नई दिल्ली भारत की उदीयमान महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) तोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। असम की रहने वाली लवलीना (Lovlina Borgohain vs Busenaz Surmeneli) सेमीफाइनल बाउट में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली के सामने हैं। लवलीना और बुसेनाज सुरमेनेली के बीच मुकाबला शुरू। 2012 में बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाली लवलीना वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो पदक जीत चुकी हैं। लवलीना की नजर फाइनल में जगह बनाने पर है। लवलीना ने भले ही मेडल सुनिश्चित कर लिया हो बावजूद इसके उनकी नजर गोल्ड पर है। लवलीना इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनने की कोशिश करेंगी। लवलीना का पदक पिछले नौ वर्षों में भारत का मुक्केबाजी में पहला पदक होगा लेकिन उनका लक्ष्य अब फाइनल में पहुंचना होगा जहां अभी तक कोई भारतीय नहीं पहुंचा है। 'मेडल तो बस गोल्ड होता है' लवलीना ने क्वार्टर फाइनल बाउट के बाद कहा था, 'मेडल (पदक) तो बस गोल्ड (स्वर्ण) होता है, पहले मुझे उसे हासिल करने दो।' लवलीना ओलिंपिक में पदार्पण कर रही हैं लेकिन उन्होंने सहज होकर अपने मुकाबले लड़े हैं। सुरमेनेली के खिलाफ दबावमुक्त होकर खेलेंगी लवलीना तुर्की की शीर्ष वरीयता प्राप्त मुक्केबाज के खिलाफ भी वह बिना किसी दबाव के रिंग में उतरेगी। सुरमेनेली भी 23 साल की हैं और इस साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते हैं। लवलीना वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2 पदक जीत चुकी हैं लवलीना भी इस खेल में नई नहीं है और उन्होंने अभी तक अपने करियर में विश्व चैंपियनशिप के दो कांस्य पदक जीते हैं। तुर्की की मुक्केबाज 2019 चैंपियनशिप में विजेता रही थीं जबकि लवलीना को कांस्य पदक मिला था। तब इन दोनों के बीच मुकाबला नहीं हुआ था।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/2VkKYeY
No comments:
Post a Comment