मुंबईदिग्गज बल्लेबाजों में शुमार भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा है कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि 1978-79 में घर में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भी कप्तानी से क्यों हटा दिया गया था। इस सीरीज में उन्होंने 700 से ज्यादा रन भी बनाए थे। भारत ने छह मैचों की सीरीज 1-0 से जीती थी। इस सीरीज के बाद गावसकर के स्थान पर एस. वेंकटराघवन को टीम का कप्तान बनाया गया था। गावसकर ने अंग्रेजी अखबार मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा, ‘वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भी मुझे कप्तानी से हटा दिया गया था जबकि इस सीरीज में मैंने 700 से ज्यादा रन बनाए थे। मुझे अभी तक इसका कारण नहीं पता।' पढ़ें, उन्होंने आगे लिखा, '... लेकिन शायद मैं उस समय कैरी पैकर वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट से जुड़ने को तैयार था। इसलिए शायद हटा दिया गया हो। चयन से पहले मैंने बीसीसीआई के साथ करार किया और बताया कि मैं किसके लिए वफादार हूं।’ 70 साल के गावसकर ने बताया कि उन्होंने किस तरह बिशन सिंह बेदी को टीम में रखने के लिए चयनकर्ताओं को मनाया। गावसकर ने लिखा, ‘समिति ने फैसला किया था कि तीन मैचों के बाद वह बेदी को हटा देंगे। जब मैंने पाकिस्तान सीरीज के बाद कप्तान के तौर पर उनका स्थान लिया तभी समिति उन्हें हटाना चाहती थी। मैंने कहा कि वह अभी भी देश में बाएं हाथ के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं और इसलिए उन्होंने पहले टेस्ट मैच में उन्हें मौका दिया।’ गावसकर ने करियर में 125 टेस्ट मैच और 108 वनडे इंटरनैशनल मुकाबले खेले। उनके नाम टेस्ट में 10122 और वनडे में कुल 3092 रन हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं।
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