Wednesday, October 30, 2019

'शाकिब की करतूत से हैरान हूं, कमबैक मुश्किल'

नई दिल्लीबांग्लादेश के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयनकर्ता हबीबुल बशर स्तब्ध हैं कि शाकिब अल हसन जैसे ‘परिपक्व’ व्यक्ति ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को भ्रष्ट संपर्क की शिकायत नहीं की। उनका साथ ही मानना है कि इस प्रतिबंधित ऑलराउंडर के लिए अपना शीर्ष स्थान दोबारा हासिल करना भले ही असंभव नहीं हो, लेकिन काफी मुश्किल होगा। दुनिया के नंबर एक ऑलराउंडर शाकिब को मंगलवार को आईसीसी ने 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग सहित तीन मौकों पर कथित सट्टेबाज दीपक अग्रवाल के भ्रष्ट संपर्क की जानकारी नहीं देने पर दो साल के लिए प्रतिबंधित किया, जिसमें एक साल का निलंबित प्रतिबंध भी शामिल है। बशर को उम्मीद है कि तीनों प्रारूपों में 11 हजार से अधिक रन और 500 से अधिक विकेट चटकाने वाले 32 साल के शाकिब प्रतिबंध के बाद टीम में वापसी करेंगे, लेकिन साथ ही कहा कि उनकी राह आसान नहीं होगी। बशर ने कहा, ‘यह मुश्किल होगा। शाकिब एक साल के लिए क्रिकेट से दूर हो गया है, जो उसके लिए मानसिक रूप से कड़ा होगा। एक साल के बाद, पहले वापसी करना और फिर प्रतिबंध से पहले की ऊंचाइयों को छूना आसान नहीं होगा लेकिन यह असंभव भी नहीं है।’ हैरानी हुई, क्योंकि शाकिब ने ऐसा किया उन्होंने कहा, ‘क्योंकि खिलाड़ी का नाम शाकिब है, मुझे उनकी क्षमता और प्रतिभा पर भरोसा है। उन्हें ऐसी चोटों का सामना करना पड़ा है, जिससे वह तीन से छह महीने के लिए बाहर रहे।’ बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘मैंने उन्हें रिहैबिलिटेशन से वापसी करते हुए देखा है और इसके बाद वह काफी जल्दी लय में आ गए। वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह दोबारा ऐसा नहीं कर सकते।’ बशर हालांकि अब तक इस झटके से नहीं उबर पाए हैं कि शाकिब ने भ्रष्ट संपर्क की जानकारी आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई को नहीं दी। छोटी सजा मिलना राहत वाली बात शाकिब के शुरुआती कप्तानों में से एक बशर ने कहा, ‘यह मेरे लिए स्तब्ध करने वाला था, लेकिन मेरे लिए यह तथ्य राहत देने वाला है कि शाकिब को लंबे समय से जानने के कारण मुझे पता है कि वह कभी किसी भ्रष्ट काम में शामिल नहीं होंगे। जहां तक मेरा सवाल है तो यह बड़ी राहत की बात है कि आईसीसी के उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में सजा नहीं दी है।’ बांग्लादेश की ओर से 50 टेस्ट और 111 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले बशर ने कहा, ‘लेकिन हां, मैं साथ ही हैरान हूं कि शाकिब जैसे परिपक्व व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई से नहीं की।’ बांग्लादेश के लिए बड़ा झटका, लेकिन... बशर ने स्वीकार किया कि यह बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बड़ा झटका है, लेकिन साथ ही देश के पास आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस पूर्व कप्तान ने कहा कि अब ध्यान तीन नवंबर से भारत के खिलाफ शुरू हो रही सीरीज पर होना चाहिए और देश के क्रिकेट जगत को शाकिब के निलंबन को अधिक तूल नहीं देना चाहिए। बशर ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि अतीत में हम शाकिब के बिना नहीं खेले। हम खेले हैं और उनकी गैरमौजूदगी में मैच भी जीते हैं। बेशक हमें उसकी कमी खलेगी लेकिन हमें उपलब्ध संसाधनों के साथ काम करना होगा।’ पढ़ें- मोमीनुल को कप्तानी उन्होंने कहा, ‘जो खेल रहे हैं उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी लेनी होगी।’ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट कप्तानी के लिए 28 साल के मोमीनुल हक को प्राथमिकता दी है और बशर का मानना है कि यह सही कदम है, क्योंकि पिछले दो साल से उन्हें कप्तानी के लिए निखारा जा रहा था। उन्होंने कहा, ‘मोमीनुल को कप्तान बनाने से पहले काफी विचार-विमर्श किया गया। निकट भविष्य में टेस्ट कप्तानी सौंपने के लिए बीसीबी उन्हें निखार रहा था। शाकिब, (महमूदुल्लाह) रियाद जैसे खिलाड़ी कुछ और साल खेलेंगे, लेकिन जहां तक कप्तानी का सवाल है तो हमें भविष्य के विकल्पों को देखना होगा।’ बशर ने कहा, ‘मोमीनुल पिछले दो साल से बांग्लादेश ए टीम का कप्तान है और हम सभी ने देखा है कि दबाव की स्थिति में वह धैर्य बरकरार रख सकता है। वह दबाव से निपट सकता है। इसलिए जहां तक बांग्लादेश का सवाल है तो वह सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।’


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