अरानी बसु, नई दिल्ली कहां हैं? क्या वह अभी फिट हैं? और बेंगलुरु स्थित नैशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) ने उनकी रिहैबिलिटेशन में क्या भूमिका निभायी है? भुवी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा हैं। वह अगस्त में वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के बाद से ही क्रिकेट से दूर हैं। एनसीए में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंगर प्रोग्राम का हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आधिकारिक रूप से भुवनेश्वर को चोटिल घोषित नहीं किया है लेकिन हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को मिली खबरों के अनुसार भुवी हेमस्ट्रिंग और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं। चयन समिति ने भी भुवनेश्वर को साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में न चुने जाने का कोई कारण नहीं दिया है। जब सितंबर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 इंटरनैशनल के लिए टीम का चयन किया गया तब यह कहा गया कि भुवनेश्वर 'उपलब्ध नहीं हैं'। यहां इस बात का जिक्र करना भी जरूरी है कि हाल ही में ऋद्धिमान साहा की चोट को जिस तरह देखा गया उसे लेकर एनसीए को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बीसीसीआई के एक आधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'एनसीए के साथ अब यह एक चलन बनता जा रहा है। रिहैब सेंटर की इसकी पहचान अब संकट में है। इस तरह के कई मामले अब सामने आ रहे हैं। साहा को करीब डेढ़ साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। ' साहा के साथ ही डोपिंग में पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिस तरह पृथ्वी साव के मामले को देखा गया उसे लेकर भी एनसीए की काफी आलोचनाएं हुईं। अधिकारी ने कहा, 'अगर भुवनेश्वर की चोट गंभीर नहीं है तो इस पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। यह बताया जाना चाहिए कि आखिर उन्हें मैदान पर लौटने में इतना समय क्यों लग रहा है। बोर्ड ने बताया कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या को इंग्लैंड जाने की जरूरत थी। बुमराह को तो सर्जरी की जरूरत भी नहीं थी।' टाइम्स ऑफ इंडिया की जानकारी के अनुसार पिछले साल जुलाई में इंग्लैंड के दौरे से लौटने के बाद से ही भुवनेश्वर चोट से परेशान हैं। तब से टीम इंडिया के साथ उनके सफर पर ब्रेक लगता रहा है। एक सूत्र ने कहा, 'उनकी सही तरह से देखभाल नहीं की गई। उनकी चोट बढ़ने दी गई क्योंकि टीम उन्हें वर्ल्ड कप ले जाना चाहती थी। जहां तक सीमित ओवरों के क्रिकेट की बात है वह अब भी भारतीय टीम की पहली पसंद हैं लेकिन अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों से पहले उन्हें मैदान पर लौटकर लय हासिल करनी होगी।' टाइम्स ऑफ इंडिया ने एनसीए के फिजियो आशीष कौशिक से इस बारे में बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि बीसीसीआई के नए प्रशासन को एनसीए पर स्टाफ की नियुक्ति को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाए जाने के आरोपों के बारे में बता दिया गया है।
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