भारत ने जब आखिरी बार 2017-18 में साउथ अफ्रीका का दौरा किया था, तब टीम जीत की दावेदार बन कर गई थी और अच्छी लड़ाई भी लड़ी थी, लेकिन अंत में सीरीज में उसे 1-2 से शिकस्त का ही सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए रोहित शर्मा, केएल राहुल, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी जैसे सीनियर प्लेयर्स को आराम दिया गया था। अब जब इन खिलाड़ियों की वापसी होगी तो फिर किन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, यह सवाल अभी से सभी के मन में आने लगा है।न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज खत्म होने के साथ ही द्रविड़ और उनके साथ जुड़े अन्य सपोर्ट स्टाफ के लिए अगले कुछ दिन काफी चुनौती भरे होने वाले हैं। इनकी देखरेख में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के दौरे पर निकलना है।

भारत ने जब आखिरी बार 2017-18 में साउथ अफ्रीका का दौरा किया था, तब टीम जीत की दावेदार बन कर गई थी और अच्छी लड़ाई भी लड़ी थी, लेकिन अंत में सीरीज में उसे 1-2 से शिकस्त का ही सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए रोहित शर्मा, केएल राहुल, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी जैसे सीनियर प्लेयर्स को आराम दिया गया था। अब जब इन खिलाड़ियों की वापसी होगी तो फिर किन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, यह सवाल अभी से सभी के मन में आने लगा है।
मयंक, श्रेयस का क्या होगा

सीनियर्स की गैरमौजूदगी में इस सीरीज में श्रेयस अय्यर को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने कानपुर में खेले अपने पहले ही टेस्ट में शतक ठोक दिया। दोबारा से ओपनिंग में लौटे मयंक अग्रवाल ने भी लय हासिल कर ली और मुंबई टेस्ट में वह अपने प्रदर्शन के बूते मैन ऑफ द मैच बन गए। अब सवाल यह है कि जब ओपनिंग में रोहित और मीडिल में राहुल लौटेंगे तो फिर मयंक और श्रेयस का क्या होगा?
हनुमा भी होंगे कतार में

ऋद्धिमान साहा ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज के लिए फिलहाल ऋषभ पंत ही पहली पसंद होंगे और टीम में लौटने पर उन्हें अपनी जगह आसानी से वापस मिल जाएगी। क्योंकि टीम विदेशी दौरे पर जा रही है तो ऐसे में हनुमा विहारी भी टीम में जगह पाने के हकदार हैं जो कि पिछले कुछ समय से विदेशी धरती पर टीम इंडिया के लिए संकटमोचक की भूमिका में भी नजर आए हैं। उनके बगैर एकादश तैयार करना जोखिम भरा हो सकता है।
रहाणे-पुजारा पर लटकी तलवार

समस्या आएगी चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के चयन को लेकर। ये दोनों ही अनुभवी खिलाड़ी फिलहाल खराब दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि विदेशी धरती पर ये दोनों ही खिलाड़ी हमेशा ही टीम इंडिया के लिए अहम साबित हुए हैं। द्रविड़ खुद मान रहे हैं कि दौरे के लिए टीम चयन एक अहम प्रक्रिया है और टीम मैनेजमेंट को आगे कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। रहाणे और पुजारा पर साउथ अफ्रीका दौरे से पहले टीम में अपनी जगह बचाए रखने का दबाव है और ऐसे में द्रविड़ की टिप्पणी महत्वपूर्ण है।
कोच द्रविड़ की 'पहली परीक्षा'

भारत को उस साउथ अफ्रीका से उसकी ही सरजमीं पर भिड़ना है जहां वह 1992 से अभी तक सिर्फ तीन टेस्ट ही जीत सका है और टेस्ट सीरीज जीत के नाम पर मामला शून्य पर ही अटका हुआ है। द्रविड़ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत के बाद कहा था, ‘युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और चयन को लेकर यह अच्छा सिरदर्द है। प्रत्येक खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है और हर कोई एक दूसरे के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहा है।'
ऐसा है भारत का साउथ अफ्रीका टूर

साउथ अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम पहला टेस्ट मैच अब 26-30 दिसंबर तक सेंचुरियन में खेलेगी। दूसरा टेस्ट 3 जनवरी से जोहानिसबर्ग में जबकि तीसरा 11 जनवरी से केपटाउन में खेला जाएगा। शुरुआती दो वनडे मैच 19 और 21 जनवरी को पार्ल में खेले जाएंगे जबकि तीसरा वनडे 23 जनवरी को केपटाउन में खेला जाएगा। ओमीक्रोन वायरस के चलते चार मैच की टी-20 सीरीज फिलहाल होल्ड पर डाल दी गई है, जो पहले इसी दौरे का हिस्सा थी।
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