प्रसाद आरएस, चेन्नै बीते कुछ अर्से से क्रिकेट के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। इस मुकाबले में रोमांच और दर्शकों की रूचि बनी रहती है। साल 2001 के कोलकाता में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच से ही दोनों टीमों को बीच हाई क्वॉलिटी मुकाबले देखने को मिलते हैं। अगर शुरुआत में सचिन तेंडुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ भारतीय बल्लेबाजी की कमान संभालते थे तो अब दौर विराट कोहली ऐंड कंपनी का है। ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों की टीम के कप्तान का मानना है कि जब भी दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं उनके बीच कड़े मुकाबले की भावना नजर आती है फिर चाहे प्रारूप कोई भी क्यों न हो। मंगलवार को सोनी नेटवर्क पर दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'भारत और ऑस्ट्रेलिया दो बहुत कामयाब टीमें हैं। ये दोनों ही देश क्रिकेट को लेकर बहुत जुनूनी हैं... तो ऐसे में वनडे और टेस्ट में दोनों टीमों के बीच मुकाबले की तुलना नहीं की जा सकती।' उन्होंने कहा, 'क्रिकेट का परंपरागत रूप है। इसमें पांच दिन तक कड़ा मुकाबला होता है... हर दिन मानसिक जंग होती है वहीं वनडे क्रिकेट में बेशक अधिक स्किल की जरूरत होती है, लेकिन सिर्फ एक दिन के लिए। अगर मैदान में एक-दो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर दें तो आप मैच जीत सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि यहां प्रतिस्पर्धा कम महत्वपूर्ण है या फिर इसे इसलिए हल्के में लिया जाता है कि यह टी20 या वनडे है।'
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