नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में विवाद तो कई रहे हैं लेकिन वनडे कप्तानी से हटाए जाने को लेकर विराट कोहली (Virat Kohli vs Sourav Ganguly)के बयान ने तूफान खड़ा कर दिया है। विराट ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि उनको वनडे कप्तान से हटाए जाने को लेकर बीसीसीआई की तरफ से कोई संदेशा नहीं आया था। जबकि सौरभ गांगुली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि इस मसले पर विराट से बातचीत की गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन सच बोल रहा है? गांगुली ने भारतीय क्रिकेट के लिए खून-पसीना बहाया है तो कोहली का योगदान किसी से छिपा नहीं है। तो आखिर ऐसा क्या हो गया जो मामला इतना खराब हो गया। क्या एक-दूसरे से नजरें मिला पाएंगे विराट-गांगुली गांगुली के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले विराट क्या अब कभी एक-दूसरे ठीक से नजरें मिला पाएंगे? गांगुली के लिए भी ये मुश्किल हालात हैं क्योंकि बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष उनके ऊपर आरोप लगे हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड दुनिया का सबसे ताकतवर बोर्ड है और गांगुली उसके अध्यक्ष। उनकी टीम का कप्तान उनके खिलाफ मोर्चा खोलता है, तो साख का भी सवाल है। भारतीय क्रिकेट को धक्का! गांगुली और कोहली दोनों ही अपने समय के श्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। दुनियाभर में दोनों की धाक रही है। दोनों एक-दूसरे की इज्जत करते हैं तो सवाल उठता है तो फिर झूठ कौन बोल रहा है। क्या जब दोनों फिर कभी मैदान पर मिलेंगे तो नजरें मिला पाएंगे? भारतीय क्रिकेट में विवादों का पुराना नाता रहा है। लेकिन इस विवाद से देश की क्रिकेट को धक्का लगा है। तो दाल में क्या है काला? भारतीय क्रिकेट के स्याह-सफेद सच को जानने वालों को भी इस विवाद के पीछे दाल में कुछ काला नजर आ रहा है। पहले बात आ रही थी कि कोहली दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में नहीं खेलना चाहते हैं, लेकिन कोहली ने कहा कि उन्होंने इस बारे में बोर्ड से कुछ कहा ही नहीं और वह इस सीरीज में खेंलेगे। गांगुली ने गत रविवार को बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने निजी तौर पर कोहली से बात की थी और चीफ सिलेक्टर ने भी उनसे बात की थी। अब कोहली ने कहा कि ऐसा तो कुछ हुआ ही नहीं है। कौन बोल रहा है झूठ? मतलब साफ है कि इस विवाद में कोई एक शख्स झूठ बोल रहा है। गांगुली का भारतीय क्रिकेट के लिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कोहली ने भी अपनी कप्तानी में देश की क्रिकेट को बुलंदियों तक पहुंचाया है। बीसीसीआई ने कहा था कि विराट को टी-20 कप्तानी नहीं छोड़ने के लिए कहा गया था जबकि कोहली ने कहा उन्होंने बीसीसीआई के सभी अधिकारियों को संज्ञान में लेकर यह फैसला किया था। हर जगह बीसीसीआई और कोहली के बयान में झोल है। सच और झूठ का मसला तभी साफ हो सकता है जब बीसीसीआई भी इसपर कोई बयान जारी करे। बहरहाल, कोहली के बयान ने भारतीय क्रिकेट में भूचाल तो ला ही दिया है।
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