मुंबईभारत के टेस्ट उप कप्तान अजिंक्य रहाणे को भी तब अच्छा नहीं लगता, जब जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज को बाहर बैठना पड़ता है। रहाणे को हालांकि पूरा विश्वास है कि मुंबई का उनका यह साथी टेस्ट में ओपनर के रूप में सफल होगा। वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज में रहाणे और हनुमा विहारी ने मध्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी जगह पक्की कर ली जिससे टीम प्रबंधन रोहित को साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारना चाहता है। रहाणे से रोहित की नई भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। रहाणे ने यहां एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘आप वास्तव में जवाब चाहते हो। मुझे अभी पता नहीं है कि रोहित पारी का आगाज करेंगे। अगर ऐसा होता है तो मुझे उनके लिए खुशी होगी। मैंने वेस्ट इंडीज में भी कहा था कि रोहित जैसे विशिष्ट प्रतिभा के धनी बल्लेबाज को बाहर बैठे हुए देखना अच्छा नहीं लगता।’ पढ़ें, रोहित ने अब तब 27 टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं। कई का मानना है कि रोहित की बेपरवाह बल्लेबाजी उनकी नाकामी का कारण रही है लेकिन रहाणे की सोच इससे इतर है। रहाणे ने कहा, ‘‘उन्होंने बहुत मेहनत की है और अगर मौका मिलता है तो मुझे पूरा विश्वास है कि वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि वह विशिष्ट प्रतिभा के धनी हैं। टेस्ट क्रिकेट पूरी तरह से मानसिकता से जुड़ा खेल है। टेस्ट क्रिकेट में अगर दो गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं तो आपको उन्हें सम्मान देना होता है और उसके बाद अपना नैसर्गिक खेल खेलना चाहिए।’ रहाणे ने अपना आखिरी वनडे 18 महीने पहले खेला था लेकिन वह इस फॉर्मेट में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘टेस्ट के अलावा मैं वनडे क्रिकेट का भी लुत्फ उठाता रहा हूं। मैं वनडे में वापसी करना चाहता हूं। अभी पूरा ध्यान इस सीरीज पर है। हमने ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद लंबा विश्राम लिया। जब मुझे पता लगा कि मैं विश्व कप टीम में नहीं हूं तब मैंने काउंटी क्रिकेट खेलने की योजना बनाई और सौभाग्य से हैंपशर ने मुझे अपनी टीम में रख दिया।’ पढ़ें, 31 वर्षीय रहाणे ने कहा, ‘काउंटी क्रिकेट में मैंने उन दो महीनों में काफी कुछ सीखा। मैंने 7 मैच खेले और मेरा ध्यान वास्तव में लाल गेंद पर था क्योंकि मैं जानता था कि वेस्ट इंडीज में हम ड्यूक गेंद से खेलेंगे। अपनी क्षमता पर भरोसा रखना महत्वपूर्ण होता है।’ रहाणे ने कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में कागिसो रबाडा और केशव महाराज को सम्मान देना होगा। उन्होंने कहा, ‘रबाडा बेहतरीन गेंदबाज हैं। वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। हमें उनका और अन्य गेंदबाजों का सम्मान करना होगा। उनकी टीम युवा है लेकिन उनका गेंदबाजी आक्रमण- तेज गेंदबाज और स्पिनर अनुभवी हैं। केशव महाराज काउंटी क्रिकेट में खेले और उन्होंने लाल गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया। आपको उन्हें सम्मान देना होगा।’
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