एम्सटरडम तीन बार की चैंपियन पाकिस्तानी पुरुष हॉकी टीम अगले साल होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए क्वॉलिफाइ नहीं कर पाई है। दूसरे क्वॉलिफायर में नीदरलैंड्स के हाथों 1-6 से हारने के बाद पाकिस्तान की 2020 तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने की उम्मीदें धराशायी हो गई। नीदरलैंड्स और पाकिस्तान के बीच शनिवार को खेला गया पहला क्वॉलिफायर 4-4 से ड्रॉ रहा था लेकिन रविवार को धमाकेदार वापसी की और आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया। उसने 10-5 के औसत के आधार पर जीत हासिल की। नीदरलैंड्स की टीम हाफ टाइम तक 4-0 से आगे थी। मिंक वेन डर वीरदन ने दो बजॉर्न केलरमैन और माइक्रो प्रूइजसर ने घरेलू टीम के लिए एक-एक गोल किया। तीसरे क्वॉर्टर में टेरेंस पीटर्स और जिप जैनसन ने चार मिनट के भीतर गोल कर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि रिजवान अली ने 53वें मिनट में पाकिस्तान के लिए सांत्वना गोल किया। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने खिलाड़ी राशिद महमूद के हवाले से कहा, 'यह एक बुरा दिन है हम ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने से चूक गए।' उन्होंने कहा, 'हम दूसरे मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। नीदरलैंड की टीम ने इस मैच में काफी अच्छे बचाव किए। हमारी शुरुआत अच्छी नहीं रही। हमने कई गलतियां कीं। पहले हाफ में उन्होंने हमारी गलतियों का फायदा उठाया। पहले हाफ में उनकी रफ्तार के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए।' पाकिस्तान ने 1960, 1968 और 1984 के ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीते लेकिन उसके बाद से उसका प्रदर्शन लगातार खराब होता गया है। उन्होंने आखिरी बार हॉकी में ओलिंपिक मेडल 1992 के बार्सिलोना ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
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