मुंबई पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे की के प्रति सहानुभूति है लेकिन इसके साथ ही उन्हें खुशी है कि उनका शिष्य वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटीगा में पहले टेस्ट मैच में टीम मैनेजमेंट की उम्मीदों पर खरा उतरा। भारतीय टेस्ट उप कप्तान रहाणे ने इस टेस्ट में 81 और 102 रन बनाए। यह उनका पिछले दो साल में पहला शतक है। भारत ने यह मैच 318 रन से जीता और रहाणे को मैन ऑफ द मैच चुना गया। टीम मैनेजमेंट इस मैच से पहले रोहित और रहाणे में किसी एक को चुनने को लेकर असमंजस में था लेकिन बाद में उसने टेस्ट उप कप्तान पर भरोसा दिखाया। आमरे ने यहां कहा, ‘मुझे रोहित से सहानुभूति है। मेरी निजी राय है कि रोहित को वर्ल्ड कप में पांच शतक बनाने के बाद मौका दिया जाना चाहिए था। हम सभी जानते हैं कि वह क्षमतावान खिलाड़ी हैं लेकिन टीम प्रबंधन ने अंजिक्य पर भरोसा दिखाया और वह उस पर खरा उतरे जो अजिंक्य के लिहाज से अहम है।’ पढ़ें, रहाणे के निजी कोच ने कहा, ‘यह उनकी (अजिंक्य) कड़ी मेहनत का परिणाम है क्योंकि पिछले दो साल उनके लिए आसान नहीं रहे। अजिंक्य ने जिस तरह से खुद को संभाला, उसका श्रेय उन्हीं को दूंगा। वह कभी निराश नहीं हुए और कड़ी मेहनत करते रहे।’
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