नई दिल्लीपूर्व भारतीय कप्तान और कोच ने स्टेडियम में दर्शकों की तादाद बढ़ाने के लिए विराट कोहली के टेस्ट मैचों के लिए पांच सेंटर रखने के विचार का समर्थन किया। कुंबले हालांकि चाहते हैं कि बीसीसीआई 80 और 90 के दशक की पुरानी परंपरा अपनाए जिसमें त्योहारों के दौरान टेस्ट मैच विशेष केंद्र में ही कराए जाते थे। अस्सी और नब्बे के दशक के दौरान बीसीसीआई कैलेंडर में नए साल के समय कोलकाता में और पोंगल के समय चेन्नै में टेस्ट मैच आयोजित किए जाते थे। कुंबले ने ‘क्रिकेटनेक्स्ट’ से कहा, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने का निश्चित रूप से यह एक तरीका रहा। इन्हें कुछ केंद्रों तक सीमित किया जाए और साथ ही टेस्ट मैच के समय को चुनना भी अहम होता है। हम सभी जानते हैं कि त्योहारों के समय में पोंगल के दौरान टेस्ट मैच चेन्नै में होते थे। सत्र की शुरुआत के समय में दिल्ली और बेंगलुरु में टेस्ट मैच होते थे। मुंबई और कोलकाता में टेस्ट मैच होते थे।’ देखें, इस हफ्ते के शुरू में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रांची में हुए टेस्ट के दौरान काफी कम संख्या में दर्शक पहुंचे। इसके बाद कोहली ने भविष्य की घरेलू सीरीज के लिए पांच स्थायी टेस्ट केंद्रों के विचार का सुझाव दिया जैसा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया करते हैं। कुंबले ने कहा, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए इन केंद्रों को बढ़ावा देना भी अहम है जिसमें लोगों को पता होगा कि ये टेस्ट केंद्र हैं। इससे सत्र के शुरू में पता चल जाएगा कि यहां टेस्ट मैच होने हैं ताकि आप टेस्ट क्रिकेट के लिए टिकट बेच सको और सुनिश्चित करो कि दर्शक मैच देखने आएं।’
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