नपोलीराष्ट्रीय रेकॉर्डधारी विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर इन खेलों में अव्वल रहने वाली पहली भारतीय महिला ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी बन गई। तेईस बरस की दुती ने 11.32 सेकंड का समय निकालकर रेस जीती। चौथी लेन में दौड़ते हुए दुती आठ खिलाड़ियों में पहले नंबर पर रही। स्विटजरलैंड की डेल पोंटे (11 .33 सेकंड) दूसरे स्थान पर रही। जर्मनी की लिसा क्वायी ने कांस्य पदक जीता। ओडिशा की दुती वैश्विक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली हिमा दास के बाद दूसरी भारतीय ऐथलीट बन गई। हिमा ने पिछले साल विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 400 मीटर में पीला तमगा जीता था। दुती ने एशियाई खेल 2018 में 100 और 200 मीटर में रजत पदक जीता था। वह यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई। उनसे पहले इंदरजीत सिंह ने 2015 में पुरुषों के शॉटपुट में स्वर्ण जीता था। हाल ही में समलैंगिंक रिश्ते में होने की बात कबूल करने वाली दुती ने जीत के बाद कहा, ‘मुझे नीचे गिराने की कोशिश करो लेकिन मैं मजबूती से वापसी करुंगी।’ उन्होंने कहा, ‘इतने सालों की मेहनत और आपके आशीर्वाद से मैंने विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।’ इससे पहले उन्होंने 11.41 सेकंड का समय निकालकर फाइनल के लिए क्वॉलिफाइ किया था। दुती को अभी सितंबर अक्टूबर में दोहा में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए क्वॉलिफाइ करना है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुती को ट्विटर पर बधाई देते हुए कहा, ‘यूनिवर्सिटी खेलों में 100 मीटर फर्राटा जीतने पर दुती को बधाई। यह भारत का इन खेलों में पहला स्वर्ण है और हम काफी गौरवान्वित हैं। इस प्रदर्शन को ओलंपिक में बरकरार रखें।’ खेलमंत्री किरण रिजीजू ने कहा, 'मैं बचपन से इन खेलों में स्वर्ण का इंतजार कर रहा हूं। आखिरकार भारत को स्वर्ण पदक मिला। दुती चंद को विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण जीतने पर बधाई।’
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