नई दिल्ली, साबी हुसैन देश के 22 जूनियर नौकायान खिलाड़ी जिनमें पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, उन्हें ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इन सभी खिलाड़ियों के नमूने में प्रतिबंधित तत्व पाया गया है। नैशनल ऐंटी डोपिंग एजेंसी (), हैदराबाद में इन नमूनों की जांच की थी। के इतिहास में यह संभवत: सबसे बड़ा डोपिंग घोटाला है। साल 2005 में हुई उसकी शुरुआत के बाद किसी ओलिंपिक खेल में इस तरह का मामला सामने आया है। ये सभी खिलाड़ी माइनर (नाबालिग) हैं और इन्हें एडवर्स एनालिटीकल फाइंडिंग (AAF) नोटिस दिया गया है। यह सभी खिलाड़ी नाबालिग हैं इसलिए हम इनका उजागर नहीं कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों दो 16 से 18 साल की कैटिगरी में हैं, जिन्हें डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। यह मामला 2019 का है, जब ये दोनों खिलाड़ी एशियन जूनियर रॉविंग चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए पटाया में आयोजित कैंप में हिस्सा लेने गए थे। नाडा ने इन सैंपल्स को कतर की दोहा लैबोरेटरी में भेजा था, जहां इन नमूनों को पॉजिटिव पाए जाने के बाद वापस भेज दिया गया। विश्व ऐंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) ने अगस्त 2019 में नाडा की नैशनल डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी को सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद से नाडा इन नमूनों को जांच के लिए दोहा भेजता है।
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