बैंकाक और ज्योति सुरेख वेन्नाम की मिश्रित युगल भारतीय जोड़ी ने 21वें एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में बुधवार को यहां कंपाउंड स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया, जिससे देश कुल पदकों की सात पदकों के साथ अपने अभियान को समाप्त किया। वर्मा और ज्योति को जोड़ी ने चीनी ताइपै की यि-ह्सुआन चेन और चीह-लुह चेन की जोड़ी को 158-151 से हरा का भारत के लिए पहला सोने का तमगा जीता। टूर्नमेंट में भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत के साथ चार कांस्य पदक हासिल किए। इससे पहले वर्मा टीम स्पर्धा में सटीक निशाना लगाने से चूक गए, जिससे भारतीय टीम को कोरिया के खिलाफ एक अंक से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। कोरिया ने यह मुकाबला 233-232 के अंतर से जीता। वर्मा ने कहा, 'तेज हवा के कारण परिस्थितियां थोड़ी मुश्किल थीं लेकिन हमारे पास स्वर्ण जीतने का यह आखिरी मौका था। हम इसमें सफल हुए। यह पूरी टीम के लिए सकारात्मक संकेत है।' ज्योति ने कहा, 'मैं इस स्कोर से खुश हूं। इससे पहले के मैचों में भी हम ने निरंतर प्रदर्शन किया है।' पुरुष टीम स्पर्धा में शीर्ष वरीय वर्मा, रजत चौहान और मोहन भारद्वाज की भारतीय तिकड़ी ने पहले दौर में 58 अंक बनाए। कोरिया के जेइवॉन यांग, यांगही चोइ और ईयून-क्यू चोई ने भी इतने ही अंक बनाए। दूसरे दौर में कोरियाई टीम ने भारतीय टीम से एक अंक की बढ़त हासिल की। भारतीय खिलाड़ियों को तीसरे दौर के आखिरी तीन निशाने 9-9 अंक का लगाए, जो टीम को भारी पड़ा और कोरियाई टीम ने तीन अंक की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। अंतिम दौर में कोरिया के 57 अंक के मुकाबले भारत ने 59 अंक बनाए लेकिन यह जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था। ज्योति, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर की भारतीय महिला टीम अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकी और कोरिया के खिलाफ एक तरफा मुकाबले में 231-215 से हार गईं। भारतीय तीरंदाजी महासंघ के निलंबन के कारण टूर्नमेंट में भारत के खिलाड़ी विश्व तीरंदाजी संघ के ध्वज तले खेल रहे है। उन्हें यह मौका इसलिए दिया गया ताकि वे गुरुवार को होने वाले ओलिंपिक क्वॉलिफिकेशन प्रतियोगिता में भाग ले सके। पुरुष टीम ने पहले ही विश्व चैंपियनशिप से ओलिंपिक कोटा हासिल कर लिया है, जबकि महिला टीम इस यहां कोटा हासिल करने की कोशिक करेगी। यहां से तोक्यों के लिए छह ओलिंपिक कोटे हासिल किए जा सकते हैं।
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