नई दिल्ली'भारतीय टीम के कप्तान के लिए यह दिन बुरे सपने जैसा होगा...' हां, यही तो कहा था जावेद मियांदाद और शोएब अख्तर सहित पाकिस्तान के दिग्गजों ने जब टीम इंडिया पिछले वर्ष आज ही के दिन यानी 19 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ 36 रन पर ढेर हो गई थी। वे भी भारतीय टीम के प्रदर्शन से हैरान थे। टीम इंडिया का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका था और उसने टेस्ट इतिहास में अपने सबसे कम स्कोर का शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया था। इस स्कोर के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने खूब तंज कसे थे। उन्होंने तो टीम इंडिया के दौरे पर एकतरफा क्लीन स्वीप की भी भविष्यवाणी की थी, लेकिन भारत ने धमाकेदार वापसी की और 2-1 से सीरीज अपने नाम करते हुए इतिहास रच दिया था। रोचक बात यह थी कि एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट के बाद विराट कोहली भी पैटरनिटी लीव के तहत स्वदेश लौट आए थे। खैर, बात करते हैं उस मैच की जब भारत 36 पर ढेर हो गया था। यह डे-नाइट मैच एडिलेड में खेला गया था। मैच की पहली पारी में भारतीय टीम ने 244 रन बनाए थे, जबकि विराट कोहली ने 74 रन की पाी खेली थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम 191 रनों पर ढेर हो गई थी तो टीम इंडिया और उसके चाहने वालों में खुशी की लहर थी, लेकिन यह कुछ ही देर के लिए थी। इसके बाद मैच के तीसरे दिन यानी 19 दिसंबर को भारतीय टीम दूसरी पारी महज 21.2 ओवरों में 36 रन पर ढेर हो गई थी। मयंक अग्रवाल (9 रन) सर्वश्रेष्ठ स्कोरर थे, जबकि जोस हेजलवुड ने 5, मौजूदा कप्तान पैट कमिंस ने 4 विकेट झटके थे। मोहम्मद शमी रिटायर्ड हर्ट हुए थे। कप्तान कोहली 4, पृथ्वी साव 4, हनुमा विहारी 8, रिद्धमान साहा 4, उमेश यादव 4 रन बनाए थे, जबकि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे खाता नहीं खोल पाए थे। कंगारू टीम को 90 का लक्ष्य मिला, जिसे उसने 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम स्कोर का अनचाहा रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे शर्मनाक बात क्या होगी कि टीम के 11 बल्लेबाजों में से एक भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। भारत का इससे पहले टेस्ट की एक पारी में सबसे कम स्कोर 42 रन था, जब उसे इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के मैदान पर जून 1974 में ऑलआउट कर दिया था। उस मुकाबले में टीम इंडिया की कमान अजित वाडेकर संभाल रहे थे और भारत की दूसरी पारी 17 ही ओवर में 42 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का सबसे कम स्कोर 58 रन है। ब्रिसबेन में नवंबर 1947 में भारत को लाला अमरनाथ की कप्तानी में उस सीरीज के पहले ही टेस्ट मैच में दूसरी पारी में इतने कम स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया ने ऑलआउट कर दिया था। टेस्ट में ओवरऑल सबसे कम स्कोर की बात करें तो यह 26 रन है जो न्यूजीलैंड के नाम है। इंग्लैंड ने ऑकलैंड में मार्च 1955 में उसे 27 ओवर में 26 रन पर ही समेट दिया था।
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