नई दिल्ली आखिरकार रोहित शर्मा को वाइट बॉल फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी सौंप दी गई। पहले ही टी-20 कप्तान बनाए जा चुके रोहित 8 दिसंबर को वनडे के भी कप्तान नियुक्त कर दिए गए। विराट सिर्फ टेस्ट टीम के कप्तान रहेंगे जबकि उपकप्तान रहाणे को हटाकर वहां भी रोहित को फिट कर दिया गया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि 33 साल के विराट कोहली को हटाकर उनसे एक साल बड़े रोहित शर्मा पर दांव क्यों लगाया गया जबकि टीम में और भी कई योग्य युवा दावेदार थे। एक इंटरव्यू में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब दे रहे हैं। क्रिकेटर से खेल प्रशासक बने गांगुली कहते हैं, 'रोहित शर्मा में लिमिटेड ओवर फॉर्मेट की कप्तानी संभालने के सारे गुण हैं। शायद यही वजह उनके पक्ष में गई। वह विपरित हालातों में टीम को उबारने का टैलेंट रखते हैं। आईपीएल में बतौर कप्तान उनके रेकॉर्ड्स शानदार हैं। मुंबई इंडियंस को पांच ट्रॉफी दिलाना जबरदस्त रहा। कुछ साल पहले भारत ने रोहित शर्मा की ही अगुवाई में एशिया कप भी जीता था। कोहली की गैरमौजूदगी में भारत का चैंपियनशिप जीतना बतौर कप्तान और बल्लेबाज रोहित के टैलेंट को बताता है।' उम्मीद है कि रोहित शर्मा अपनी वनडे कप्तानी करियर की शुरुआत अगले साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर करेंगे। जहां तीन मैच की सीरीज खेलनी है। इधर विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने कप्तानी में बदलाव पर सौरव गांगुली की हालिया टिप्पणियों पर आश्चर्य व्यक्त किया। बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा था कि बोर्ड ने कोहली से टी-20 कप्तान के रूप में पद नहीं छोड़ने का अनुरोध किया था। राजकुमार ने इस बयान पर कहा, 'मैंने हाल ही में गांगुली की टिप्पणियों को पढ़ा कि उन्होंने कोहली को टी 20 कप्तानी (विश्व कप से पहले) से हटने के लिए नहीं कहा था। मुझे ऐसा कुछ याद नहीं है। यह बयान मेरे लिए हैरान करने वाला था। चारों ओर अलग-अलग बयान घूम रहे हैं।'
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