Tuesday, July 9, 2019

अब अगर बारिश ने WC मैच धोया, तो फिर क्या होगा!

नई दिल्ली के चार मैच इंग्लैंड के अस्थाई मौसम के चलते बारिश की भेंट चढ़ गए। आज भारत और न्यू जीलैंड के बीच पहला सेमीफाइनल अब से कुछ ही देर में शुरू होगा। लेकिन इस मैच में बारिश के बाधा डालने के भी आसार हैं। लीग स्टेज में खेले जाने वाले 45 मैचों में 4 मुकाबले धुल जाने के चलते पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के अरमानों पर भी पानी फिर गया था और अगर यहां मैच खेले बिना मैच का फैसला हुआ, तो किसी एक टीम के लिए बड़ी निराशा यह होगी कि उसे बिना मैच हारे ही अपने वर्ल्ड कप अभियान को यहीं समाप्त करना होगा। इंग्लैंड में एक बार फिर बारिश टूर्नमेंट के दूसरे चरण (सेमीफाइनल राउंड) में अपनी दस्तक देने को तैयार है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर नॉकआउट स्टेज में भी बारिश इन मैचों को धो देती है, तो क्या होगा? अगर मैच बारिश के चलते रद्द हो जाते हैं तो फिर विजेता का चयन किस आधार पर होगा? जानें: वैसे तो आईसीसी ने एक हद तक कोशिश तो की है कि नॉकआउट स्टेज में विजेता का फैसला मैदान पर खेलकर ही हो। टूर्नमेंट के नियम के अनुसार, इन तीन नॉकआउट मैचों के लिए मैच की निर्धारित तारीख का अगला दिन भी रिजर्व रखा गया है। अगर दोनों सेमीफाइनल समेत फाइनल मैच भी अपनी तय तारीख पर पूरे नहीं होते हैं तो फिर ये मैच निर्धारित तारीख के अगले दिन खेले जाएंगे। जैसे पहले सेमीफाइनल (9 जुलाई) के लिए 10 जुलाई रिजर्व, दूसरे सेमीफाइनल (11 जुलाई) के लिए 12 जुलाई रिजर्व और फिर फाइनल (14 जुलाई) के लिए 15 जुलाई को रिजर्व रखा गया है। पढ़ें: ऐसे में अगर अपने निर्धारित दिन ये मैच पूरे नहीं होते हैं, तो उस सूरत में अगले दिन यह मैच वहीं से शुरू होंगे, जहां पहले दिन पर बारिश के चलते रुकेंगे। ऐसे में यह उस मैच को वहीं से आगे जारी रखा जाएगा, जहां पर यह रुकेंगे। यानी के यह खेल नए सिरे से दोबारा शुरू नहीं होगा। इसके अलावा अगर अपने निर्धारित दिन यह मैच 50-50 ओवर का पूरा नहीं होता है, तो फिर रिजर्व डे के दिन अगर मौसम इस बात की इजाजत देता है, तो उसे पूरे 50 ओवर तक पूरा होने तक खेला जाएगा। पढ़ें- तब क्या होगा, अगर दोनों ही दिन भी मैच पूरा न हो पाए। लेकिन उस स्थिति में क्या होगा, जब यह मैच न तो अपने निर्धारित दिन और न ही रिजर्व दिन पर पूरा हो पाए? उस स्थिति में पॉइंट्स टेबल का महत्व सामने आएगा। ऐसे में लीग स्टेज का आंकड़ा देखा जाएगा और जो टीम पॉइंट्स टेबल में अपनी विरोधी टीम से ऊपर होगी। उसे फाइनल का टिकट मिलेगा, जबकि दूसरी टीम का सफर इस वर्ल्ड कपर में यहीं थम जाएगा। उदाहरण के तौर पर यह समझिए- अगर भारत-न्यू जीलैंड के बीच खेले जाने वाला पहला सेमीफाइनल मैच दोनों दिन के बाद भी बिना परिणाम के खत्म हो जाता है तो उस स्थिति में भारत फाइनल में एंट्री कर लेगा क्योंकि भारत पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर है और न्यू जीलैंड ने यहां चौथे स्थान पर रहते हुए अपनी जगह पक्की की है। ठीक इसी प्रकार अगर दूसरे सेमीफाइनल (ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड) में ऐसा होता है तो ऑस्ट्रेलिया फाइनल में एंट्री करेगी। फाइनल के लिए क्या है बारिश का नियमअगर इस टूर्नमेंट का फाइनल मैच अपने निर्धारित दिन (14 जुलाई) और रिजर्व दिन (15 दिन) को भी पूरा नहीं होता है, तो उस सूरत में फाइनल की दोनों टीमें यह ट्रोफी संयुक्त रूप से साझा करेंगी। अगर टाइ हुआ मैच, तो सुपरओवर से फैसलाइन तीनों ही मैचों के लिए उस स्थिति में क्या होगा अगर कोई मैच टाइ हो जाए। तो फिर उस मैच का फैसला टाइ-ब्रैकर नियम से होगा। यानी दोनों टीमों को सुपर ओवर खेलना होगा और इसमें जीत दर्ज करने वाली विजेता बनकर उभरेगी।


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