाजों का है। खासतौर पर बीते 3-4 साल में तो टीम में गजब का निखार आया। इसका बड़ा क्रेडिट कोच रवि शास्त्री और कप्ताना कोहली को तो जाता ही है। साथ ही साथ जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, उमेश यादव और अब नई पीढ़ी में सिराज जैसे पेसर्स ने खुद को तराशा।
धार, रफ्तार और एग्रेशन। भारत की तेज गेंदबाजी फौज के पास वो हर हथियार है, जिसकी किसी पेस बैटरी को दरकार होती है। कोहली की कप्तानी में तो हमारे खिलाड़ियों ने खास मुकाम पा लिया। दूसरी ओर विराट भी अब किंग हो गए। वह क्रिकेट इतिहास के ऐसे सिर्फ तीसरे कप्तान हुए हैं, जिनकी अगुवाई में चार या उससे ज्यादा तेज गेंदबाजों ने 100 प्लस विकेट उखाड़े हो। लिस्ट की बात करें तो सबसे ऊपर साउथ अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ हैं, उनकी कप्तानी में सात पेसर्स ने 100 से ज्यादा शिकार किए फिर वेस्टइंडीज के महान क्लाइव लॉयड का नंबर आता है, जिनकी कप्तानी में पांच तेज गेंदबाजों ने 100 प्लस टेस्ट विकेट चटकाए हैं। इन दिग्गजों के साथ खड़ा होकर कोहली खुद को वाकई खुशकिस्मत समझ रहे होंगे। बूम-बूम बुमराहकेपटाउन टेस्ट मैच में पहली इनिंग्स में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के बाद सारा दारोमदार बोलर्स पर आ गया था। जसप्रीत बुमराह की अगुआई में भारतीय पेस बोलिंग चौकड़ी ने टीम को निराश नहीं किया और मेजबान टीम को भी सस्ते में समेट दिया। इनिंग्स में पांच विकेट लेकर बुमराह ने साउथ अफ्रीका को 210 पर समेटने और टीम इंडिया को 13 रन की लीड दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उमेश यादव, मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर का भी भरपूर साथ मिला। पहला भी और आखिरी भीबुमराह ने टीम के लिए दिन की शानदार शुरुआत की जब उन्होंने एडेन मार्कराम को बोल्ड कर दिया। बुमरा ने आखिरी विकेट के तौर पर लुंगी एंगिदी को पविलियन भेजकर साउथ अफ्रीका की लीड लेने की उम्मीदों पर पानी फेरा। पीटरसन और रासी वान डर डुसेन के बीच चौथे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी के दम पर साउथ अफ्रीका लंच तक तीन विकेट पर 100 रन बनाकर बेहतर स्थिति में था। बुमराह ने टी-ब्रेक के पहले और बाद एक-एक विकेट निकालकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
| बोलर | टेस्ट | विकेट | एवरेज |
| मोहम्मद शमी | 46 | 167 | 24.73 |
| ईशांत शर्मा | 43 | 121 | 25.85 |
| उमेश यादव | 37 | 104 | 30.33 |
| जसप्रीत बुमराह | 24 | 102 | 21.33 |
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/34RqrTT
No comments:
Post a Comment