लंदन इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान से उम्मीद है कि महामारी के कारण वित्तीय चुनौती का आकलन कर रहा इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) आने वाले सप्ताह में वेतन कटौती को लेकर खिलाड़ियों से चर्चा करेगा। उन्होंने कहा कि जब इस महामारी का असर खत्म होगा तब तक खिलाड़ियों का कार्यभार काफी बढ़ जाएगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण इंग्लैंड में 28 मई तक किसी भी क्रिकेट पर रोक लगी है और जानकारों का मानना है कि इसे और आगे बढ़या जायेगा। अटकलें लगाई जा रही हैं कि ईसीबी रूट और जोस बटलर जैसे अपने अनुबंधित खिलाड़ियों के वेतन में कटौती कर विचार कर रहा है। रूट हालांकि इस बारे में नहीं सोच रहे। रूट ने आईसीसी के वेबसाइट से कहा, ‘मुझे यकीन है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस पर चर्चा होगी लेकिन वह बातचीत पीसीए (पेशेवर क्रिकेट संघ) और ईसीबी के बीच होगी। जब तक ऐसा नहीं होता यह मेरी विशेषज्ञता का क्षेत्र नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें फिलहाल अपनी फिटनेस पर ध्यान देना है जिससे हमें क्रिकेट के लिए वापसी करने में परेशानी ना हो और हमें समुदाय का ध्यान रखना सुनिश्चित करना होगा।’ कोरोना वायरस महामारी अभी तक दुनिया भर में सात लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर चुकी है जबकि 35,000 ज्यादा लोगों की मौत हो गयी है। ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और प्रिंस चार्ल्स सहित करीब 23,000 लोग इसकी चपेट में हैं जबकि 1400 से ज्यादा मौत हो चुकी है। इस महामारी के कारण वैश्विक खेल आयोजनों को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इंग्लैंड का श्रीलंका दौरा इस महीने की शुरुआत में रद्द कर दिया गया था। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ उनकी घरेलू टेस्ट सीरीज (जून से अगस्त) के अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज पर भी स्थगित या रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। रूट ने कहा कि जब क्रिकेट सामान्य रूप से शुरू होगा तब तक खिलाड़ियों का कार्यभार काफी बढ़ जायेगा। उन्होंने कहा, ‘यह काफी मुश्किल सत्र होगा, काम का बोझ अचानक से काफी ज्यादा बढ़ेगा।’
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