नई दिल्ली भारतीय टीम के सीमित ओवरों के फॉर्मेट के कप्तान ने माना है कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतना किसी भी खिलाड़ी या कप्तान का सबसे बड़ा लक्ष्य होता है। रोहित ने कहा कि शतक बनाने के बाद अच्छा तो लगता है लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के बाद जो अहसास होता है उसकी तुलना किसी दूसरी चीज से नहीं की जा सकती। बुधवार को रोहित शर्मा को भारतीय वनडे टीम का कप्तान भी बनाया गया। टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद विराट कोहली ने इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी थी और रोहित को इसकी कमान पहले ही संभाल चुके हैं। अब लगता है कि 2022 के ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप और 2023 के भारत में होने वाले 50 ओवरों के वर्ल्ड कप में रोहित ही टीम की कमान संभालेंगे। एक चैट शो 'बैकस्टेज विद बोरिया' में रोहित ने कहा कि क्रिकेट एक टीम गेम है और बड़ी चैंपियनशिप जीतना किसी भी खिलाड़ी का अंतिम लक्ष्य होता है। 34 वर्षीय रोहित ने कहा, 'जब आप एक खेल खेलते हैं तो आपका लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ हासिल करना होता है। आप सबसे बड़ी चैंपियनशिप जीतना चाहते हैं। आप कितने भी शतक बना लें लेकिन आपक हमेशा चैंपियनशिप जीतना चाहते हैं क्योंकि यह पूरी टीम का साझा प्रयास और उपलब्धि होती है। आखिर हम सब टीम स्पोर्ट्स खेलते हैं। जो उपलब्धि आप टीम के तौर पर हासिल करते हैं मेरे लिहाज से वह सर्वश्रेष्ठ होती है।' भारत ने साल 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में चैंपियंस ट्रोफी जीतने के बाद कोई आईसीसी टूर्नमेंट नहीं जीता है। 2021 टी20 वर्ल्ड कप टीम के लिए बहुत खराब रहा। टीम सुपर 12 से आगे निकलकर सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई थी। रोहित ने यह माना कि टीम का आखिरी लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना होता है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी टूर्नमेंट की तैयारी आप कैसे करते हैं यह भी काफी मायने रखता है। रोहित ने कहा, 'बेशक, कुछ वर्ल्ड कप आ रहे हैं। हम उन पर नजरें रखेंगे। लेकिन उन चैंपियनशिप को जीतने के लिए एक टीम के तौर पर हमें काफी कुछ करना होता है। हमारे पास उन्हें हासिल करने की टीम, खिलाड़ी और सपॉर्ट है। अब उसे हासिल करना है। वर्ल्ड कप से पहले हम जो करते हैं वह काफी मायने रखता है। जब आप वह टूर्नमेंट खेलने जाते हैं तो टीम में खिलाड़ियों और प्रदर्शन को लेकर काफी दबाव होता है। इसके साथ ही लोगों की उम्मीदें भी काफी होती है।' रोहित ने आगे कहा कि वह कोशिश करेंगे कि खिलाड़ियों पर दबाव कम किया जा सके ताकि वह लक्ष्य पर ध्यान दे सकें। उन्होंने कहा, 'एक चीज जो मैं करना चाहूंगा वह यह होगी कि कम से कम खिलाड़ियों से दबाव कम करूं। हम छोटी-छोटी चीजों को सही करके ऐसा कर सकते हैं। हम कोशिश करेंगे कि उन्हें वह सुरक्षा और आजादी दें कि वह जाकर खुलकर खेल सकें। हम ऐसे शुरुआत करेंगे और उसके बाद देखेंगे कि अगले दो-तीन महीनों में चीजें कैसे आकार लेती हैं।'
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